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पीयू के नॉन-टीचिंग स्टॉफ के कर्मियों को तोहफा
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पीयू के नॉन टीचिंग स्टॉफ कर्मियों को मिलेेंगे नए मकान
- 50 नए ए टाइप के मकानों के लिए आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से वीसी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सैंकड़ों नॉन टीचिंग कर्मियों को पंजाब यूनिवर्सिटी 50 नए मकानों का तोहफा देने जा रहा है। पीयू के वीसी प्रो. राजकुमार ने बताया कि वह 50 नए ए टाइप के मकानों के लिए आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मिल चुके हैं। गौरतलब है कि पीयू में सैंकड़ों नॉन टीचिंग कर्मी हैं, जिन्हें मकान नहीं मिलने की वजह से कैंपस से बाहर रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं इन नए मकानों के बन जाने से नॉन टीचिंग कर्मियों को कैंपस में रहने को मिलेगा। उनके परिवार को कैंपस का माहौल मिलेगा।
पुराने मकान हुए जर्जर, नहीं लेना चाहता कोई
पंजाब यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को मिले मकान कई साल पहले के बने हुए हैं। ऐसे में ज्यादातर मकानों की हालत जर्जर बनी हुई है। पीयू के नॉन टीचिंग इम्पलाइज फेडरेशन के प्रेसीडेंट दीपक की माने तो अब कर्मचारी इन मकानों में रहने से भी कतराते हैं। सभी मकानों को रिपेयर करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि वीसी प्रो. राजकुमार ने पीयू ज्वाइन करने के करीब एक महीने बाद कैंपस का दौरा किया था, उस समय वह कर्मचारियों को मिले मकानों की हालत को देख हैरान हुए थे और उन्होंने जल्द इस बाबत कुछ करने की बात कही थी। यूनिवर्सिटी के इस फैसने से नॉन टीचिंग कर्मियों में खुशी की लहर है।
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- 50 नए ए टाइप के मकानों के लिए आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से वीसी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सैंकड़ों नॉन टीचिंग कर्मियों को पंजाब यूनिवर्सिटी 50 नए मकानों का तोहफा देने जा रहा है। पीयू के वीसी प्रो. राजकुमार ने बताया कि वह 50 नए ए टाइप के मकानों के लिए आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मिल चुके हैं। गौरतलब है कि पीयू में सैंकड़ों नॉन टीचिंग कर्मी हैं, जिन्हें मकान नहीं मिलने की वजह से कैंपस से बाहर रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं इन नए मकानों के बन जाने से नॉन टीचिंग कर्मियों को कैंपस में रहने को मिलेगा। उनके परिवार को कैंपस का माहौल मिलेगा।
पुराने मकान हुए जर्जर, नहीं लेना चाहता कोई
पंजाब यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को मिले मकान कई साल पहले के बने हुए हैं। ऐसे में ज्यादातर मकानों की हालत जर्जर बनी हुई है। पीयू के नॉन टीचिंग इम्पलाइज फेडरेशन के प्रेसीडेंट दीपक की माने तो अब कर्मचारी इन मकानों में रहने से भी कतराते हैं। सभी मकानों को रिपेयर करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि वीसी प्रो. राजकुमार ने पीयू ज्वाइन करने के करीब एक महीने बाद कैंपस का दौरा किया था, उस समय वह कर्मचारियों को मिले मकानों की हालत को देख हैरान हुए थे और उन्होंने जल्द इस बाबत कुछ करने की बात कही थी। यूनिवर्सिटी के इस फैसने से नॉन टीचिंग कर्मियों में खुशी की लहर है।
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