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अब बाइक कैब सर्विस से सफर होगा आसान
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर में अब बड़े महानगरों की तर्ज पर लोगों की सुविधा के लिए बाइक कैब सर्विस का ऑप्शन भी रहेगा। इससे जहां लोग सस्ते रेटों में सफर कर पाएंगे, वहीं उन्हें जाम जैसी स्थिति का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। वहीं, बेरोजगार या पढ़ रहे युवकों को रोजगार का अवसर आसानी मिल पाएगा। यह संभव होने जा रहा है अपनी गाड़ी अपना रोजगार स्कीम के तहत। इसके तहत जिला ट्रांसपोर्ट विभाग ने बाइक कैब के लिए परमिट जारी करने का काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में 50 लोगों को परमिट जारी कर दिए गए है।
जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन यह प्रक्रिया अपनी गाड़ी अपना रोजगार स्कीम के तहत कर रहा है। इसके तहत चालक बाइक पर एक सवारी बैठा सकेगा। इस स्कीम के तहत बाइक किराए पर नहीं दी जाएगी। डीटीओ जसवीर सिंह ने उसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि परमिट जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, पता चला है कि उबर और ओला कैब कंपनियों की तरफ से टैक्सी कैब के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसके बाद वाहन की रोड में चलने की क्षमता आदि को चेक किया गया। इसके बाद उनके आफिस की तरफ से परमिट जारी किए गए है। ऐसे वाहनों की नंबर प्लेट भी पीले रंग की होगी। वहीं, डीटीओ दफ्तर के मुताबिक पांच महिला ड्राइवरों ने इसके लिए अप्लाई किया है। उनके केस भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से इस दिशा में अभी तक कोई पहल नहीं की गई है।
सफर आम आदमी की जेब में
जानकारों की माने तो बाइक कैब सर्विस सफर के लिए काफी फायदेमंद है। यह आम आदमी की जेब में है। इसमें कम से कम दूरी के लिए पंद्रह से बीस रुपये खर्च उठाना पड़ेगा। जबकि कैब में यह काफी ज्यादा होता है।
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बाइक कैब में इन मॉडलों के वाहन शामिल
डीटीओ आफिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिन बाइकों को मंजूरी दी गई है। उनमें बजाज, हीरो होंडा, रॉयल एनफिल्ड और सुजुकी के विभिन्न मॉडल शामिल हैं। वहीं, जल्द ही गियरलेस टू व्हीलर्स को भी जोड़ा जा रहा है। वहीं, इनमें कम से कम सौ सीसी इंजन वाले मॉडल शामिल है। जबकि मॉडल 2013 से ज्यादा पुराने नहीं है। हालांकि पता चला है कि विभाग के सॉफ्टवेयर में थोड़ी कमी आ रही है। जिससे चलते यह काम थोड़ा काम धीमा चला रहा है।
हेलमेट की कोई टेंशन नहीं
हालांकि अभी तक बाइक कैब ड्राइवरों ने के लिए ड्रेस नहीं है। हालांकि जो कंपनियां इसे चला रही हैं। उन्होंने अपना ड्रेस कोड बनाया हुआ है। उनके हेलमेट व शर्ट को कुछ अलग बनाया गया है। वहीं, वह अपने यात्रियों के लिए अलग से हेलमेट ले आते हैं। पता चला है कि दो नामी कंपनियां मोबाइल बेस्ड एप से भी यह सुविधा दे रही हैं।
इन शहरों में यह प्रोजेक्ट कर रहा काम
बाइक टैक्सी मॉडल केवल पंजाब ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी चल रहा है। कई राज्यों में कामयाब रहा है। इनमें राजस्थान, गोवा, गुजरात, नोएडा, गुरुग्राम, बंगलुरू और गाजियाबाद में भी यह स्कीम कामयाब रही है।
बाइक कैब के लिए ऐेसे मिलेगी मंजूरी
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बाइक कैब के लिए पहले पंजाब नंबर की बाइक को मौका दिया गया है। इसके अलावा अन्य स्टेट के लोग भी अपनी बाइक को कैब में तबदील कर सकते हैं। मगर वह 2 महीने से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा सभी के लिए नियम है कि उनके पास एलएमवी लाइसेंस होना जरूरी है। सभी टैक्स को मिलाकर उन्हें करीब 3200 रुपये फीस जमा करवानी होगी।
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मोहाली। शहर में अब बड़े महानगरों की तर्ज पर लोगों की सुविधा के लिए बाइक कैब सर्विस का ऑप्शन भी रहेगा। इससे जहां लोग सस्ते रेटों में सफर कर पाएंगे, वहीं उन्हें जाम जैसी स्थिति का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। वहीं, बेरोजगार या पढ़ रहे युवकों को रोजगार का अवसर आसानी मिल पाएगा। यह संभव होने जा रहा है अपनी गाड़ी अपना रोजगार स्कीम के तहत। इसके तहत जिला ट्रांसपोर्ट विभाग ने बाइक कैब के लिए परमिट जारी करने का काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में 50 लोगों को परमिट जारी कर दिए गए है।
जानकारी के मुताबिक, जिला प्रशासन यह प्रक्रिया अपनी गाड़ी अपना रोजगार स्कीम के तहत कर रहा है। इसके तहत चालक बाइक पर एक सवारी बैठा सकेगा। इस स्कीम के तहत बाइक किराए पर नहीं दी जाएगी। डीटीओ जसवीर सिंह ने उसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि परमिट जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, पता चला है कि उबर और ओला कैब कंपनियों की तरफ से टैक्सी कैब के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसके बाद वाहन की रोड में चलने की क्षमता आदि को चेक किया गया। इसके बाद उनके आफिस की तरफ से परमिट जारी किए गए है। ऐसे वाहनों की नंबर प्लेट भी पीले रंग की होगी। वहीं, डीटीओ दफ्तर के मुताबिक पांच महिला ड्राइवरों ने इसके लिए अप्लाई किया है। उनके केस भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से इस दिशा में अभी तक कोई पहल नहीं की गई है।
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सफर आम आदमी की जेब में
जानकारों की माने तो बाइक कैब सर्विस सफर के लिए काफी फायदेमंद है। यह आम आदमी की जेब में है। इसमें कम से कम दूरी के लिए पंद्रह से बीस रुपये खर्च उठाना पड़ेगा। जबकि कैब में यह काफी ज्यादा होता है।
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बाइक कैब में इन मॉडलों के वाहन शामिल
डीटीओ आफिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिन बाइकों को मंजूरी दी गई है। उनमें बजाज, हीरो होंडा, रॉयल एनफिल्ड और सुजुकी के विभिन्न मॉडल शामिल हैं। वहीं, जल्द ही गियरलेस टू व्हीलर्स को भी जोड़ा जा रहा है। वहीं, इनमें कम से कम सौ सीसी इंजन वाले मॉडल शामिल है। जबकि मॉडल 2013 से ज्यादा पुराने नहीं है। हालांकि पता चला है कि विभाग के सॉफ्टवेयर में थोड़ी कमी आ रही है। जिससे चलते यह काम थोड़ा काम धीमा चला रहा है।
हेलमेट की कोई टेंशन नहीं
हालांकि अभी तक बाइक कैब ड्राइवरों ने के लिए ड्रेस नहीं है। हालांकि जो कंपनियां इसे चला रही हैं। उन्होंने अपना ड्रेस कोड बनाया हुआ है। उनके हेलमेट व शर्ट को कुछ अलग बनाया गया है। वहीं, वह अपने यात्रियों के लिए अलग से हेलमेट ले आते हैं। पता चला है कि दो नामी कंपनियां मोबाइल बेस्ड एप से भी यह सुविधा दे रही हैं।
इन शहरों में यह प्रोजेक्ट कर रहा काम
बाइक टैक्सी मॉडल केवल पंजाब ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी चल रहा है। कई राज्यों में कामयाब रहा है। इनमें राजस्थान, गोवा, गुजरात, नोएडा, गुरुग्राम, बंगलुरू और गाजियाबाद में भी यह स्कीम कामयाब रही है।
बाइक कैब के लिए ऐेसे मिलेगी मंजूरी
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बाइक कैब के लिए पहले पंजाब नंबर की बाइक को मौका दिया गया है। इसके अलावा अन्य स्टेट के लोग भी अपनी बाइक को कैब में तबदील कर सकते हैं। मगर वह 2 महीने से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा सभी के लिए नियम है कि उनके पास एलएमवी लाइसेंस होना जरूरी है। सभी टैक्स को मिलाकर उन्हें करीब 3200 रुपये फीस जमा करवानी होगी।