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एरियल डिस्टेंस के पैमाने पर सवालों के कटघरे में प्रशासन
Updated Sat, 17 Jun 2017 02:04 AM IST
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एरियल दूरी के पैमाने पर सवालों के घेरे में प्रशासन
सड़क के रास्ते शराब के ठेकों की पैमाइश करने पर विचार कर रहा यूटी प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हवाई दूरी को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट भी प्रशासन की इस नीति पर सख्त टिप्पणी कर चुका है। नेशनल व स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेकों को बंद करने के यूटी प्रशासन के नोटिस पर हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को 4 जुलाई तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। अब प्रशासन एरियल डिस्टेंस के अपने ही फैसले को वापस लेने पर विचार कर रहा है। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो एरियल डिस्टेंस की जगह अब मोटरेबल यानी सड़क के रास्ते शराब के ठेकों की पैमाइश की जाएगी।
सुप्रीमकोर्ट ने नेशनल व स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराबबंदी का फैसला लागू किया है। सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले को ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने 2017-18 की एक्साइज पॉलिसी तैयार की थी। प्रशासन अब अपनी ही पॉलिसी के विरुद्ध जाकर शराब कारोबारियों को नोटिस भेजकर ठेके बंद करने के लिए कह रहा है। लाइसेंस जारी कर थमाया नोटिस
सेक्टर-7 व 8 के वाल्ट लिकर और जुबली लीकर के मालिकों ने कहा कि प्रशासन ने पहले उनसे शराब ठेके अलॉट कर करोड़ों रुपये लाइसेंस फीस ले ली। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए नोटिस थमा दिए। शराब कारोबारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कही भी एरियल व मोटरेबल डिस्टेंस के जरिए पैमाइश के लिए कहा गया है। प्रशासन सुप्रीमकोर्ट के फैसले का दुरुपयोग करते हुए मनमानी कर रहा है।
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सड़क के रास्ते शराब के ठेकों की पैमाइश करने पर विचार कर रहा यूटी प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हवाई दूरी को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट भी प्रशासन की इस नीति पर सख्त टिप्पणी कर चुका है। नेशनल व स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब के ठेकों को बंद करने के यूटी प्रशासन के नोटिस पर हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को 4 जुलाई तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। अब प्रशासन एरियल डिस्टेंस के अपने ही फैसले को वापस लेने पर विचार कर रहा है। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो एरियल डिस्टेंस की जगह अब मोटरेबल यानी सड़क के रास्ते शराब के ठेकों की पैमाइश की जाएगी।
सुप्रीमकोर्ट ने नेशनल व स्टेट हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराबबंदी का फैसला लागू किया है। सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले को ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने 2017-18 की एक्साइज पॉलिसी तैयार की थी। प्रशासन अब अपनी ही पॉलिसी के विरुद्ध जाकर शराब कारोबारियों को नोटिस भेजकर ठेके बंद करने के लिए कह रहा है। लाइसेंस जारी कर थमाया नोटिस
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सेक्टर-7 व 8 के वाल्ट लिकर और जुबली लीकर के मालिकों ने कहा कि प्रशासन ने पहले उनसे शराब ठेके अलॉट कर करोड़ों रुपये लाइसेंस फीस ले ली। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए नोटिस थमा दिए। शराब कारोबारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कही भी एरियल व मोटरेबल डिस्टेंस के जरिए पैमाइश के लिए कहा गया है। प्रशासन सुप्रीमकोर्ट के फैसले का दुरुपयोग करते हुए मनमानी कर रहा है।
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