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एमसी ने 200 को भेजे अवैध नोटिस, प्रशासन से हुई शिकायत

Thu, 28 Feb 2019 02:07 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Thu, 28 Feb 2019 02:07 AM IST
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एमसी ने 200 को भेजे अवैध नोटिस, प्रशासन से हुई शिकायत
निगम ने बिना प्रापर्टी चेक कराए 200 से अधिक लोगों को भेजे लाखों के नोटिस
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शिकायत के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई, लोगों में रोष, निगम कार्यालय के घेराव की चेतावनी

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एमसी के अधिकारियों की लापरवाही शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। निगम द्वारा लोगों की प्रापर्टी चेक कराए बगैर ही लाखों रुपये के टैक्स के नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे में शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि शिकायत करने के बाद भी निगम के अफसर चेत नहीं रहे हैं। अब शहर के उद्यमियों ने प्रशासन से प्रापर्टी चेक कराकर टैक्स लेने बात कही है। लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निगम ने अपना रवैया नही सुधारा तो निगम का घेराव किया जाएगा। निगम की ओर अब 200 से अधिक लोगों को ऐसे नोटिस भेजे जा चुके हैं।
नगर निगम में अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। निगम द्वारा शहर के लोगों को लाखों रुपये के हिसाब से प्रापर्टी टैक्स जमा करने के बिल भेजे जा रहे हैं जबकि लोगों ने पहले से ही अपने बिल जमा कर रखे हैं। इस संदर्भ में उद्यमी नवीन मंगलानी ने बताया कि एमसी द्वारा बिना प्रापर्टी चेक कराए ही लाखों रुपये का टैक्स भेज रहा है। उन्होंने बताया कि प्रापर्टी टैक्स जमा होने के बाद भी एमसी की ओर से ऐसे सैकड़ों की संख्या में लोगों को नोटिस भेजे गए हैं। इसके खिलाफ लोगों ने निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत भी की है लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। लोगों का कहना है कि यदि निगम ने प्रापर्टी चेक कराने के बाद बिल भेजने की प्रक्रिया शुरू नहीं की तो निगम का घ्ेाराव किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन से लोगों ने हस्तक्षेप करने की मांग की है।
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पहले भेजते रहें लाखों का बिल, फिर ठीक कराने के नाम पर करते हैं उगाही
जानकारों की मानें तो अधिक प्रापर्टी टैक्स का बिल भेजकर एमसी के कर्मचारी लोगों को पहले तो परेशान करते हैं, फिर बिल ठीक कराने के नाम पर पैसों की डिमांड करते हैं। इसकेे बाद लोग थक हारकर एमसी कर्मचारियों का सहारा लेते हैं। परेशान लोगों की मानें तो एमसी का यह खेल लंबे अरसे से चल रहा है। उद्यमियों का कहना है कि निगम अफसर नोटिस भेजकर लोगों को डराते हैं। उनका कहना है कि पहले तो गलत तरीके से नोटिस दिए जा रहे हैं, उसके बाद नोटिस में लोगों को डराया जाता है। नोटिस में लिखा जाता है कि यदि तीस दिन में पैसा जमा नहीं किया तो आपकी प्रापर्टी अटैच कर ली जाएगी। इससे लोगों में गुस्सा है।
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