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संघर्ष ही जिंदगी है
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खुद को खोजना ही एक्टिंग : मनोज शर्मा
भारतेंदु नाट्य अकादमी के पूर्व छात्र मनोज शर्मा ने रूबरू कार्यक्रम में साझा की अपनी बात
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। टीएफटी नेशनल विंटर थिएटर के 14वें दिन रूबरू कार्यक्रम के दौरान भारतेंदु नाट्य अकादमी के पूर्व छात्र मनोज शर्मा ने बताया कि रंगमंच का सफर काफी चैलेंजिंग होता है। उनका हौसला ही था जिसके कारण वह भारतेंदु नाट्य अकादमी पहुंचे। इसकी बदौलत उन्होंने दिल्ली आने पर हबीब तनवीर, सत्यदेव दुबे, रणजीत कपूर जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि जीवन समझने की नहीं जीने की चीज है और खुद को खोजना ही एक्टिंग है।
उन्होंने बताया कि भारतेंदु नाट्य अकादमी से पास आउट होकर 2001 में 10 साल बाद डिप्लोमा लेने पहुंचे तो वहां के डायरेक्टर ने उन्हें छात्रों को पढ़ने हेतु नियुक्त कर दिया। वह वहां वॉइस स्पीच की ट्रेनिंग के साथ साथ रेपेट्री के प्रोडक्शन्स के को-ऑर्डिनेटर भी हैं। वह मानते हैं कि युवाओं को जब तक मौके नहीं दोगे तब तक वो खुद को साबित नहीं कर पायेंगे। अपनी मां को अपना पहला गुरु मानने वाले मनोज शर्मा ने कहा उनकी मां उनसे कहती थी कि खुद से प्रश्न करो कि जो कर रहे हो सही है नहीं। यदि हां तो नि:संकोच अपने मार्ग पर बढ़ते रहो।
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भारतेंदु नाट्य अकादमी के पूर्व छात्र मनोज शर्मा ने रूबरू कार्यक्रम में साझा की अपनी बात
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। टीएफटी नेशनल विंटर थिएटर के 14वें दिन रूबरू कार्यक्रम के दौरान भारतेंदु नाट्य अकादमी के पूर्व छात्र मनोज शर्मा ने बताया कि रंगमंच का सफर काफी चैलेंजिंग होता है। उनका हौसला ही था जिसके कारण वह भारतेंदु नाट्य अकादमी पहुंचे। इसकी बदौलत उन्होंने दिल्ली आने पर हबीब तनवीर, सत्यदेव दुबे, रणजीत कपूर जैसे दिग्गजों के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि जीवन समझने की नहीं जीने की चीज है और खुद को खोजना ही एक्टिंग है।
उन्होंने बताया कि भारतेंदु नाट्य अकादमी से पास आउट होकर 2001 में 10 साल बाद डिप्लोमा लेने पहुंचे तो वहां के डायरेक्टर ने उन्हें छात्रों को पढ़ने हेतु नियुक्त कर दिया। वह वहां वॉइस स्पीच की ट्रेनिंग के साथ साथ रेपेट्री के प्रोडक्शन्स के को-ऑर्डिनेटर भी हैं। वह मानते हैं कि युवाओं को जब तक मौके नहीं दोगे तब तक वो खुद को साबित नहीं कर पायेंगे। अपनी मां को अपना पहला गुरु मानने वाले मनोज शर्मा ने कहा उनकी मां उनसे कहती थी कि खुद से प्रश्न करो कि जो कर रहे हो सही है नहीं। यदि हां तो नि:संकोच अपने मार्ग पर बढ़ते रहो।
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