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प्रशासन ग्रिड पर जल्द ही शुरू करेगा काम
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चंडीगढ़। प्रशासन ने स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-18 में स्काडा सेंटर बनाने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। प्रशासन को चुनाव आयोग से परमिशन मिलने के बाद टेंडर जारी कर दिया गया है। अब एक माह के अंदर टेंडर अलॉट कर काम शुरू किया जा सकता है। यह काम 1.70 करोड़ की लागत से कंप्लीट होगा। स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत 6 गांवों में 30 हजार अत्याधुनिक मीटर लगने हैं।
इसके अंतर्गत पूरे स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट की ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग होनी है। स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत प्रशासन चार सेक्टरों और छह गांवों में 30 हजार मीटर लगाने के पायलट प्रोजेक्ट पर पहले से ही काम कर रहा है। इसका सर्वे लगभग पूरा कर लिया है। पूरा स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट बिजली विभाग में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजेशन (स्काडा) से ही कंट्रोल होना है। स्काडा से यह फायदा होगा कि इसके कंट्रोल रूम में बैठा कर्मचारी किसी भी कंज्यूमर की कंजप्शन ज्यादा होने पर बिजली कट लगा देगा। इसके साथ ही उसे मैसेज भी देगा।
वहीं, इसमें लाइन टूटने या फॉल्ट का भी पता लगता रहेगा। स्काडा से ही संबंधित एसडीओ को डायरेक्शन होगी। इसमें एरिया के उपभोक्ता की बिजली चली जाने पर दूसरे सब स्टेशन से स्काडा के कंप्यूटराइज सिस्टम से ऑटोमेटिक जोड़ी जाएगी। स्मार्ट मीटर का कंट्रोल बिजली विभाग के ऑफिस में होगा, बिलिंग भी स्काडा रूम से ही जेनरेट हो सकेगी। इस संबंध में प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इलेक्शन कमीशन की परमिशन के बाद उन्होंने टेंडर जारी कर दिया है और एक माह के अंदर इसका काम अलॉट कर शुरू कर देंगे।
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इसके अंतर्गत पूरे स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट की ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग होनी है। स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत प्रशासन चार सेक्टरों और छह गांवों में 30 हजार मीटर लगाने के पायलट प्रोजेक्ट पर पहले से ही काम कर रहा है। इसका सर्वे लगभग पूरा कर लिया है। पूरा स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट बिजली विभाग में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजेशन (स्काडा) से ही कंट्रोल होना है। स्काडा से यह फायदा होगा कि इसके कंट्रोल रूम में बैठा कर्मचारी किसी भी कंज्यूमर की कंजप्शन ज्यादा होने पर बिजली कट लगा देगा। इसके साथ ही उसे मैसेज भी देगा।
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वहीं, इसमें लाइन टूटने या फॉल्ट का भी पता लगता रहेगा। स्काडा से ही संबंधित एसडीओ को डायरेक्शन होगी। इसमें एरिया के उपभोक्ता की बिजली चली जाने पर दूसरे सब स्टेशन से स्काडा के कंप्यूटराइज सिस्टम से ऑटोमेटिक जोड़ी जाएगी। स्मार्ट मीटर का कंट्रोल बिजली विभाग के ऑफिस में होगा, बिलिंग भी स्काडा रूम से ही जेनरेट हो सकेगी। इस संबंध में प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इलेक्शन कमीशन की परमिशन के बाद उन्होंने टेंडर जारी कर दिया है और एक माह के अंदर इसका काम अलॉट कर शुरू कर देंगे।
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