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बातों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया: नवजोत कौर
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बातों को तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है: नवजोत कौर
कांग्रेस की नेता ने कालोनी नंबर चार में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कालोनी नंबर चार में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने एक सभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सबका दिल भारी है। सबसे बड़ा धर्म है देश से प्यार। हम जात पात की लड़ाई में नहीं पड़नेवाले। पुलवामा की घटना इंटेलिजेंस फेलियर है।
यह पूछे जाने पर कि आपके पति ने पुलवामा की घटना के बाद डायलॉग होने की बात कही है इस पर क्या कहना है कि तो नवजोत कौर ने कहा कि बातें तोड़मोड़ कर पेश की जा रही हैं। इस बात को बड़े लीडरों पर छोड़ती हूं। नवजोत सिंह सिद्धू खुद आर्मी में जाना चाहते थे। पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेली तो पूरी दुश्मनी के साथ। लड़ाई समस्या का समाधान नहीं है। यह पता करना जरूरी है कि देश के अंदर ही टेररिस्ट क्यों बन रहे हैं। आर्मी को काम करने दीजिए। आर्मी को सब पता है कि क्या काम कब और कैसे करना है।
इस अवसर पर पूर्व मेयर पूनम शर्मा, इंदु सिंगला, छब्बू यादव सहित कई लोगों ने भी संबोधित किया। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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कांग्रेस की नेता ने कालोनी नंबर चार में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कालोनी नंबर चार में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने एक सभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सबका दिल भारी है। सबसे बड़ा धर्म है देश से प्यार। हम जात पात की लड़ाई में नहीं पड़नेवाले। पुलवामा की घटना इंटेलिजेंस फेलियर है।
यह पूछे जाने पर कि आपके पति ने पुलवामा की घटना के बाद डायलॉग होने की बात कही है इस पर क्या कहना है कि तो नवजोत कौर ने कहा कि बातें तोड़मोड़ कर पेश की जा रही हैं। इस बात को बड़े लीडरों पर छोड़ती हूं। नवजोत सिंह सिद्धू खुद आर्मी में जाना चाहते थे। पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेली तो पूरी दुश्मनी के साथ। लड़ाई समस्या का समाधान नहीं है। यह पता करना जरूरी है कि देश के अंदर ही टेररिस्ट क्यों बन रहे हैं। आर्मी को काम करने दीजिए। आर्मी को सब पता है कि क्या काम कब और कैसे करना है।
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इस अवसर पर पूर्व मेयर पूनम शर्मा, इंदु सिंगला, छब्बू यादव सहित कई लोगों ने भी संबोधित किया। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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