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हरियाणा के कालेजों की पीयू से मान्यता पर मंथन शुरू

Tue, 20 Jun 2017 02:07 AM IST
Updated Tue, 20 Jun 2017 02:07 AM IST
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हरियाणा के कालेजों की पीयू से मान्यता पर मंथन शुरू
हरियाणा के कॉलेजों की पीयू से मान्यता पर मंथन शुरू
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पंजाब यूनिवर्सिटी की आर्थिक दशा सुधारने की दिशा में खास प्रस्ताव
हरियाणा सरकार चाहती है कि कुछ कालेजों को पंजाब यूनिवर्सिटी प्रदान करे मान्यता
हाईकोर्ट के निर्देश पर वीसी संग बैठक में प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने की चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा के कुछ कॉलेजों को पंजाब यूनिवर्सिटी से मान्यता दिए जाने के प्रस्ताव पर मंथन शुरू हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को इस मसले पर पहले चरण की मीटिंग हुई। बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए मुद्दे के विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया गया। यह बैठक हरियाणा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी हायर एजुकेशन डॉ. महावीर सिंह और पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अरुण ग्रोवर के बीच हुई।

हरियाणा चाहता है पंजाब यूनिवर्सिटी से मान्यता
दरअसल, हरियाणा की ओर से कुछ समय पहले एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें पंजाब यूनिवर्सिटी से प्रदेश के कुछ कालेजों को मान्यता दिए जाने की बात कही गई थी। संयुक्त पंजाब के समय में भी हरियाणा के अधिकांश कॉलेज पीयू से ही संबद्ध थे। लेकिन हरियाणा के उदय और यहां बने विश्वविद्यालयों के कारण कॉलेज पंजाब यूनिवर्सिटी से छिटक गए। लेकिन अब हरियाणा ने हाईकोर्ट में पंजाब यूनिवर्सिटी के आर्थिक संकट को लेकर चल रहे केस में यह प्रस्ताव दिया था कि यदि पंजाब यूनिवर्सिटी हरियाणा के कुछ जिलों को अपनी मान्यता देती है तो इससे पंजाब यूनिवर्सिटी को हरियाणा की ओर से बड़ा राजस्व लाभ प्राप्त होगा। साथ ही पंजाब यूनिवर्सिटी का स्टेटस भी बढ़ेगा।
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बैठक में संभावनाओं पर चरचा
हरियाणा के इसी प्रस्ताव पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि हरियाणा के आला अफसर और पंजाब के वाइस चांसलर इस मुद्दे पर बैठक करें। इसी के चलते सोमवार को हरियाणा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी हायर एजुकेशन डॉ. महावीर सिंह और पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अरुण ग्रोवर के बीच बैठक हुई। वीसी ग्रोवर ने कहा कि ये बैठक हाईकोर्ट के निर्देशों पर आयोजित की गई थी और इस दौरान हरियाणा के प्रस्ताव पर चरचा की गई। उनके अनुसार पंजाब यूनिवर्सिटी को इस प्रस्ताव से कोई ऐतराज नहीं है। दूसरी ओर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी हायर एजुकेशन डा. महावीर सिंह ने बताया कि बैठक अभी प्रारंभिक दौर में हैं। वीसी से बातचीत हुई है, लेकिन इस मसले पर अभी अन्य आला अफसरों से भी बातचीत होनी है। उसके बाद ही कोई फैसला हो पाएगा।
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उधर, पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेटर प्रोफेसर गुरमीत सिंह कहते हैं कि आर्थिक संकट से जूझ रही पंजाब यूनिवर्सिटी के ये प्रस्ताव बहुत अच्छा है, क्योंकि जब हरियाणा के कालेज पीयू से मान्यता लेंगे तो इससे पीयू को अच्छी राजस्व आय होगी और पीयू का रुतबा भी बढ़ेगा। उनके अनुसार इसके साथ-साथ इससे पीयू को सेंट्रल फंडिड यूनिवर्सिटी बनाए जाने का दावा भी प्रबल होगा।


ये चुनौतियां भी रहेंगी

हालांकि प्रस्ताव पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए बहुत अच्छा है, लेकिन इसमें कई चुनौतियां भी रहेंगी। जानकारी के अनुसार हरियाणा में मौजूद कुछ यूनिवर्सिटी के टीचर एसोसिएशन इस प्रस्ताव से नाखुश है। क्योंकि वे नहीं चाहते कि हरियाणा के कालेज हरियाणा के विश्वविद्यालयों से छिटककर पंजाब यूनिवर्सिटी से संबंद्ध हो। इसलिए वे भी इसके विरोध करेंगे।
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