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सरकारी नौकरी पाना सभी की ईच्छा, राजनीति में युवा आना नहीं चाहता
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:16 AM IST
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सरकारी नौकरी सबकी पसंद, राजनीति में नहीं आना चाहते युवा
- पंजाब यूनिवर्सिटी में सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने किया संबोधित
- लोकतंत्र की परिचर्चा पर युवाओं से हुए रू-ब-रू
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
1983 में पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल के सचिव रहे और फिलहाल भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूड़ी मंगलवार को एक बार फिर पीयू आए। लॉ ऑडिटोरियम के मंच पर कहा कि यह वही स्टेज है, जहां 35 साल पहले ड्रामा किया था। रूड़ी पीयू के लॉ विभाग से पासआउट हैं। स्टूडेंट काउंसिल और एक वेबसाइट ने संयुक्त तौर पर लोकतंत्र पर परिचर्चा का आयोजन किया था। इसमें बॉलीवुड अदाकारा निमरत कौर, मिमिकरी आर्टिस्ट श्याम रंगीला भी पहुंचे।
युवाओं से रू-ब-रू होते हुए राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि हर कोई सरकारी नौकरी पाकर तीस साल के लिए स्थायी प्रक्रिया में शामिल होना चाहता है, लेकिन राजनीति में नहीं आना चाहता। उन्होंने आईएएस (इंडियन असेंबली सर्विस) और आईपीएस (इंडियन पारलियामेंट सर्विस) की नई राजनैतिक परिभाषा बताई और कहा कि कुछ ऐसा नाम देकर राजनीति में भी परीक्षा शुरू कर दें तो क्या पता युवाओं का रुझान बढ़ जाए। उन्होंने युवाओं से कहा कि जरूरी नहीं है कि सभी डिग्रियों का ढेर लगा सकें। ऐसे में स्किल डेवलपमेंट बेहद जरूरी है। स्कूल स्तर पर ही स्किल डेवलपमेंट का काम शुरू होना चाहिए। उनसे एक छात्र ने पूछा कि पीयू में चुनाव लड़ने पर कई तरह की पाबंदियां है, जैसे पोस्टर नहीं लगा सकते, पांच हजार रुपये से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते। इस पर सांसद ने कहा कि घबराओ मत, छात्र राजनीति ऐसे ही होती है। वहीं एक छात्र ने आरक्षण पर उनके विचार पूछे तो उन्होंने जवाब दिया कि जो मैं सोचता हूं, वह नहीं कह सकता, लेकिन हमारी सरकार ने इस पर पुनर्विचार याचिका दायर की।
राजीव प्रताप रूड़ी अपने पुराने दिनों को याद करते हुए स्टूडेंट सेंटर पर काउंसिल के दफ्तर में भी गए और हॉस्टल नंबर तीन भी गए, जहां वे रहा करते थे। इस दौरान उनके साथ डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. इमैनुअल नाहर, प्रो. नवदीप गोयल, स्टूडेंट काउंसिल की सचिव वाणी सूद और संयुक्त सचिव करन रंधावा भी मौजूद रहे।
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बॉक्स
अधिकारों का गलत इस्तेमाल करना अच्छी बात नहीं
कार्यक्रम में पहुंची अभिनेत्री निमरत कौर ने कहा कि अधिकारों का गलत इस्तेमाल करना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग युद्ध की बात करते हैं, लेकिन उसका दर्द क्या होता है, कभी महसूस नहीं किया गया। चूंकि उनका पारिवारिक बैकग्राउंड आर्मी से रहा है, तो वे इसे समझ सकती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे समाज में बदलाव लाने में भागीदार बनें।
बॉक्स
श्याम रंगीला के सपने में आते हैं मोदी
कार्यक्रम में पहुंचे कॉमेडियन श्याम रंगीला ने स्टूडेंट्स का मनोरंजन किया। अपने अंदाज में उन्होंने मोदी, राहुल और केजरीवाल का नाम संबोधन कर मिमिकरी की। श्याम रंगीला ने किसी का भी पद और पूरा नाम लिए बगैर मिमिकरी की। रंगीला ने कहा कि उनके सपने में मोदी आए, तो उनसे पूछा कि पेपर लीक हो गया। तब मोदी ने जवाब दिया कि पेपर लीक करके किसी को दो-तीन लाख रुपये का रोजगार मिला, तो इसमें बुराई क्या है? इस पर पूरे ऑडिटोरियम में ठहाके गूंजे। श्याम रंगीला ने बताया कि कैसे राहुल को मोदी की चाय पसंद नहीं आई और केजरीवाल को चाय में मिलावट लगी।
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- पंजाब यूनिवर्सिटी में सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने किया संबोधित
- लोकतंत्र की परिचर्चा पर युवाओं से हुए रू-ब-रू
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
1983 में पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल के सचिव रहे और फिलहाल भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूड़ी मंगलवार को एक बार फिर पीयू आए। लॉ ऑडिटोरियम के मंच पर कहा कि यह वही स्टेज है, जहां 35 साल पहले ड्रामा किया था। रूड़ी पीयू के लॉ विभाग से पासआउट हैं। स्टूडेंट काउंसिल और एक वेबसाइट ने संयुक्त तौर पर लोकतंत्र पर परिचर्चा का आयोजन किया था। इसमें बॉलीवुड अदाकारा निमरत कौर, मिमिकरी आर्टिस्ट श्याम रंगीला भी पहुंचे।
युवाओं से रू-ब-रू होते हुए राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि हर कोई सरकारी नौकरी पाकर तीस साल के लिए स्थायी प्रक्रिया में शामिल होना चाहता है, लेकिन राजनीति में नहीं आना चाहता। उन्होंने आईएएस (इंडियन असेंबली सर्विस) और आईपीएस (इंडियन पारलियामेंट सर्विस) की नई राजनैतिक परिभाषा बताई और कहा कि कुछ ऐसा नाम देकर राजनीति में भी परीक्षा शुरू कर दें तो क्या पता युवाओं का रुझान बढ़ जाए। उन्होंने युवाओं से कहा कि जरूरी नहीं है कि सभी डिग्रियों का ढेर लगा सकें। ऐसे में स्किल डेवलपमेंट बेहद जरूरी है। स्कूल स्तर पर ही स्किल डेवलपमेंट का काम शुरू होना चाहिए। उनसे एक छात्र ने पूछा कि पीयू में चुनाव लड़ने पर कई तरह की पाबंदियां है, जैसे पोस्टर नहीं लगा सकते, पांच हजार रुपये से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते। इस पर सांसद ने कहा कि घबराओ मत, छात्र राजनीति ऐसे ही होती है। वहीं एक छात्र ने आरक्षण पर उनके विचार पूछे तो उन्होंने जवाब दिया कि जो मैं सोचता हूं, वह नहीं कह सकता, लेकिन हमारी सरकार ने इस पर पुनर्विचार याचिका दायर की।
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राजीव प्रताप रूड़ी अपने पुराने दिनों को याद करते हुए स्टूडेंट सेंटर पर काउंसिल के दफ्तर में भी गए और हॉस्टल नंबर तीन भी गए, जहां वे रहा करते थे। इस दौरान उनके साथ डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. इमैनुअल नाहर, प्रो. नवदीप गोयल, स्टूडेंट काउंसिल की सचिव वाणी सूद और संयुक्त सचिव करन रंधावा भी मौजूद रहे।
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अधिकारों का गलत इस्तेमाल करना अच्छी बात नहीं
कार्यक्रम में पहुंची अभिनेत्री निमरत कौर ने कहा कि अधिकारों का गलत इस्तेमाल करना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग युद्ध की बात करते हैं, लेकिन उसका दर्द क्या होता है, कभी महसूस नहीं किया गया। चूंकि उनका पारिवारिक बैकग्राउंड आर्मी से रहा है, तो वे इसे समझ सकती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे समाज में बदलाव लाने में भागीदार बनें।
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श्याम रंगीला के सपने में आते हैं मोदी
कार्यक्रम में पहुंचे कॉमेडियन श्याम रंगीला ने स्टूडेंट्स का मनोरंजन किया। अपने अंदाज में उन्होंने मोदी, राहुल और केजरीवाल का नाम संबोधन कर मिमिकरी की। श्याम रंगीला ने किसी का भी पद और पूरा नाम लिए बगैर मिमिकरी की। रंगीला ने कहा कि उनके सपने में मोदी आए, तो उनसे पूछा कि पेपर लीक हो गया। तब मोदी ने जवाब दिया कि पेपर लीक करके किसी को दो-तीन लाख रुपये का रोजगार मिला, तो इसमें बुराई क्या है? इस पर पूरे ऑडिटोरियम में ठहाके गूंजे। श्याम रंगीला ने बताया कि कैसे राहुल को मोदी की चाय पसंद नहीं आई और केजरीवाल को चाय में मिलावट लगी।