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Panchkula News: एक सप्ताह में 110 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया
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भिक्षावृत्ति मुक्त पंचकूला अभियान के तहत कार्रवाई, बच्चों को परिजनों से मिलाया
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर की सड़कों, ट्रैफिक सिग्नलों और बाजारों में भीख मांगने या पेन-गुब्बारे बेचते नजर आने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पंचकूला पुलिस ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देश पर संचालित भिक्षावृत्ति मुक्त पंचकूला अभियान के तहत पिछले एक सप्ताह में 110 बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू किए गए अधिकांश बच्चे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के रहने वाले हैं। सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
अभियान के लिए इंस्पेक्टर राजेश कुमारी के नेतृत्व में छह सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम शहर के प्रमुख चौराहों, बस अड्डों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर लगातार निगरानी रख रही है।
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पेन और गुब्बारे बेचने की आड़ में मांग रहे थे भीख
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि कई बच्चे पेन और गुब्बारे बेचने की आड़ में लोगों से पैसे मांग रहे थे। ऐसे मामलों में बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों को थानों में बुलाकर समझाया गया कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दोबारा बच्चों के भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से भी जुड़ा अभियान
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि रेड लाइट और व्यस्त चौराहों पर बच्चों के घूमने से सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा भिक्षावृत्ति की आड़ में असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने की आशंका भी रहती है। इसलिए यह अभियान सामाजिक सरोकार के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाई जा रही हो या वे भीख मांगते दिखाई दें तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 81466-30022 पर दें। पुलिस का कहना है कि शहर को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने तक यह अभियान जारी रहेगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर की सड़कों, ट्रैफिक सिग्नलों और बाजारों में भीख मांगने या पेन-गुब्बारे बेचते नजर आने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पंचकूला पुलिस ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देश पर संचालित भिक्षावृत्ति मुक्त पंचकूला अभियान के तहत पिछले एक सप्ताह में 110 बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू किए गए अधिकांश बच्चे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के रहने वाले हैं। सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
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अभियान के लिए इंस्पेक्टर राजेश कुमारी के नेतृत्व में छह सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम शहर के प्रमुख चौराहों, बस अड्डों, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर लगातार निगरानी रख रही है।
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पेन और गुब्बारे बेचने की आड़ में मांग रहे थे भीख
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि कई बच्चे पेन और गुब्बारे बेचने की आड़ में लोगों से पैसे मांग रहे थे। ऐसे मामलों में बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों को थानों में बुलाकर समझाया गया कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दोबारा बच्चों के भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से भी जुड़ा अभियान
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा कि रेड लाइट और व्यस्त चौराहों पर बच्चों के घूमने से सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। इसके अलावा भिक्षावृत्ति की आड़ में असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने की आशंका भी रहती है। इसलिए यह अभियान सामाजिक सरोकार के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाई जा रही हो या वे भीख मांगते दिखाई दें तो इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 81466-30022 पर दें। पुलिस का कहना है कि शहर को पूरी तरह भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने तक यह अभियान जारी रहेगा।