{"_id":"5d82948d8ebc3e939f406d4f","slug":"10-years-jail-to-rapiest-panchkula-news-pkl351090872","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिगा से दुष्कर्म के दोषी को दस साल कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिगा से दुष्कर्म के दोषी को दस साल कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। जिला अदालत नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी युवक को दस साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने 55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी उत्तरप्रदेश के जिला रायबरेली का रहने वाला सोहन लाल है। किशोरी के पिता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि 13 जुलाई 2016 को उसकी बेटी घर से लापता हो गई थी। बेटी को तलाशने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। मई 2017 में किशोरी यूपी के रायबरेली से मिली। इसके बाद पुलिस ने सोहन लाल को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में कहा कि सोहन लाल ने उसे ड्रिंक में नशा मिला दिया था। जब वह बेहोश हो गई तो उसे वह अपने साथ रायबरेली ले गया। वहां उसने कई महीनों तक उसके साथ रेप किया। वहीं, सोहन लाल के वकील का कहना था कि दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। तभी वे यूपी चले गए थे। जब इस बात का लड़की के पिता को पता चला तो वह यूपी पहुंचा। लड़की ने पिता के दबाव में आकर लड़के के खिलाफ बयान दिए। बचाव पक्ष के तर्क को अदालत ने खारिज करते हुए दोषी को सजा सुनाई।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता ने बताया था कि 13 जुलाई 2016 को उसकी बेटी घर से लापता हो गई थी। बेटी को तलाशने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। मई 2017 में किशोरी यूपी के रायबरेली से मिली। इसके बाद पुलिस ने सोहन लाल को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयानों में कहा कि सोहन लाल ने उसे ड्रिंक में नशा मिला दिया था। जब वह बेहोश हो गई तो उसे वह अपने साथ रायबरेली ले गया। वहां उसने कई महीनों तक उसके साथ रेप किया। वहीं, सोहन लाल के वकील का कहना था कि दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। तभी वे यूपी चले गए थे। जब इस बात का लड़की के पिता को पता चला तो वह यूपी पहुंचा। लड़की ने पिता के दबाव में आकर लड़के के खिलाफ बयान दिए। बचाव पक्ष के तर्क को अदालत ने खारिज करते हुए दोषी को सजा सुनाई।
विज्ञापन