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Panchkula News: पंचकूला में राज्य इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए मांगी 10 एकड़ जमीन
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पंचकूला। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने पंचकूला में इंजीनियरिंग कॉलेज की बिल्डिंग के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए उन्होंने 10 एकड़ भूमि की मांग रखी है। इस सिलसिले में तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक की ओर से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला जिला उपायुक्त, एचएसआईआईडीसी और पंचकूला नगर निगम को पत्र लिखा गया है।
पत्र में कहा गया है कि शहर में उपयुक्त स्थान पर बिना किसी लागत के भूमि उपलब्ध करवाई जाए, ताकि यहां अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मानकों के अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन बनाया जा सके।
गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल पंचकूला में राज्य इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान शुरू करने के लिए आदेश जारी किए थे। इन आदेशों के तहत, शैक्षणिक सत्र 2023-24 से शहर के सेक्टर 26 स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक संस्थान में ही इंजीनियरिंग कॉलेज की कक्षाएं शुरू कर दी गई थी। फिलहाल यहां कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन और साइबर सिक्योरिटी के कोर्स करवाए जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि पंचकूला और आसपास के लोग अरसे से विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता से यहां इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की मांग कर रहे थे। इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार की ओर से अनेक प्रकार की औपचारिकताएं पूरी करने के साथ-साथ एआईसीटीई की बड़ी भूमिका रहती है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए एआईसीटीई से अप्रूवल लेने में काफी समय लगता है।
इसके मद्देनजर विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक संस्थान में ही बीटेक कोर्स की मांग प्रदेश सरकार के सामने रखी थी। इस संबंध में उन्होंने पिछले साल 7 अप्रैल को उच्चतर शिक्षा विभाग के मंत्री मूल चंद शर्मा को पत्र लिखा था। प्रदेश सरकार ने तीन दिन के भीतर उनकी मांग को स्वीकार करके अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए थे। इन निर्देशों के तहत पंचकूला में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई और यहां कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के सबसे महत्वपूर्ण कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन और साइबर सिक्योरिटी के कोर्स शुरू किए गए। इन कोर्सों की अपने देश के साथ-साथ विदेशों में भी काफी मांग है।
ज्ञान चंद गुप्ता का कहना है कि आज के मशीनी युग में प्रदेश में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। पंचकूला और आस-पास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की रफ्तार को देखते हुए यहां सूचना प्रौद्योगिकी आधारित बीटेक इंजीनियरिंग कोर्स की जरूरत है। उन्होंने ऑटोमेशन कंट्रोल, डिजाइनिंग, क्वालिटी कंट्रोल, फैब्रिकेशन इंस्पेक्शन, मेंटेनेंस सर्विस इत्यादि कोर्सों के भी शुरू करने की मांग की है।
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पत्र में कहा गया है कि शहर में उपयुक्त स्थान पर बिना किसी लागत के भूमि उपलब्ध करवाई जाए, ताकि यहां अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मानकों के अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेज का भवन बनाया जा सके।
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गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल पंचकूला में राज्य इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान शुरू करने के लिए आदेश जारी किए थे। इन आदेशों के तहत, शैक्षणिक सत्र 2023-24 से शहर के सेक्टर 26 स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक संस्थान में ही इंजीनियरिंग कॉलेज की कक्षाएं शुरू कर दी गई थी। फिलहाल यहां कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन और साइबर सिक्योरिटी के कोर्स करवाए जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि पंचकूला और आसपास के लोग अरसे से विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता से यहां इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की मांग कर रहे थे। इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार की ओर से अनेक प्रकार की औपचारिकताएं पूरी करने के साथ-साथ एआईसीटीई की बड़ी भूमिका रहती है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए एआईसीटीई से अप्रूवल लेने में काफी समय लगता है।
इसके मद्देनजर विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक संस्थान में ही बीटेक कोर्स की मांग प्रदेश सरकार के सामने रखी थी। इस संबंध में उन्होंने पिछले साल 7 अप्रैल को उच्चतर शिक्षा विभाग के मंत्री मूल चंद शर्मा को पत्र लिखा था। प्रदेश सरकार ने तीन दिन के भीतर उनकी मांग को स्वीकार करके अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए थे। इन निर्देशों के तहत पंचकूला में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना हुई और यहां कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के सबसे महत्वपूर्ण कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन और साइबर सिक्योरिटी के कोर्स शुरू किए गए। इन कोर्सों की अपने देश के साथ-साथ विदेशों में भी काफी मांग है।
ज्ञान चंद गुप्ता का कहना है कि आज के मशीनी युग में प्रदेश में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं। पंचकूला और आस-पास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की रफ्तार को देखते हुए यहां सूचना प्रौद्योगिकी आधारित बीटेक इंजीनियरिंग कोर्स की जरूरत है। उन्होंने ऑटोमेशन कंट्रोल, डिजाइनिंग, क्वालिटी कंट्रोल, फैब्रिकेशन इंस्पेक्शन, मेंटेनेंस सर्विस इत्यादि कोर्सों के भी शुरू करने की मांग की है।