पलवल। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण यूनियन के आह्वान पर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने बुधवार को विश्व एड्स दिवस को काले दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर एड्स नियंत्रण विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्य स्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। विरोध उमेद कुमार के नेतृत्व में जताया गया।
इस अवसर पर जिला इकाई के पदाधिकारी नरेश कुमार, दीपक शर्मा, मेघराज, निशा रानी, मीरा मेहता ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में 117 आईसीटीसी सेंटर, 11 एआरटी सेंटर, पांच एफआईएआरटी सेंटर, चार एलएसी सेंटर, 32 एसटीआई क्लीनिक, नौ ओएसटी सेंटर्स हैं, जोकि स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रदेश में 35 हजार के लगभग एचआईवी पीड़ित मरीज पंजीकृत हैं, जिन्हें साइकोलोजिकल काउंसलिंग, दवाइयां तथा समय-समय पर जांच अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि नैको द्वारा 2017 में एनएसीपी 5 लागू करना था, परंतु अभी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि एक दिसंबर 2017 में वेतन की बढ़ोतरी होगी, परंतु पांच साल से इंतजार भी वेतन नहीं बढ़ाया गया है। पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ सालों में महंगाई इस कद्र बढ़ी है कि विभाग की ओर से दिए जा रहे वेतनमान से घर चलाना तो दूर की बात है, कर्मचारी स्वयं का खर्चा भी नहीं उठा पा रहे हैं। कर्मचारियों की विभाग से मांग है कि जब कर्मचारियों का वेतनमान बढ़ाया जाए।