पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर किसानों का धरना बुधवार को भी जारी रहा। इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बुलावा आने पर किसानों की संसद में पलवल धरने के कृषक भी हिस्सा लेंगे। वहीं, किसानों ने पालों के हिसाब से 36 बिरादरी के लोगों को महापंचायत में शामिल करने की योजना बनाई। सभी पाल पंचों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, किसान संघर्ष समिति द्वारा गठित चार टीमों ने गांव-गांव जाकर लोगों से महापंचायत में पहुंचने की अपील की।
धरने को संबोधित कर किसान नेताओं ने कहा कि महापंचायत के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। 36 बिरादरी और सभी जाति धर्म के लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। सभी राजनीतिक, सामाजिक और कर्मचारी संगठन भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने बृहस्पतिवार को संसद के बाहर किसानों की संसद लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्पीकर और डिप्टी स्पीकर भी चुने जाएंगे तथा कृषि कानूनों पर चर्चा की जाएगी। कार्यवाई पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगी, इस दौरान कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। जब तक संसद की कार्यवाई जारी रहेगी, तब तक किसानों की संसद भी जारी रहेगी। 26 जुलाई को महिला किसानों की संसद लगाई जाएगी। मोर्चा द्वारा बुलावा आने पर पलवल धरने से भी किसानों की संसद में कृषक हिस्सा लेंगे। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता चौधरी रूपचंद दलाल ने की, जबकि संचालन भागीरथ बेनीवाल ने किया। धरने को किसान नेता मट्ठन चौहान, अच्छेलाल जोधपुर, बीर सिंह चौहान, चंद्रमुनि धतीर, रोशनलाल अल्लीका, भीम सिंह तेवतिया, बीर सिंह दलाल, हरी नंबरदार, चेतराम चौहान, करतार चौहान, हुकम अटोहां आदि ने संबोधित किया।