{"_id":"5fe0db938ebc3e3d5a44e3e7","slug":"water-proof-pandal-will-protect-against-cold-winds-palwal-news-noi5553131121","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्द हवाओं से बचाएगा वाटर प्रूफ पंडाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्द हवाओं से बचाएगा वाटर प्रूफ पंडाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल (प्रवीण बैंसला)। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने में किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सोमवार को पंडाल बदलने का काम शुरू कर दिया गया। अब धरना स्थल पर चंदे की राशि से वाटर प्रूफ पांडाल लगाया जा रहा है। जिससे कड़ाके की ठंड किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी। बारिश भी धरने को प्रभावित नहीं कर पाएगी।
दो दिसंबर को बुंदेलखंड से आए किसानों को पुलिस ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के पास रोक दिया। पुलिस के रोके जाने पर किसानों ने राजमार्ग पर भी धरना शुरू कर दिया। करीब तीन दिन बाद किसानों का एक और जत्था आया और दोनों सड़कों को जाम कर दिया गया। धरना स्थल पर किसानों के बैठने के लिए पंडाल लगाया गया। बुंदेलखंड के सैकड़ों किसानों के साथ अब स्थानीय किसानों ने धरने में शामिल होना शुरू कर दिया। रोजाना गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर स्थानीय किसान धरना स्थल पर पहुंच रहे है। दिन के समय भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि जगह छोटी पड़ जाती है। वहीं टेंट खुला होने के कारण सर्द हवाएं भी परेशान करती हैं। इससे बचने के लिए अब धरना स्थल पर वाटर प्रूफ पंडाल लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
वर्जन-
शुरुआत में किराए का टेंट मंगवाकर लगवाया गया था। स्थानीय लोगों के समर्थन के बाद यह छोटा पड़ने लगा है। वहीं ठंड भी काफी बढ़ गई है। ऐसे में अब वाटर प्रूफ पंडाल लगवाया जाएगा, जिससे किसानों को कोई परेशानी न हो। - विमल कुमार शर्मा, अध्यक्ष, बुंदेलखंड किसान यूनियन
विज्ञापन
विज्ञापन
दो दिसंबर को बुंदेलखंड से आए किसानों को पुलिस ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज के पास रोक दिया। पुलिस के रोके जाने पर किसानों ने राजमार्ग पर भी धरना शुरू कर दिया। करीब तीन दिन बाद किसानों का एक और जत्था आया और दोनों सड़कों को जाम कर दिया गया। धरना स्थल पर किसानों के बैठने के लिए पंडाल लगाया गया। बुंदेलखंड के सैकड़ों किसानों के साथ अब स्थानीय किसानों ने धरने में शामिल होना शुरू कर दिया। रोजाना गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर स्थानीय किसान धरना स्थल पर पहुंच रहे है। दिन के समय भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि जगह छोटी पड़ जाती है। वहीं टेंट खुला होने के कारण सर्द हवाएं भी परेशान करती हैं। इससे बचने के लिए अब धरना स्थल पर वाटर प्रूफ पंडाल लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
वर्जन-
शुरुआत में किराए का टेंट मंगवाकर लगवाया गया था। स्थानीय लोगों के समर्थन के बाद यह छोटा पड़ने लगा है। वहीं ठंड भी काफी बढ़ गई है। ऐसे में अब वाटर प्रूफ पंडाल लगवाया जाएगा, जिससे किसानों को कोई परेशानी न हो। - विमल कुमार शर्मा, अध्यक्ष, बुंदेलखंड किसान यूनियन
विज्ञापन