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टनल धंसाव : हादसे में धंसी जमीन का अधिग्रहण कर सकता है रेलवे
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प्रभावित स्थल पर बैरिकेडिंग का कार्य शुरू, ग्रामीणों को दूर रहने के लिए कहा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। पाटूका में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माणाधीन टनल धंसाव स्थल पर बैरिकेडिंग का कार्य शुरू हो गया है। ग्रामीणों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने के लिए कहा गया है।
एडीसी ज्योति के नेतृत्व में गठित जांच टीम के मंगलवार को घटनास्थल के निरीक्षण के बाद प्रशासन ने प्रभावित किसानों को मुआवजा और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जिन खेतों की जमीन धंसी है, वहां भराव के बाद रेलवे विभाग अधिग्रहण करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम तक रेलवे और निर्माण कंपनी को पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग पूरी करने का समय दिया गया है। बैरिकेडिंग पूरी होने के बाद भराव किया जाएगा और उसके बाद मकान और स्कूल भवन को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। जांच कमेटी की ओर से सिफारिश की जाएगी कि धंसाव से प्रभावित करीब 5 एकड़ जमीन का भविष्य में रेलवे द्वारा अधिग्रहण किया जाए। हालांकि, कुछ ग्रामीण टनल के उपर के सभी खेतों का अधिग्रहण चाहते हैं, जो उनकी पुरानी मांग रही है, लेकिन फिलहाल टीम धंसाव प्रभावित खेतों के मुआवजे की ही सिफारिश भेजेगी।
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जांच कमेटी सदस्य तावडू एसडीएम जितेंद्र कुमार गर्ग ने बताया कि मुआवजे की मांग की समीक्षा कर निर्णय उच्च अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि तावडू उपमंडल की सेहसोला पंचायत के गांव पाटुका में 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को निर्माणाधीन टनल पर मिट्टी धंसने की घटनाएं हुई थीं। 10 अक्टूबर को बड़े स्तर पर करीब 500 मीटर के दायरे में मिट्टी धंस गई थी, जिसमें 4-5 एकड़ भूमि प्रभावित हुई, रास्ते टूट गए और एक गैस पाइपलाइन भी सतह पर आ गई थी।
वर्जन
ग्रामीणों ने अपनी जमीन का एचओआरसी द्वारा अधिग्रहण क मांग की है। इस पर विचार किया जाएगा। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - ज्योति, एडीसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। पाटूका में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माणाधीन टनल धंसाव स्थल पर बैरिकेडिंग का कार्य शुरू हो गया है। ग्रामीणों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने के लिए कहा गया है।
एडीसी ज्योति के नेतृत्व में गठित जांच टीम के मंगलवार को घटनास्थल के निरीक्षण के बाद प्रशासन ने प्रभावित किसानों को मुआवजा और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जिन खेतों की जमीन धंसी है, वहां भराव के बाद रेलवे विभाग अधिग्रहण करेगा।
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अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम तक रेलवे और निर्माण कंपनी को पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग पूरी करने का समय दिया गया है। बैरिकेडिंग पूरी होने के बाद भराव किया जाएगा और उसके बाद मकान और स्कूल भवन को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा। जांच कमेटी की ओर से सिफारिश की जाएगी कि धंसाव से प्रभावित करीब 5 एकड़ जमीन का भविष्य में रेलवे द्वारा अधिग्रहण किया जाए। हालांकि, कुछ ग्रामीण टनल के उपर के सभी खेतों का अधिग्रहण चाहते हैं, जो उनकी पुरानी मांग रही है, लेकिन फिलहाल टीम धंसाव प्रभावित खेतों के मुआवजे की ही सिफारिश भेजेगी।
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जांच कमेटी सदस्य तावडू एसडीएम जितेंद्र कुमार गर्ग ने बताया कि मुआवजे की मांग की समीक्षा कर निर्णय उच्च अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि तावडू उपमंडल की सेहसोला पंचायत के गांव पाटुका में 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को निर्माणाधीन टनल पर मिट्टी धंसने की घटनाएं हुई थीं। 10 अक्टूबर को बड़े स्तर पर करीब 500 मीटर के दायरे में मिट्टी धंस गई थी, जिसमें 4-5 एकड़ भूमि प्रभावित हुई, रास्ते टूट गए और एक गैस पाइपलाइन भी सतह पर आ गई थी।
वर्जन
ग्रामीणों ने अपनी जमीन का एचओआरसी द्वारा अधिग्रहण क मांग की है। इस पर विचार किया जाएगा। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - ज्योति, एडीसी