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पुलिस शहीदी दिवस पर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
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पलवल। पुलिस शहीदी दिवस पर बृहस्पतिवार को कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान ड्यूटी के दौरान शहादत देने वाले पुलिस जवानों को याद किया गया। पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पमाला अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने किया। उन्होंने शहीदों के परिवार वालों को सम्मानित भी किया।
एसपी दीपक गहलावत ने कहा कि 21 अक्टूबर के दिन को पुलिस शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। पलवल जिले के गांव गुदराना निवासी ईएचसी बाबूराम, उटावड़ निवासी सिपाही उमर मोहम्मद व भिडूकी गांव निवासी सिपाही ब्रजभूषण शहीद हुए। ईएचसी बाबूराम 9 दिसंबर वर्ष 2009 में गुरुग्राम में तैनात थे उसी समय कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर वह खांडसा मार्ग पर बोलेरो गाड़ी को रुकवाने का प्रयास कर रहे थे उसी दौरान बोलेरो कार चालक ने बाबूराम को सीधी टक्कर मार दी। जिससे मौके पर बाबूराम शहीद हो गए। इसी प्रकार सिपाही उमर मोहम्मद आठ फरवरी वर्ष 2008 को गुरुग्राम में तैनात थे और राजस्थान के भरतपुर में कुख्यात अपराधियों की धरपकड़ करने के दौरान व अपराधियों की गोली का शिकार हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए। इसी प्रकार सिपाही ब्रजभूषण भी 13 फरवरी वर्ष 2007 में दिल्ली के थाना न्यू फ्रेंडस कालोनी में ड्यूटी के दौरान लुटेरों से हुई मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे। तीनों शहीद पुलिस कर्मियों को उनके बलिदान व अदम्य साहस के लिए देश के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक ने शहीदों के परिवारों को सम्मानित करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन हर समय उनके साथ है।
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एसपी दीपक गहलावत ने कहा कि 21 अक्टूबर के दिन को पुलिस शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। पलवल जिले के गांव गुदराना निवासी ईएचसी बाबूराम, उटावड़ निवासी सिपाही उमर मोहम्मद व भिडूकी गांव निवासी सिपाही ब्रजभूषण शहीद हुए। ईएचसी बाबूराम 9 दिसंबर वर्ष 2009 में गुरुग्राम में तैनात थे उसी समय कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर वह खांडसा मार्ग पर बोलेरो गाड़ी को रुकवाने का प्रयास कर रहे थे उसी दौरान बोलेरो कार चालक ने बाबूराम को सीधी टक्कर मार दी। जिससे मौके पर बाबूराम शहीद हो गए। इसी प्रकार सिपाही उमर मोहम्मद आठ फरवरी वर्ष 2008 को गुरुग्राम में तैनात थे और राजस्थान के भरतपुर में कुख्यात अपराधियों की धरपकड़ करने के दौरान व अपराधियों की गोली का शिकार हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए। इसी प्रकार सिपाही ब्रजभूषण भी 13 फरवरी वर्ष 2007 में दिल्ली के थाना न्यू फ्रेंडस कालोनी में ड्यूटी के दौरान लुटेरों से हुई मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए थे। तीनों शहीद पुलिस कर्मियों को उनके बलिदान व अदम्य साहस के लिए देश के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक ने शहीदों के परिवारों को सम्मानित करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन हर समय उनके साथ है।
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