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Mahendragarh Accident: छह बच्चों की मौत के बाद जागा प्रशासन, कार्रवाई शुरू; एक दिन में काटे 50 वाहनों के चालान
Fri, 12 Apr 2024 05:41 PM IST
श्याम जी.
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 12 Apr 2024 05:41 PM IST
सार
महेंद्रगढ़ में हादसे के बाद प्रशासन ने स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। यातायात पुलिस विभाग ने एक दिन में करीब 30 स्कूली बसों व वाहनों के चालान काटे। वहीं, शिक्षा विभाग ने भी नियमों का उल्लंघन कर स्कूल बस व वाहन चलाने वाले स्कूलों की सूची बनानी शुरू कर दी है।
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एक स्कूली बस में बैठे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महेंद्रगढ़ में बृहस्पतिवार को स्कूल बस हादसे में हुई छह बच्चों की मौत के बाद जिले में पुलिस प्रशासन की भी नींद खुल गई। प्रशासन ने नियमों को ताक पर रखकर स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। यातायात पुलिस विभाग ने शुक्रवार को जिले में करीब 50 वाहनों के चालान काटे, जिनमें 30 स्कूली बसें भी शामिल हैं। इतना ही नहीं शिक्षा विभाग ने भी नियमों का उल्लंघन कर स्कूल बस व वाहन चलाने वाले स्कूलों की सूची बनानी शुरू कर दी है। इससे स्कूल संचालकों में भी भय बन गया है। जिले में नियमों का उड़ाए जा रहे मखौल के चलते कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी पुलिस-प्रशासन का ध्यान नहीं है।
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बता दें कि जिले में स्थित निजी स्कूल यातायात तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन कर रहे हैं। निजी स्कूल संचालकों द्वारा बच्चों को लाने-ले जाने के लिए जो बसें लगाई जा रही हैं, उनमें से अधिकांश बसों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। नियमानुसार बस की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा की होनी चाहिए, लेकिन पलवल में सड़कों पर बस चालक 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी दौड़ाते नजर आते हैं। इतना ही नहीं बस का स्पीड मीटर भी छह महीने में अपडेट नहीं होता है, जबकि नियमानुसार हर छह महीने में अपडेट होना चाहिए। अधिकांश बसों में जीपीएस सिस्टम भी नहीं लगा हुआ है। यहां तक कि अधिकांश स्कूलों की बसों में महिला सहायिका भी नहीं हैं।
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बसों की टूटी पड़ी हैं खिड़कियां
अधिकांश स्कूल बसों में खिड़कियां टूटी पड़ी हैं। बसों के अंदर बैठे बच्चों को गर्मी हो, सर्दी हो या फिर बारिश सब कुछ झेलनी पड़ती है। आज तक स्कूल संचालकों द्वारा बसों को दुरुस्त कराने की तरफ भी ध्यान नहीं दिया है। कई बार आरटीए द्वारा स्कूल संचालकों को नोटिस भी दिए गए हैं, लेकिन उसके बावजूद नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं अधिकांश बसों के टायर भी खराब हैं और इंश्योरेंस तक खत्म हुए पड़े हैं।
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रिकॉर्ड के अनुसार स्कूलों की 275 बसें हैं
आरटीए रिकॉर्ड को मानें तो जिले में 275 स्कूली बस चल रही हैं, जबकि बिना रिकॉर्ड के इससे ज्यादा बसें चल रही हैं। 10 साल होने के कारण स्कूल संचालक न तो रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं और न ही उनका इंश्योरेंस। इनमें अन्य सुविधाएं भी नहीं हैं। आरटीए को इन सबकी जानकारी है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
अवैध वाहन, तिपहिया, कैब, ईको में भी बच्चों को ढोह रहे
जिले में बसों के अलावा अवैध वाहन, ईको, कैब और तिपहिया तक स्कूली बच्चों को ढोह रहे हैं। इन वाहनों में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भरा जाता है। क्षमता से अधिक बच्चों को इन वाहनों में भरकर चलाया जाता है, लेकिन न तो इस तरफ आरटीए कार्रवाई करता है और न ही पुलिस प्रशासन। यही कारण है कि स्कूलों की बसों व वाहनों की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। पहले भी जिले में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन उसके बावजूद पुलिस-प्र्रशासन नहीं जागा है।
ये हो चुकी हैं स्कूली बच्चों व वाहनों की दुर्घटनाएं
फरवरी 2023 में होशंगाबाद के पास एक स्कूली बस द्वारा तिपहिया में टक्कर मारने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जिले में एक अन्य स्थान पर स्कूली बस की टक्कर से एक बच्चे की मौत हो गई थी। उधर 11 अप्रैल को एक स्कूली बस में अचानक आग लग गई थी। जिसमें बच्चे बड़ी मुश्किल से बचे थे। इनके अलावा भी जिले में कई बार स्कूली वाहनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
अब जागा है पुलिस-प्रशासन
महेंद्रगढ़ में दुर्घटना होने के बाद जिले में पुलिस-प्रशासन अब जागा है। आरटीए ने शुक्रवार को स्कूली बसों में नियम पूरे करने के लिए जहां स्कूल संचालकों को नोटिस देने शुरू किए हैं, वहीं पुलिस विभाग ने सड़कों पर खड़े होकर नियम ताक पर रख बच्चों को ले जा रहे वाहनों के चालान करने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को यातायात पुलिस विभाग ने 50 वाहनों के चालान किए। एक वाहन में 17 बच्चे भरे होने के चलते पुलिस ने बच्चों को गाड़ी से बाहर निकलवाकर उसे बंद कर दिया तथा बच्चों के परिजनों को सूचना भेजकर बच्चों को उनके साथ भिजवाया।
यातायात नियमों का उल्लंघन कर स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों के चालान किए गए। ऐसे करीब 50 वाहनों के चालान किए गए हैं। उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन वाहनों को बंद भी किया जाएगा। स्कूल संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, ताकि बच्चों की जान खतरे में न डाली जाए।