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Palwal News: टोल टैक्स करोड़ों में, गड्ढों में कैद सुरक्षित सफर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:53 AM IST
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Toll taxes in the crores, yet safe travel remains trapped in potholes.
पृथला फ्लाईओवर उखड़ी हुई सड़क व गड्ढे।
दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जगह-जगह गड्ढों से मुश्किल में सुरक्षित सफर
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267 लोगों की जान सड़क हादसों ने ली इस साल जिले में
90 लाख की टोल वसूली प्रतिदिन

विपिन सैनी


पलवल।
दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर सफर करने वाले वाहन चालकों को भारी टोल चुकाने के बावजूद सुरक्षित सड़कें नसीब नहीं हो रही हैं। जिले में हाईवे के फ्लाईओवरों पर बने गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। कहीं सड़क की परत उखड़ चुकी है तो कहीं मरम्मत के नाम पर लगाई गई पट्टियों के कारण वाहन हिचकोले खाते हैं।

गदपुरी और करमन टोल प्लाजा पर प्रतिदिन करीब 90 लाख से अधिक रुपये की टोल वसूली के दावों के बीच सड़क की बदहाली ने रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के समय कई हिस्सों में रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने से गड्ढों का अंदाजा लगाना और मुश्किल हो जाता है। अचानक गड्ढा सामने आने पर वाहन अनियंत्रित होने और टायर क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
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जिले में जनवरी 2026 से अब तक करीब 510 सड़क हादसों में 403 लोग घायल और 267 लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में हाईवे की खस्ता हालत को नजरअंदाज करना वाहन चालकों की सुरक्षा पर भारी पड़ सकता है।
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तीन प्रमुख फ्लाईओवरों पर ज्यादा परेशानी

हुडा फ्लाईओवर : करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2021 में तैयार हुए इस फ्लाईओवर की सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। वाहन चालकों को इनसे बचकर निकलना पड़ता है।

पृथला फ्लाईओवर :
करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल पर मरम्मत के बावजूद सड़क समतल नहीं है और कई जगह से सड़क उखड़ रही है। इस कारण चालकों को झटके लगते हैं।

बघौला फ्लाईओवर :
50 करोड़ रुपये से पिछले वर्ष अक्तूबर में निर्माण पूरा होने के बावजूद सड़क के बीचों-बीच गड्ढे और उखड़ी परतें दिखाई दे रही हैं। मरम्मत के बाद भी सड़क दोबारा टूट रही है।

3000 करोड़ रुपये से हुआ था विस्तार

राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को करीब आठ वर्ष पहले लगभग 3000 करोड़ रुपये की लागत से चार से छह लेन में विस्तारित किया गया था। इसका उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना और जाम से राहत देना था। हाईवे के रखरखाव की जिम्मेदारी क्यूब हाईवे कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई थी। इसके बावजूद फ्लाईओवरों की मौजूदा हालत नियमित रखरखाव और मरम्मत की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

सड़क सुरक्षा बैठकों में उठता है मुद्दा

जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में हाईवे की खस्ताहालत और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। इसके बावजूद वाहन चालकों को राहत मिलने का इंतजार है। गड्ढों की समय पर मरम्मत और रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हादसों का खतरा कम करने के लिए जरूरी है।


वर्जन

राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के फ्लाईओवरों पर जहां भी गड्ढे हैं, उन्हें जल्द ठीक कराया जाएगा। संबंधित स्थानों की मरम्मत करवाकर वाहन चालकों की परेशानी दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि हाईवे पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। - धीरज कुमार, प्रोजेक्ट अधिकारी
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