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Palwal News: टोल वसूल रहे पूरा, सुविधाओं के नाम पर गंदगी, बेसहारा पशु व टूटी सड़कें

Tue, 30 Jan 2024 10:49 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jan 2024 10:49 PM IST
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Toll is being collected in full, filth, destitute animals and broken roads in the name of facilities.
संवाद न्यूज एजेंसी
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पलवल। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर टोल देने के बाद भी वाहन चालकों को सुविधाओं के नाम पर गंदगी के ढेर, बेसहारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का भय और टूटी सड़कें मिल रही हैं। गंदगी के ढेर तो राजमार्ग पर लोगों के लिए कई समस्याओं का कारण बनते जा रहे हैं, इसके बावजूद राजमार्ग प्राधिकरण का ध्यान इस तरफ नहीं है। उल्टा प्राधिकरण में कार्यरत सफाई करने वाले कर्मचारी, ग्राम पंचायतों और नगर परिषदों के सफाई कर्मी गंदगी को राजमार्ग पर डाल देते हैं। इस समस्या से निजात न मिलने पर अब युवा संगठनों से जुड़े कुछ युवाओं ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को शिकायत भेजकर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने शिकायत के साथ राजमार्ग पर पड़े गंदगी के ढेर और उनमें लगे बेसहारा पशुओं की फोटो भी भेजी है।
दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को दिल्ली सीमा से लेकर करमन सीमा तक तीन जगह टोल देना पड़ता है। एक वाहन चालक को यदि मथुरा, वृंदावन, कोसी की तरफ जाना है तो उसे 80 किलोमीटर के भीतर 250 रुपये के करीब एक तरफ का टोेल चुकाना पड़ता है। यह टोल वह इसलिए चुकाता है, ताकि सफर के दौरान राजमार्ग पर उसे सुविधाएं मिले और उसका सफर सुगम रहे, लेकिन वाहन चालकों को सुविधाओं के नाम पर राजमार्ग पर कुछ नहीं मिल रहा है। न तो रात को राजमार्ग पर लाइटिंग की सुविधा है और न ही दुर्घटनाओं से बचाव के लिए कोई इंतजाम है। सबसे बड़ी समस्या राजमार्ग पर पड़े गंदगी के ढेरों की है।
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10 से 12 जगह पड़े रहते हैं गंदगी के ढेर
दिल्ली सीमा से लेकर करमन सीमा तक 10 से 12 जगह गंदगी के ढेर राजमार्ग पर पड़े रहते हैं। साथ ही उन गंदगी के ढेर में मुंह मारते पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का भी भय रहता है। क्योंकि ये पशु कभी भी सड़क पर आ जाते हैं और दुर्घटनाएं हो जाती हैं। गंदगी के ढेर बामनीखेड़ा, आलापुर, फिरोजपुर, औरंगाबाद, बंचारी, पृथला व बघौला के बीच तथा होडल से करमन सीमा के बीच काफी नगर जाते हैं।
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खर्च हो रहे करोड़ों रुपये
राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा राजमार्ग पर दिल्ली सीमा से लेकर करमन सीमा तक सफाई के नाम पर एक करोड़ से अधिक खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सफाई कहीं नजर नहीं आती है। सफाई कर्मी महीने में इक्का-दुक्का बार ही बीच में बने डिवाइडर और सड़कों के किनारे थोड़ी बहुत सफाई करते नजर आते हैं। गंदगी के ढेरों को उठाने की तरफ किसी का ध्यान नहीं रहता है।
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उच्च न्यायालय में भी चल रहा सुविधाएं न देने का मामला
हरियाणा के पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने टोल वसूलने के बाद भी सुविधाएं न देने को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की हुई है। उसमें सफाई का मुद्दा भी अहम है। पूर्व मंत्री द्वारा दायर याचिका में स्पष्ट कहा गया है कि राजमार्ग पर जगह-जगह गंदगी के ढेर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गंदगी में पशु मुंह मारते रहते हैं और सड़कों पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।

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मैंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखित शिकायत भेजकर राजमार्ग पर पड़ी गंदगी को उठवाने की मांग की है। गंदगी से दुर्घटनाएं होती हैं। --शंकर लाल
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राजमार्ग पर गंदगी में पशु मुंह मारते रहते हैं और सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो जाती हैं। हमने अब केंद्रीय मंत्री को शिकायत भेेजी है।
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अतिरिक्त उपायुक्त ने दिए थे गंदगी उठाने के आदेश
सड़क सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त साहिल गुप्ता द्वारा ली गई बैठक में राजमार्ग प्राधिकरण तथा नगर परिषदों के अधिकारियों को राजमार्ग पर सड़क के किनारे पड़े गंदगी के ढेर उठाने के आदेश दिए थे। उन्होंने अधिकारियों को आदेश देकर जल्द से जल्द गंदगी उठवाने और वहां सफाई कराने को कहा था लेकिन उसके बावजूद अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगी।
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