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Palwal News: गेहूं व सरसों बुवाई का समय नजदीक, अभी तक नहीं हुई रजवाहों की सफाई
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08पीएएलपी2- होडल रजवाहे में सफाई न होने के कारण खड़ी झाड़ियां। - संवाद
08पीएएलपी3- बाता माइनर में खड़ी घास, जिससे पानी आगे नहीं बढ़ता। - संवाद
08पीएएलपी4- जीवनलाल, निवासी बाता
08पीएएलपी5- भीम सिंह सरपंच, रायदासका
08पीएएलपी6- भीम सिंह सरपंच, रायदासका
आगरा कैनाल से निकलने वाली 32 माइनरों में खड़ी झाड़ियां, किसान कर रहे पानी छोड़ने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में आगरा व गुरुग्राम नहर से निकलने वाले रजवाहों की सफाई न होने से किसानों को सिंचाई की चिंता सताने लगी है। गेहूं बुआई के लिए सिंचाई का समय नजदीक आ गया है और अभी तक जिले में किसी भी रजवाहे व माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है। हर साल जब सिंचाई विभाग माइनरों की सफाई कर पानी छोड़ता है, तब तक किसान अन्य साधनों से सिंचाई का काम पूरा कर लेते हैं। इससे किसान के जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सफाई न होने से पानी आगे नहीं बढ़ता है, जिससे उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता। बार-बार सिंचाई विभाग से इस बारे में शिकायत की जाती है, परंतु कोई सुनवाई नहीं होती।
दरअसल, जिले के अंदर यमुना नदी से निकलने वाली आगरा व गुरुग्राम नहर पर ज्यादातर किसान सिंचाई के लिए आधारित हैं, क्योंकि इन नहरों से दर्जनों रजवाहे निकलते हैं, जिनसे किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। आगरा कैनाल से पलवल, होडल, हथीन, भंगूरी व हसनपुर रजवाहे निकलते हैं। इन रजवाहों से 32 माइनर किसानों के खेतों तक पहुंचती है। इस प्रकार गुरुग्राम कैनाल से निकलने वाली एक दर्जन से अधिक माइनरों पर हथीन क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था टिकी हुई है। दोनों नहरों से निकलने वाले इन रजवाहों व माइनरों से जिले के हजारों एकड़ फसल की सिंचाई का काम होता है। विभाग द्वारा अभी तक किसी भी माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं किया है। रजवाहों व माइनरों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां व घास खड़ी हुई हैं। किनारों पर खड़े पेड़ों की डाली रजवाहों में पड़ी हुई है। किसानों द्वारा पानी रोकने के लिए बनाए गए पुराने बंद भी नहीं हटाए गए हैं।
बिना सफाई कैसे पहुंचेगा आखिरी टेल तक पानी
हर साल सरकार आखिरी टेल तक पानी पहुंचाने का दावा करती है, परंतु समय पर सफाई का काम न होने से पानी नहीं पहुंच पाता। हर साल अक्तूबर माह में रजवाहों व माइनरों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाता है, परंतु इस बार जिले में अभी तक किसी भी रजवाहे व माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है। अभी तक रजवाहों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है। टेंडर होने के बाद सफाई का काम शुरू होगा, उसके बाद किसानों को पानी मिलेगा। इस प्रक्रिया में एक माह से ज्यादा का समय लगने की आशंका जताई जा रही है, तब तक गेहूं व सरसों बुआई का समय निकल जाएगा।
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इन गांवों के किसान हो रहे प्रभावित
रजवाहों की सफाई न होने से हसनपुर रजवाहा, होडल रजवाहा, हथीन रजवाहा, हसनपुर रजवाहा व भंगूरी डिस्ट्रीब्यूटरी सभी सूखे पड़े हैं। हसनुपर रजवाहे से कुशक, अच्छेजा, टप्पा, बिल्लोचपुर, जटौली, गुलाबद, करीमपुर, काशीपुर, मोहरू का नंगला, कानपुर नंगला, मछीपुरा, हसनपुर, लिखी, डराना, भैंडोली व भिडूकी गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसी प्रकार होडल रजवाहे से सैलोटी, रूंधी, नांगल, लाडियाका, बाता, रायदासका, बमाडियाका, गुंडवास, अजीजाबाद, पिगौंड, दीघोट, सीहा, गांव डाडका, बोराका, गढ़ी पट्टी, होडल की सभी पट्टियां, लोहिना, सौंदहद सहित अन्य गांव प्रभावित हो रहे हैं। इसी प्रकार हथीन रजवाहे से असावटा, अटोहां, बहरौला, फुलवाड़ी, टीकरी ब्राह्मण, भमरौला, कलसाडा, गहलब, कौंडल सहित अन्य प्रभावित हो रहे हैं।
सरसों की बुआई शुरू हो गई है, परंतु अभी तक माइनर में पानी तो दूर सफाई का काम भी शुरू नहीं हुई है। मैंने ट्यूबवेल के जरिये सिंचाई कर सरसों की बुआई शुरू की है। - जीवनलाल, निवासी बाता
गांव का ज्यादातर हिस्सा सिंचाई के लिए होडल रजवाहे पर आधारित है। अक्तूबर माह में पानी आना शुरू हो जाना चाहिए, परंतु अभी तक रजवाहे की सफाई भी नहीं हुई है। लगता है इस बार भी अन्य साधनों से ही सिंचाई करनी पड़ेगी। - भीम सिंह सरपंच, रायदासका
माइनर की सफाई के लिए कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। अधिकारी टेंडर छोड़ देने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। अभी तक सफाई करने कोई नहीं आया है। - किशोरी, निवासी लाडियाका
रजवाहों की सफाई के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर लगते ही रजवाहों की सफाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। अक्तूबर माह में सभी रजवाहों व माइनर की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। - रियाज अहमद, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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08पीएएलपी3- बाता माइनर में खड़ी घास, जिससे पानी आगे नहीं बढ़ता। - संवाद
08पीएएलपी4- जीवनलाल, निवासी बाता
08पीएएलपी5- भीम सिंह सरपंच, रायदासका
08पीएएलपी6- भीम सिंह सरपंच, रायदासका
आगरा कैनाल से निकलने वाली 32 माइनरों में खड़ी झाड़ियां, किसान कर रहे पानी छोड़ने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में आगरा व गुरुग्राम नहर से निकलने वाले रजवाहों की सफाई न होने से किसानों को सिंचाई की चिंता सताने लगी है। गेहूं बुआई के लिए सिंचाई का समय नजदीक आ गया है और अभी तक जिले में किसी भी रजवाहे व माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है। हर साल जब सिंचाई विभाग माइनरों की सफाई कर पानी छोड़ता है, तब तक किसान अन्य साधनों से सिंचाई का काम पूरा कर लेते हैं। इससे किसान के जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सफाई न होने से पानी आगे नहीं बढ़ता है, जिससे उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता। बार-बार सिंचाई विभाग से इस बारे में शिकायत की जाती है, परंतु कोई सुनवाई नहीं होती।
दरअसल, जिले के अंदर यमुना नदी से निकलने वाली आगरा व गुरुग्राम नहर पर ज्यादातर किसान सिंचाई के लिए आधारित हैं, क्योंकि इन नहरों से दर्जनों रजवाहे निकलते हैं, जिनसे किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। आगरा कैनाल से पलवल, होडल, हथीन, भंगूरी व हसनपुर रजवाहे निकलते हैं। इन रजवाहों से 32 माइनर किसानों के खेतों तक पहुंचती है। इस प्रकार गुरुग्राम कैनाल से निकलने वाली एक दर्जन से अधिक माइनरों पर हथीन क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था टिकी हुई है। दोनों नहरों से निकलने वाले इन रजवाहों व माइनरों से जिले के हजारों एकड़ फसल की सिंचाई का काम होता है। विभाग द्वारा अभी तक किसी भी माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं किया है। रजवाहों व माइनरों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां व घास खड़ी हुई हैं। किनारों पर खड़े पेड़ों की डाली रजवाहों में पड़ी हुई है। किसानों द्वारा पानी रोकने के लिए बनाए गए पुराने बंद भी नहीं हटाए गए हैं।
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बिना सफाई कैसे पहुंचेगा आखिरी टेल तक पानी
हर साल सरकार आखिरी टेल तक पानी पहुंचाने का दावा करती है, परंतु समय पर सफाई का काम न होने से पानी नहीं पहुंच पाता। हर साल अक्तूबर माह में रजवाहों व माइनरों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाता है, परंतु इस बार जिले में अभी तक किसी भी रजवाहे व माइनर की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है। अभी तक रजवाहों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई है। टेंडर होने के बाद सफाई का काम शुरू होगा, उसके बाद किसानों को पानी मिलेगा। इस प्रक्रिया में एक माह से ज्यादा का समय लगने की आशंका जताई जा रही है, तब तक गेहूं व सरसों बुआई का समय निकल जाएगा।
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इन गांवों के किसान हो रहे प्रभावित
रजवाहों की सफाई न होने से हसनपुर रजवाहा, होडल रजवाहा, हथीन रजवाहा, हसनपुर रजवाहा व भंगूरी डिस्ट्रीब्यूटरी सभी सूखे पड़े हैं। हसनुपर रजवाहे से कुशक, अच्छेजा, टप्पा, बिल्लोचपुर, जटौली, गुलाबद, करीमपुर, काशीपुर, मोहरू का नंगला, कानपुर नंगला, मछीपुरा, हसनपुर, लिखी, डराना, भैंडोली व भिडूकी गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसी प्रकार होडल रजवाहे से सैलोटी, रूंधी, नांगल, लाडियाका, बाता, रायदासका, बमाडियाका, गुंडवास, अजीजाबाद, पिगौंड, दीघोट, सीहा, गांव डाडका, बोराका, गढ़ी पट्टी, होडल की सभी पट्टियां, लोहिना, सौंदहद सहित अन्य गांव प्रभावित हो रहे हैं। इसी प्रकार हथीन रजवाहे से असावटा, अटोहां, बहरौला, फुलवाड़ी, टीकरी ब्राह्मण, भमरौला, कलसाडा, गहलब, कौंडल सहित अन्य प्रभावित हो रहे हैं।
सरसों की बुआई शुरू हो गई है, परंतु अभी तक माइनर में पानी तो दूर सफाई का काम भी शुरू नहीं हुई है। मैंने ट्यूबवेल के जरिये सिंचाई कर सरसों की बुआई शुरू की है। - जीवनलाल, निवासी बाता
गांव का ज्यादातर हिस्सा सिंचाई के लिए होडल रजवाहे पर आधारित है। अक्तूबर माह में पानी आना शुरू हो जाना चाहिए, परंतु अभी तक रजवाहे की सफाई भी नहीं हुई है। लगता है इस बार भी अन्य साधनों से ही सिंचाई करनी पड़ेगी। - भीम सिंह सरपंच, रायदासका
माइनर की सफाई के लिए कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। अधिकारी टेंडर छोड़ देने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। अभी तक सफाई करने कोई नहीं आया है। - किशोरी, निवासी लाडियाका
रजवाहों की सफाई के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर लगते ही रजवाहों की सफाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। अक्तूबर माह में सभी रजवाहों व माइनर की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। - रियाज अहमद, एसडीओ, सिंचाई विभाग