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सरकार ने टोल तो बढ़ा दिया... पर आवश्यक सुविधाएं नदारद

Fri, 01 Apr 2022 10:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 10:42 PM IST
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The government has increased the toll ... but the necessary facilities are missing
केजीपी की टूटी सड़क - फोटो : Palwal
पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल की दरें तो बढ़ा दी हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर किसी भी एक्सप्रेसवे तथा राजमार्ग पर कुछ नहीं है। वाहन चालक पूरा टोल देने के बावजूद न तो एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित हैं और न ही दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर। सड़कों पर वाहन चालक हिचकोले खाने को मजबूर हैं। सड़कों पर कहीं गड्ढे हैं तो कहीं मवेशी घूमते रहते हैं। इसके अलावा रात के समय लाइट तक की व्यवस्था नहीं है। सर्दियों में तो वाहन चालकों के लिए राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर चलना पूरी तरह से मुश्किल ही नहीं खतरनाक रहता है।
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पलवल जिले में दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर श्रीनगर टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से टोल वसूला जाता है। वहीं कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) और कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर गाजियाबाद, मानेसर व कुंडली से आते समय पलवल उतरने पर टोल वसूला जाता है। इन सभी के बावजूद सुविधाएं न के बराबर हैं। सरकार द्वारा केजीपी और केएमपी एक्सप्रेसवे का निर्माण करते समय बड़े-बड़े दावे किए गए थे। इन दोनों एक्सप्रेसवे को देश के बेहतरीन एक्सप्रेसवे में शुमार किया गया था, लेकिन इनके शुरू होने के कुछ महीनों के बाद ही यहां दुर्घटनाएं बढ़ने लगीं। इसका कारण सड़कों का टूटना, मवेशियों का सड़कों पर घूमना तथा सड़क किनारे खड़े बड़े वाहन हैं।
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आज भी केजीपी-केएमपी की सड़कों की हालत है बदतर
देखा जाए तो पांच साल बीतने के बाद भी केजीपी-केएमपी की सड़कों में सुधार नहीं हो पाया है। आज भी सड़कों की हालत बेहद खराब है। केजीपी पर तो सड़कों में दो से तीन फीट गड्ढे हैं। जगह-जगह से सड़क टूटी हुई है।
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एक्सप्रेसवे पर नहीं जलती है लाइट
137-137 किलोमीटर लंबे केजीपी-केएमपी एक्सप्रेसवे पर सोलर लाइट लगाई गई थी। जब ये एक्सप्रेसवे शुरू हुए तो कुछ महीने तक रात को उजाला रहा, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे लाइट खराब होनी लगी। अब तक इन लाइट की मरम्मत नहीं की गई है।
दुर्घटनाओं में कई लोग गंवा चुके हैं जान
केजीपी-केएमपी शुरू होने के बाद दावा किया गया था कि न तो इन पर मवेशी आ सकते हैं और न ही सड़क किनारे बड़े वाहन तथा ट्रक खड़े होंगे। लेकिन, हालात पूरी तरह से उलट हैं। एक्सप्रेसवे पर मवेशियों का का जमघट रहता है, वहीं जगह-जगह सड़क किनारे ट्रक व बड़े वाहन खड़े रहते हैं। इनके कारण कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं तथा लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
वाहन पंचर हो जाए तो नहीं मिलेगी मदद
वाहन चालकों के लिए न तो विश्राम की कोई सुविधा है और न ही ढाबे या शौचालय हैं। यदि गाड़ी में पंचर हो जाए या गाड़ी खराब हो जाए तो फिर मुसीबत बढ़ना तय है। वाहन चालक ऐसे में फोन करते रहते हैं, लेकिन कोई सुविधा नहीं मिलती है।
छोटे वाहनों को एक तरफ के देने होंगे 120 रुपये
दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर कार, जीप, वैन सहित छोटे वाहनों को अब एक तरफ का 120 रुपये, दोनों तरफ का 185 रुपये टोल चुकाना पड़ेगा। मासिक पास अब 4070 रुपये में बनेगा। मिनी बस का टोल एक तरफ का 195 तथा दोनों तरफ का 295 रुपये कर दिया गया है। मंथली पास 6580 रुपये कर दिया है। बस और ट्रक का टोल बढ़ाकर 415 तथा दोनों तरफ का 620 रुपये कर दिया गया। मासिक पास भी 13,780 रुपये कर दिया है। अन्य वाहनों के टोल में भी 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। लोकल कार का मासिक पास भी 315 रुपये कर दिया है। वहीं पलवल से मानेसर का टैक्स 90 रुपये देने होंगे। केएमपी एक्सप्रेसवे पर टोल वसूल करने वाली कंपनी के अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि बढ़ी हुई टोल दरें रात एक अप्रैल से लागू हो चुकी हैं। केएमपी एक्सप्रेसवे पर कार चालक को पलवल से कुंडली के लिए एक तरफ का 245 रुपये देना होगा। दोनों तरफ के बढ़े हुए टैक्स के तौर पर 365 रुपये देने होंगे।
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सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को टोल दरें बढ़ाने से पहले सुविधाएं बढ़ानी चाहिए। सड़कों को दुरुस्त करना चाहिए तथा सड़कों से मवेशियों को हटाना चाहिए। इसके अलावा रात को लाइट की व्यवस्था करें।
- आत्माराम पालीवाल, पलवल
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टोल दरें बेशक बढ़ाईं जाएं। लेकिन, इससे पहले सड़कों और एक्सप्रेसवे पर सुविधाएं दी जाएं। वाहन चालकों पर बिना कारण टोल का बोझ डालना ठीक नहीं है। सरकार की नीतियां पूरी तरह से गलत हैं।

- संदीप तेवतिया, कौंडल
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सरकार की तरफ से टोल दरें हर साल बढ़ाई जाती हैं। इस बार भी 10 प्रतिशत तक टोल दरें बढ़ाई गई हैं। सड़कों की मरम्मत कराने का काम जारी है। जहां भी सड़कें टूटी हैं, उन्हें जल्द बनवाया जाएगा। अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी तथा मवेशियों को सड़कों से हटवाने का काम भी कराया जाएगा। इसके लिए राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। - कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल
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