{"_id":"683c89bfffb046a793093f56","slug":"the-fire-system-is-installed-in-the-mini-secretariat-only-for-show-palwal-news-c-24-1-as11003-115010-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: लघु सचिवालय में सिर्फ दिखावे के लिए लगा है फायर सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: लघु सचिवालय में सिर्फ दिखावे के लिए लगा है फायर सिस्टम
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण फायर सिस्टम हुआ कंडम, गल चुकी हैं पानी की लाइनें व सिलिंडरों में नहीं है गैस का प्रेशर
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। उपमंडल में बने लघु सचिवालय में लगा फायर सिस्टम लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण कंडम हो चुका है। फिलहाल लघु सचिवालय में लगा यह फायर सिस्टम सिर्फ दिखावे का काम कर रहा है। यह हालत तब है जब लघु सचिवालय के इस तीन मंजिला भवन को करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया था। कई साल पहले आपात स्थिति से निपटने के लिए भवन में फायर यंत्र, पाइपलाइन, गैस सिलिंडर व तारों का जाल बिछाया गया था। लेकिन अनदेखी व रखरखाव नहीं होने के कारण फायर सिस्टम पूरी तरह कंडम हो चुका है।
फायर सिस्टम के लिए बिछाई गई पाइपलाइन कंडम हो चुकी है। पानी की लाइन गल चुकी है। इसके अलावा आग बुझाने के लिए लगाए गए सिलिंडरों में रखरखाव नहीं होने के कारण प्रेशर खत्म हो चुका है। फायर सिस्टम की स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है कि उद्घाटन होने के बाद विभाग के अधिकारियों ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया है। वहीं, यह हालात तब है जब पूरा देश हर स्तर पर आपात सुविधाओं को जांचने के लिए समय-समय पर मॉकड्रिल जैसे आयोजन कर रहा है।
दरअसल, लघु सचिवालय में प्रथम तल पर एसडीएम जबकि द्वितीय तल पर डीएसपी, तहसील कार्यालय, आंगनबाडी, पशु विभाग से लेकर दर्जनों विभागों के उप मंडल स्तर के अधिकारियों के कार्यालय बने हुए हैं, लेकिन किसी भी विभाग के अधिकारी ने इस मामले में जरा भी गंभीरता नहीं दिखाई है। लोक निर्माण विभाग की अनदेखी के कारण भवन में प्रशासनिक अधिकारी आगजनी जैसी घटना के इंतजार में बैठे हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने 7 जुलाई 2010 को प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र की जनता को एक ही छत के नीचे सभी विभागों की सुविधा देने के लिए लघु सचिवालय भवन का निर्माण कराया गया था। सरकार द्वारा करोड़ों रुपयों की लागत से तैयार किए गए भवन के निर्माण के समय उप मंडल स्तर के सभी विभागों के अधिकारियों के बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।
विज्ञापन
कूड़ेदान का काम कर रहा फायर बॉक्स
भवन में करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई रबड़ की पाइपें, गैस के सिलिंडर व अन्य सामान रखरखाव के अभाव में जहां पूरी तरह से कंडम हो चुके हैं। इनके अलावा फायर बॉक्स को लोगों ने कूड़ादान बना दिया। इसमें लोग अब खराब कागज, पानी की खाली बोतलों के अलावा अन्य कूड़ा कर्कट डाल रहे हैं। स्थिति यह है कि लघु सचिवालय में आगजनी से निपटने के लिए कोई सुविधा नहीं है। यहां रोजाना हजारों लोग अपना काम करवाने पहुंचते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की यह अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बनेगी।
इस मामले में वह शीघ्र ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखेंगे और लघु सचिवालय के भवन में सुरक्षा के लिए लगाए गए सभी फायर यंत्रों को शीघ्र ही दुरुस्त कराया जाएगा। - बेलिना लोहान ,एसडीएम,होडल।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। उपमंडल में बने लघु सचिवालय में लगा फायर सिस्टम लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण कंडम हो चुका है। फिलहाल लघु सचिवालय में लगा यह फायर सिस्टम सिर्फ दिखावे का काम कर रहा है। यह हालत तब है जब लघु सचिवालय के इस तीन मंजिला भवन को करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया था। कई साल पहले आपात स्थिति से निपटने के लिए भवन में फायर यंत्र, पाइपलाइन, गैस सिलिंडर व तारों का जाल बिछाया गया था। लेकिन अनदेखी व रखरखाव नहीं होने के कारण फायर सिस्टम पूरी तरह कंडम हो चुका है।
फायर सिस्टम के लिए बिछाई गई पाइपलाइन कंडम हो चुकी है। पानी की लाइन गल चुकी है। इसके अलावा आग बुझाने के लिए लगाए गए सिलिंडरों में रखरखाव नहीं होने के कारण प्रेशर खत्म हो चुका है। फायर सिस्टम की स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा है कि उद्घाटन होने के बाद विभाग के अधिकारियों ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया है। वहीं, यह हालात तब है जब पूरा देश हर स्तर पर आपात सुविधाओं को जांचने के लिए समय-समय पर मॉकड्रिल जैसे आयोजन कर रहा है।
विज्ञापन
दरअसल, लघु सचिवालय में प्रथम तल पर एसडीएम जबकि द्वितीय तल पर डीएसपी, तहसील कार्यालय, आंगनबाडी, पशु विभाग से लेकर दर्जनों विभागों के उप मंडल स्तर के अधिकारियों के कार्यालय बने हुए हैं, लेकिन किसी भी विभाग के अधिकारी ने इस मामले में जरा भी गंभीरता नहीं दिखाई है। लोक निर्माण विभाग की अनदेखी के कारण भवन में प्रशासनिक अधिकारी आगजनी जैसी घटना के इंतजार में बैठे हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने 7 जुलाई 2010 को प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र की जनता को एक ही छत के नीचे सभी विभागों की सुविधा देने के लिए लघु सचिवालय भवन का निर्माण कराया गया था। सरकार द्वारा करोड़ों रुपयों की लागत से तैयार किए गए भवन के निर्माण के समय उप मंडल स्तर के सभी विभागों के अधिकारियों के बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।
विज्ञापन
कूड़ेदान का काम कर रहा फायर बॉक्स
भवन में करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई रबड़ की पाइपें, गैस के सिलिंडर व अन्य सामान रखरखाव के अभाव में जहां पूरी तरह से कंडम हो चुके हैं। इनके अलावा फायर बॉक्स को लोगों ने कूड़ादान बना दिया। इसमें लोग अब खराब कागज, पानी की खाली बोतलों के अलावा अन्य कूड़ा कर्कट डाल रहे हैं। स्थिति यह है कि लघु सचिवालय में आगजनी से निपटने के लिए कोई सुविधा नहीं है। यहां रोजाना हजारों लोग अपना काम करवाने पहुंचते हैं। इसके बावजूद प्रशासन की यह अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बनेगी।
इस मामले में वह शीघ्र ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखेंगे और लघु सचिवालय के भवन में सुरक्षा के लिए लगाए गए सभी फायर यंत्रों को शीघ्र ही दुरुस्त कराया जाएगा। - बेलिना लोहान ,एसडीएम,होडल।