पलवल। केेएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा किसानों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। धरने की कमान सहरावत पाल के किसानों ने संभाली। पाल की तरफ से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित धरने की अध्यक्षता महेंद्र सरपंच गहलब ने की, जबकि संचालन नरेंद्र सहरावत ने किया।
धरने में सबसे पहले गांव औरंगाबाद में हुई एक परिवार के पांच लोगों की मौत पर शोक जताया गया। किसानों ने दो मिनट का मौन धारण कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। किसान नेताओं ने कहा कि नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसान पिछले 10 माह से संघर्ष कर रहे हैं। पिछले 10 माह में किसानों ने कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग, केएमपी और केजीपी एक्सप्रेसवे को जाम किया। एक बार रेलमार्ग को जाम किया। पुलिस की लाठियां खाईं। पुलिस द्वारा किसानों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। इसके बावजूद किसानों में जोश की कमी नहीं है। किसान पूरी ताकत के साथ अपनी मांगों पर अडिग हैं। किसान आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। आने वाले सभी चुनावों में किसान भाजपा सरकार को हराने का काम करेंगे। धरने को दरियाब सहरावत, सुखबीर सहरावत, नरेश सहरावत, चतर सहरावत, खुशीराम सहरावत, सतबीर नंबरदार, सुभाष मैनेजर, हल्लू पंडित, सुंदर सरपंच, उदय सिंह सरपंच, सोहनलाल प्रधान, राजेंद्र बैंसला, ग्यासीराम छाता, जगदीश दुर्गापुर, चंद्रमुनि धतीर, हुकम सिंह अटोहां, बीर सिंह चौाहन ने संबोधित किया।