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Palwal News: श्रवण कुमार का अंत देख दर्शक हुए भावुक
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न्यूज संवाद एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। दशहरे के उपलक्ष्य में निर्देशक नरेश गर्ग के निर्देशन तथा संदीप अग्रवाल एवं श्री रामलीला कमेटी क्लब के सौजन्य से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन श्रवण कुमार लीला और भगवान श्रीराम जन्म का भावपूर्ण मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी मैदान में पहुंचे। मंचन में अशोक शर्मा ने राजा दशरथ की भूमिका निभाई। कथा के अनुसार, अयोध्या के नगरवासियों ने जंगली जीव-जंतुओं द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत राजा दशरथ से की। इसके बाद राजा दशरथ मंत्रियों और सैनिकों के साथ सरयू नदी के तट पर शिकार के लिए पहुंचे। वहां श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता के लिए पानी भर रहे थे। पानी भरने की आवाज को जानवर की आहट समझकर राजा दशरथ ने शब्दभेदी बाण चला दिया, जो श्रवण कुमार को लग गया।
घटना का पता चलने पर राजा दशरथ ने श्रवण कुमार से क्षमा मांगी और उनके माता-पिता को पूरी घटना बताई। पुत्र की मृत्यु से दुखी माता-पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप दिया। इस मार्मिक प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद राम जन्म प्रसंग का मंचन किया गया।
मंचन में श्रवण कुमार की भूमिका हर्षित सोनी, भगवान राम की भूमिका रिंकू सेन, आर्य सुमंत की भूमिका रॉकी, गुरु वशिष्ठ की भूमिका रविंदर सैनी, शृंग ऋषि की भूमिका अनमोल सिंघल तथा श्रवण कुमार के माता-पिता की भूमिका भगवानदास सेन और राजू सोनी ने निभाई। राजू सोनी, प्रवीण गोयल, अंशुल गोयल और मोनी सहित अन्य कलाकारों ने भी विभिन्न भूमिकाओं में शानदार अभिनय किया।
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फिरोजपुर झिरका। दशहरे के उपलक्ष्य में निर्देशक नरेश गर्ग के निर्देशन तथा संदीप अग्रवाल एवं श्री रामलीला कमेटी क्लब के सौजन्य से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन श्रवण कुमार लीला और भगवान श्रीराम जन्म का भावपूर्ण मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी मैदान में पहुंचे। मंचन में अशोक शर्मा ने राजा दशरथ की भूमिका निभाई। कथा के अनुसार, अयोध्या के नगरवासियों ने जंगली जीव-जंतुओं द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत राजा दशरथ से की। इसके बाद राजा दशरथ मंत्रियों और सैनिकों के साथ सरयू नदी के तट पर शिकार के लिए पहुंचे। वहां श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता के लिए पानी भर रहे थे। पानी भरने की आवाज को जानवर की आहट समझकर राजा दशरथ ने शब्दभेदी बाण चला दिया, जो श्रवण कुमार को लग गया।
घटना का पता चलने पर राजा दशरथ ने श्रवण कुमार से क्षमा मांगी और उनके माता-पिता को पूरी घटना बताई। पुत्र की मृत्यु से दुखी माता-पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग का श्राप दिया। इस मार्मिक प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद राम जन्म प्रसंग का मंचन किया गया।
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मंचन में श्रवण कुमार की भूमिका हर्षित सोनी, भगवान राम की भूमिका रिंकू सेन, आर्य सुमंत की भूमिका रॉकी, गुरु वशिष्ठ की भूमिका रविंदर सैनी, शृंग ऋषि की भूमिका अनमोल सिंघल तथा श्रवण कुमार के माता-पिता की भूमिका भगवानदास सेन और राजू सोनी ने निभाई। राजू सोनी, प्रवीण गोयल, अंशुल गोयल और मोनी सहित अन्य कलाकारों ने भी विभिन्न भूमिकाओं में शानदार अभिनय किया।
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