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Palwal News: सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रालियों के नीचे सोने को मजबूर गन्ना उत्पादक किसान

Sun, 30 Apr 2023 10:24 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 30 Apr 2023 10:24 PM IST
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Sugarcane growers forced to sleep under tractor-trolleys on the roads
कैप्शन: 1- पलवल सहकारी चीनी मिल यार्ड में गन्ना से भरे खड़े ट्रैक्टर कैप्शन: 2- ट्रैक्टर-ट्राली के नीचे सोते किसान कैप्शन: 3- महेंद्र घोड़ी कैप्शन: 4-बाल किशन लाड़ियाका कैप्शन: 5-जयवीर कौंडल
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मिल प्रबंधन की अनदेखी व लापरवाही पड़ रही गन्ना किसानों पर भारी
कोई पांच दिन से तो कोई सात दिन से मिल पर गन्ना लेकर खड़ा है
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। चीनी मिल प्रबंधन की लापरवाही व अनदेखी का खामियाजा जिले के गन्ना उत्पादक किसान भुगत रहे हैं। अपने गन्ने को चीनी मिल पर बेचने के लिए किसानों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। मिल को गन्ना देने के लिए पिछले कई दिनों से किसान घर-परिवार छोड़कर मिल के बाहर गन्ने से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियों के नीचे सोने को मजबूर हैं। लेकिन मिल प्रबंधन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है। किसानों का आरोप है कि जितना गन्ना खेतों में बोया था, उसका आधा भी मिल द्वारा अभी तक नहीं लिया है, जबकि मिल को बंद होने में केवल 18 दिन शेष बचे हैं।
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जिले में हर वर्ष किसानों का सारा गन्ना मिल द्वारा मिल बंंद होने से एक महीने पहले तक ले लिया जाता है, लेकिन इस बार मिल द्वारा जिले में बोया गन्ना आज तक पूरा नहीं लिया गया है। पलवल जिले में करीब 20 हजार एकड़ जमीन में गन्ना बोया गया है, लेकिन किसानों की माने तो अब तक 10 से 12 हजार एकड़ जमीन का ही गन्ना मिल द्वारा लिया गया है। आज भी मिल के अंदर व बाहर हजारों क्विंटल गन्ना लेकर किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ सड़क पर पड़े हैं। लेकिन मिल द्वारा अभी तक गन्ना अंदर नहीं लिया जा रहा है।
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किसानों के लिए नहीं हैं सुविधाएं
गन्ना लेकर आ रहे किसानों को मिल में पर्याप्त सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। मिल में स्थित किसान विश्रामगृह के अंदर पंखे तक नहीं चल रहे हैं। ऐसे में गर्मी में किसान पसीने से तर हो रहे हैं। साथ ही पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। किसानों को मजबूरी में बाहर पेड़ों के नीचे बैठकर तथा रात को जमीन पर सोते हुए रात गुजारनी पड़ रही है। गन्ना लेकर आए किसान विश्रामगृह में सुविधाएं न होने के कारण आज सड़कों पर ट्रैक्टर-ट्रालियों के नीचे पड़े हैं। दिन हो या रात ट्रालियों के नीचे जमीन पर लेटकर समय गुजार रहे हैं। आज किसी किसान को पांच दिन तो किसी को सात दिन हो गए हैं। किसान बार-बार मिल प्रबंधन से गन्ना उतरवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद किसानों का पूरा गन्ना नहीं लिया जा रहा है।
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मैंने जितना गन्ना खेतों में बोया है, उसका आधा गन्ना ही मिल ने लिया है। आज गन्ना सूूख रहा है। मैं पिछले पांच दिनों से गन्ना लेकर मिल पर खड़ा हूं, लेकिन अभी तक गन्ना नहीं उतरवाया है। यह उतर जाए तो और गन्ना लेकर मिल आऊं। -महेंद्र घोड़ी, गन्ना उत्पादक किसान
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खेतों में अभी भी गन्ना खड़ा है। जो गर्मी पड़ने पर सूखने लगा है। मिल में गन्ना नहीं लिया जा रहा है। आज चार दिन हो गए हैं, लेकिन गन्ना नहीं लिया जा रहा है। हालात ये हैं कि परिवार छोड़कर सड़कों पर गन्ना लेकर पड़े हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -बाल किशन, लाड़ियाका गन्ना किसान
मैंने 10 एकड़ जमीन में गन्ना बोया हैै। अभी तक मात्र चार एकड़ जमीन का गन्ना ही मिल ने लिया है। अभी भी छह एकड़ में गन्ना खड़ा है, जो अब सूूखने लगा है। यदि दो-चार दिन में गन्ना नहीं लिया गया तो सारा गन्ना खराब हो जाएगा। मिल के बाहर आज सात दिन से गन्ना लेकर सड़क पर पड़ा हूं। -जयवीर कौंडल, गन्ना किसान

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मेरी जानकारी में यह मामला है। मैंने चीनी मिल के अधिकारियों से बात की है तथा जल्द ही सारा गन्ना मिल द्वारा ले लिया जाएगा। मैंने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री से भी बात की है। मेरा प्रयास है कि अन्य चीनी मिलों में भी गन्ना भिजवाया जाए, ताकि किसानों को नुकसान न हो। मिल बंद होने से पहले मिल सारा गन्ना किसानों से लेगी। -दीपक मंगला, विधायक, पलवल
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