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Palwal News: बापू की स्मृतियों में आज भी जीवंत है आजादी का संघर्ष
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महात्मा गांधी सेवा आश्रम में बनाए गए गांधी संग्रहालय का उद्घाटन 1999 में तत्कालीन राज्यपाल ने किया था
10 अप्रैल, 1919 को पलवल रेलवे स्टेशन से देश में पहली बार गांधीजी को किया गया था गिरफ्तार
हेमंत शर्मा
पलवल। देश को सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर आजादी की राह दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ी कई यादें पलवल में आज भी सुरक्षित हैं। पलवल वह स्थान है, जहां अंग्रेजी शासन ने देश में राजनीतिक रूप से पहली बार गांधीजी को गिरफ्तार किया था। 10 अप्रैल, 1919 को रॉलेट एक्ट के विरोध में पंजाब जाते समय गांधीजी को पलवल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर मुंबई ले जाया गया था। गांधीजी से जुड़ी ऐसी ही यादों को शहर का महात्मा गांधी सेवा आश्रम और असावटी गांव का गांधी घर आज भी संजोए हुए हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने रखी थी आश्रम की नींव
पलवल में हुई गिरफ्तारी की याद को स्थायी रूप से संजोने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने शहर में आश्रम स्थापित करने का निर्णय लिया था। माल गोदाम रोड पर 1938 में महात्मा गांधी सेवा आश्रम की नींव रखी गई। 2 अक्टूबर 1938 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आश्रम की आधारशिला रखी थी। करीब पांच एकड़ क्षेत्र में फैले आश्रम में गांधीजी की प्रतिमा के साथ संग्रहालय भी मौजूद है।
महात्मा गांधी सेवा आश्रम में बनाए गए गांधी संग्रहालय का उद्घाटन 30 जनवरी 1999 को हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल महावीर प्रसाद ने किया था। इस अवसर पर तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री करण सिंह दलाल भी मौजूद थे। संग्रहालय का उद्देश्य गांधीजी के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान से जुड़ी यादों को सुरक्षित रखना है।
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बचपन से शहादत तक की तस्वीर
गांधी संग्रहालय में महात्मा गांधी के बचपन से लेकर शहादत तक की यादों को तस्वीरों के माध्यम से संजोया गया है। संग्रहालय में गांधीजी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके संघर्ष और देशभर में किए गए सत्याग्रह व विभिन्न आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरें मौजूद हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से गांधीजी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को समझने का अवसर मिलता है।
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10 अप्रैल, 1919 को पलवल रेलवे स्टेशन से देश में पहली बार गांधीजी को किया गया था गिरफ्तार
हेमंत शर्मा
पलवल। देश को सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर आजादी की राह दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ी कई यादें पलवल में आज भी सुरक्षित हैं। पलवल वह स्थान है, जहां अंग्रेजी शासन ने देश में राजनीतिक रूप से पहली बार गांधीजी को गिरफ्तार किया था। 10 अप्रैल, 1919 को रॉलेट एक्ट के विरोध में पंजाब जाते समय गांधीजी को पलवल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर मुंबई ले जाया गया था। गांधीजी से जुड़ी ऐसी ही यादों को शहर का महात्मा गांधी सेवा आश्रम और असावटी गांव का गांधी घर आज भी संजोए हुए हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने रखी थी आश्रम की नींव
पलवल में हुई गिरफ्तारी की याद को स्थायी रूप से संजोने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने शहर में आश्रम स्थापित करने का निर्णय लिया था। माल गोदाम रोड पर 1938 में महात्मा गांधी सेवा आश्रम की नींव रखी गई। 2 अक्टूबर 1938 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आश्रम की आधारशिला रखी थी। करीब पांच एकड़ क्षेत्र में फैले आश्रम में गांधीजी की प्रतिमा के साथ संग्रहालय भी मौजूद है।
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महात्मा गांधी सेवा आश्रम में बनाए गए गांधी संग्रहालय का उद्घाटन 30 जनवरी 1999 को हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल महावीर प्रसाद ने किया था। इस अवसर पर तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री करण सिंह दलाल भी मौजूद थे। संग्रहालय का उद्देश्य गांधीजी के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान से जुड़ी यादों को सुरक्षित रखना है।
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बचपन से शहादत तक की तस्वीर
गांधी संग्रहालय में महात्मा गांधी के बचपन से लेकर शहादत तक की यादों को तस्वीरों के माध्यम से संजोया गया है। संग्रहालय में गांधीजी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके संघर्ष और देशभर में किए गए सत्याग्रह व विभिन्न आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरें मौजूद हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से गांधीजी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को समझने का अवसर मिलता है।