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दिव्यांग कंप्यूटर ऑपरेटर को नौकरी पर न रखने पर जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

Sat, 22 Jan 2022 11:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 11:09 PM IST
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Show cause notice issued for not hiring handicapped computer operator
पलवल। कोरोना काल में घर पर काम करने के लिए भेजे गए शत-प्रतिशत दिव्यांग कंप्यूटर ऑपरेटर को पिछले एक साल से नौकरी पर नहीं रखा गया है। दिव्यांग एक साल तक अधिकारियों के चक्कर काटे, परंतु उसका वेतन तक जारी नहीं हुआ। अधिकारियों से निराश हाथ लगने पर दिव्यांग ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। हरियाणा उच्च न्यायालय ने बीती 24 नवंबर को दिव्यांग को 30 दिन के भीतर पुन: नौकरी पर रखने व वेतन जारी करने के आदेश दिए, परंतु समयावधि पूरी होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब अदालत ने आदेशों की अवमानना मानते हुए जिलाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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दरअसल, गांव गौडोता निवासी जगदीश चंद दोनों पैरों से विकलांग है। 15 मार्च 2011 से वह लघु सचिवालय स्थित जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय में मनरेगा स्कीम के तहत बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत है। शत-प्रतिशत विकलांग होने के बावजूद 11 वर्षों से जगदीश ने पूरी निष्ठा के साथ नौकरी गई। कोरोना महामारी के दौरान मुख्य सचिव हरियाणा सरकार के आदेशानुसार 16 जुलाई 2020 को जगदीश को घर से काम करने के निर्देश दिए गए। जगदीश ने कोविड-19 की उक्त हिदायतों की पालन के चलते घर से काम किया। उन्होंनेे ड्यूटी की प्रतिवर्ष बढ़ाई जाने वाली समयावधि हेतु अपना प्रार्थना कार्यालय में दे दिया, लेकिन मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कोराना के दौरान न तो उसकी ड्यूटी की समयावधि बढ़ाई और न ही रुका हुआ वेतन दिया। नौकरी व वेतन के लिए जगदीश ने जिले के तमाम अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन किसी भी अधिकारी ने सुनवाई नहीं की।
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इसके बाद जगदीश ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और न्याय के लिए याचिका दायर की। उच्च न्यायालय के जस्टिस अरुण कुमार मोगा की अदालत ने 24 नवंबर 2021 को सुनवाई करते हुए आदेश पारित किए कि एक माह के अंदर प्रार्थी को नौकरी पर निरंतर रखा जाए तथा रुका हुआ वेतन प्रदान किया जाए, लेकिन एक माह का समय बीत जाने के बाद आदेशों की पालना नहीं की गई। प्रार्थी के वकील पवन कुमार ने हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना के मामले में पलवल के उपायुक्त और जिला परिषद के सीईओ के खिलाफ याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई 17 जनवरी 2022 को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये हुई। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस बीएस वालिया ने डीआरडीए एवं जिला परिषद सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि क्यों न आपके विरुद्ध हाईकोर्ट की अवमानना के तहत कार्यवाही की जाए। अदालत ने आगामी 17 मार्च तक कारण बताने के लिए अधिकारियों से कहा है। पीड़ित जगदीश चंद ने बताया कि उसने दिव्यांग आयोग में भी कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
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