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Palwal News: डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले सात आरोपी को जेल
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होटल में ठहर कर देते हैं ठगी की वारदात को अंजाम, निरंतर करते हैं यात्रा
पांच टीमें कर रही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास, दो विदेशी सहित अन्य निशाने पर
- अन्य राज्यों की पुलिस की भी मदद ले रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी मामले में पुलिस की पांच टीमें निरंतर हरियाणा सहित अन्य राज्यों में दबिश दे रही हैं। इस बार दो विदेशियों सहित दर्जन भर लोग पुलिस के निशाने पर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस की मदद ले सकती है। मामले में पुलिस अभी तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
बता दें कि बीती 19 अक्तूबर को न्यू कॉलोनी निवासी व्यापारी अनिल को साइबर ठगों ने 72 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 88 लाख रुपये की साइबर ठगी की। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पुलिस ने चार कार, नौ लाख रुपये, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड व चैक बुक बरामद की है। आरोपियों से पता चला है कि वह चाइनीज कंपनी के हैंडलर के रूप में कार्य करते हैं। सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस ने जानकारी जुटाई है। आरोपियों से मिली जानकारी के अनुसार दो विदेशी सहित दर्जन भर लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। इस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य राज्यों में दबिश दे रही हैं।
होटलों में ठहर कर देते हैं वारदात को अंजाम
जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने बताया कि आरोपी ठगी की वारदात के दौरान पुलिस से बचने के लिए एक शहर से दूसरे शहर यात्रा करते रहते हैं, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाए। वे होटल में कमरा लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। इस दौरान होटल का वाई-फाई के जरिये इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादा ठगी टेलीग्राम एप के जरिये ग्रुपों में जुड़े लोगों के साथ की जाती है। ठगी के दौरान उनके साथ विदेशी भी मौजूद रहे हैं। साथ ही जिस बैंक खाते में ठगी की राशि ट्रांसफर की जानी है, उस खाताधारक को भी निगरानी में रखा जाता है। ठगी की मोटी रकम आते ही उसे दर्जनों खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
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पांच टीमें कर रही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास, दो विदेशी सहित अन्य निशाने पर
- अन्य राज्यों की पुलिस की भी मदद ले रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी मामले में पुलिस की पांच टीमें निरंतर हरियाणा सहित अन्य राज्यों में दबिश दे रही हैं। इस बार दो विदेशियों सहित दर्जन भर लोग पुलिस के निशाने पर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस की मदद ले सकती है। मामले में पुलिस अभी तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
बता दें कि बीती 19 अक्तूबर को न्यू कॉलोनी निवासी व्यापारी अनिल को साइबर ठगों ने 72 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 88 लाख रुपये की साइबर ठगी की। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पुलिस ने चार कार, नौ लाख रुपये, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड व चैक बुक बरामद की है। आरोपियों से पता चला है कि वह चाइनीज कंपनी के हैंडलर के रूप में कार्य करते हैं। सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस ने जानकारी जुटाई है। आरोपियों से मिली जानकारी के अनुसार दो विदेशी सहित दर्जन भर लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। इस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य राज्यों में दबिश दे रही हैं।
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होटलों में ठहर कर देते हैं वारदात को अंजाम
जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने बताया कि आरोपी ठगी की वारदात के दौरान पुलिस से बचने के लिए एक शहर से दूसरे शहर यात्रा करते रहते हैं, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाए। वे होटल में कमरा लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। इस दौरान होटल का वाई-फाई के जरिये इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादा ठगी टेलीग्राम एप के जरिये ग्रुपों में जुड़े लोगों के साथ की जाती है। ठगी के दौरान उनके साथ विदेशी भी मौजूद रहे हैं। साथ ही जिस बैंक खाते में ठगी की राशि ट्रांसफर की जानी है, उस खाताधारक को भी निगरानी में रखा जाता है। ठगी की मोटी रकम आते ही उसे दर्जनों खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
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