फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Seven accused who committed fraud by digital arrest jailed

Palwal News: डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले सात आरोपी को जेल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Nov 2024 11:13 PM IST
विज्ञापन
Seven accused who committed fraud by digital arrest jailed
होटल में ठहर कर देते हैं ठगी की वारदात को अंजाम, निरंतर करते हैं यात्रा
विज्ञापन

पांच टीमें कर रही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास, दो विदेशी सहित अन्य निशाने पर
- अन्य राज्यों की पुलिस की भी मदद ले रही पुलिस

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी मामले में पुलिस की पांच टीमें निरंतर हरियाणा सहित अन्य राज्यों में दबिश दे रही हैं। इस बार दो विदेशियों सहित दर्जन भर लोग पुलिस के निशाने पर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस की मदद ले सकती है। मामले में पुलिस अभी तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
बता दें कि बीती 19 अक्तूबर को न्यू कॉलोनी निवासी व्यापारी अनिल को साइबर ठगों ने 72 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 88 लाख रुपये की साइबर ठगी की। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पुलिस ने चार कार, नौ लाख रुपये, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड व चैक बुक बरामद की है। आरोपियों से पता चला है कि वह चाइनीज कंपनी के हैंडलर के रूप में कार्य करते हैं। सात आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस ने जानकारी जुटाई है। आरोपियों से मिली जानकारी के अनुसार दो विदेशी सहित दर्जन भर लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। इस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य राज्यों में दबिश दे रही हैं।
विज्ञापन

होटलों में ठहर कर देते हैं वारदात को अंजाम
जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने बताया कि आरोपी ठगी की वारदात के दौरान पुलिस से बचने के लिए एक शहर से दूसरे शहर यात्रा करते रहते हैं, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाए। वे होटल में कमरा लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। इस दौरान होटल का वाई-फाई के जरिये इंटरनेट का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादा ठगी टेलीग्राम एप के जरिये ग्रुपों में जुड़े लोगों के साथ की जाती है। ठगी के दौरान उनके साथ विदेशी भी मौजूद रहे हैं। साथ ही जिस बैंक खाते में ठगी की राशि ट्रांसफर की जानी है, उस खाताधारक को भी निगरानी में रखा जाता है। ठगी की मोटी रकम आते ही उसे दर्जनों खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed