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Palwal News: नगर परिषद कार्यालय में फर्जी तरीके से कूड़े के वीडियो अपलोड कर किया घोटाला, केस
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फरीदाबाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने किया निरीक्षण, क्वालिस कंस्ट्रक्शन एजेंसी का घोटाला आया सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। हसनपुर के बीडीपीओ कार्यालय में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के बाद अब नगर परिषद कार्यालय में भी घोटाले का खुलासा हुआ है। यहां शहर में घर-घर कूड़ा उठाने, तुलाई के कांटे पर फर्जी पर्ची बनवाने और फिर इसे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर सरकार को चूना लगाने का मामला सामने आया है। इस घोटाले का खुलासा फरीदाबाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने किया है। कूड़े के नाम पर हुए इस घोटाले की जांच के बाद पुलिस ने नगर परिषद के ईओ की शिकायत पर फर्म व कांटा संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दरअसल, फरीदाबाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने सोमवार को नगर परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने शहर और विभिन्न कॉलोनियों से घर-घर कूड़ा उठाने का टेंडर लेने वाली मैनपॉवर एजेंसी क्वालिस कंस्ट्रक्शन एजेंसी की जांच की। एजेंसी ने शहर से कूड़ा उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, टीपर और जेसीबी मशीन सहित कुल 17 गाड़ियां लगाई हुई हैं। जांच में सामने आया कि एजेंसी ने कुछ वाहनों की फर्जी कांटे की तौल की रसीद बनाकर सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर दी थी। कूड़ा उठाने के फर्जीवाड़े की जांच के लिए मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम नगर परिषद के जेई शाहरुख के साथ डंपिंग यार्ड पहुंची। वहां मौके पर कूड़ा उठाने वाले वाहन खराब अवस्था में खड़े थे, जबकि अन्य वाहनों पर धूल जमी हुई थी।
सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
फरीदाबाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम के अनुसार, जांच के दौरान टीम ने डंपिंग यार्ड में खड़ी गाड़ियों की सुबह से लेकर दोपहर तक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें पाया गया कि गाड़ियां मौके पर ही खड़ी थीं और कहीं गई ही नहीं। बाद में टीम ने नई अनाज मंडी स्थित केसरी धर्मकांटा के रिकॉर्ड की जांच की तो फर्जी पर्चियां काटी गई थीं, लेकिन सीसीटीवी में कूड़ा लाने-ले जाने वाले किसी भी वाहन की आवाजाही नहीं मिली।
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टीम ने जब कांटे के कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि फर्म की ओर से जो भी कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां धर्मकांटे पर वजन कराने आती हैं, उनका रजिस्ट्रेशन नंबर, गाड़ी में भरे कूड़े का वजन और गाड़ी की फोटो-वीडियो आदि का विवरण सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है। इसी फर्जीवाड़े के जरिये नगर परिषद से कूड़े का भुगतान लेने की कोशिश की जाती थी।
जांच के बाद नगर परिषद के ईओ मैनेंद्र सिंह ने कूड़ा उठाने वाली फर्म और कांटा संचालक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। हसनपुर के बीडीपीओ कार्यालय में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के बाद अब नगर परिषद कार्यालय में भी घोटाले का खुलासा हुआ है। यहां शहर में घर-घर कूड़ा उठाने, तुलाई के कांटे पर फर्जी पर्ची बनवाने और फिर इसे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर सरकार को चूना लगाने का मामला सामने आया है। इस घोटाले का खुलासा फरीदाबाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने किया है। कूड़े के नाम पर हुए इस घोटाले की जांच के बाद पुलिस ने नगर परिषद के ईओ की शिकायत पर फर्म व कांटा संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दरअसल, फरीदाबाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने सोमवार को नगर परिषद कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने शहर और विभिन्न कॉलोनियों से घर-घर कूड़ा उठाने का टेंडर लेने वाली मैनपॉवर एजेंसी क्वालिस कंस्ट्रक्शन एजेंसी की जांच की। एजेंसी ने शहर से कूड़ा उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, टीपर और जेसीबी मशीन सहित कुल 17 गाड़ियां लगाई हुई हैं। जांच में सामने आया कि एजेंसी ने कुछ वाहनों की फर्जी कांटे की तौल की रसीद बनाकर सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर दी थी। कूड़ा उठाने के फर्जीवाड़े की जांच के लिए मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम नगर परिषद के जेई शाहरुख के साथ डंपिंग यार्ड पहुंची। वहां मौके पर कूड़ा उठाने वाले वाहन खराब अवस्था में खड़े थे, जबकि अन्य वाहनों पर धूल जमी हुई थी।
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सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
फरीदाबाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम के अनुसार, जांच के दौरान टीम ने डंपिंग यार्ड में खड़ी गाड़ियों की सुबह से लेकर दोपहर तक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। इसमें पाया गया कि गाड़ियां मौके पर ही खड़ी थीं और कहीं गई ही नहीं। बाद में टीम ने नई अनाज मंडी स्थित केसरी धर्मकांटा के रिकॉर्ड की जांच की तो फर्जी पर्चियां काटी गई थीं, लेकिन सीसीटीवी में कूड़ा लाने-ले जाने वाले किसी भी वाहन की आवाजाही नहीं मिली।
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टीम ने जब कांटे के कर्मचारियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि फर्म की ओर से जो भी कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां धर्मकांटे पर वजन कराने आती हैं, उनका रजिस्ट्रेशन नंबर, गाड़ी में भरे कूड़े का वजन और गाड़ी की फोटो-वीडियो आदि का विवरण सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है। इसी फर्जीवाड़े के जरिये नगर परिषद से कूड़े का भुगतान लेने की कोशिश की जाती थी।
जांच के बाद नगर परिषद के ईओ मैनेंद्र सिंह ने कूड़ा उठाने वाली फर्म और कांटा संचालक के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।