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पलवल: ई-टेंडरिंग के विरोध में सरपंचों का हल्ला-बोल
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- सैकड़ों की संख्या में जुलूस निकालकर पहुंचे लघु सचिवालय, सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। सरपंच एसोसिएशन की जिला इकाई ने सोमवार को ई-टेंडरिंग के विरोध में लघु सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन किया। जिला प्रधान शशिबाला तेवतिया भिडूकी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सरपंच जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे, जहां अतिरिक्त उपायुक्त हितेश कुमार मीणा को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सरपंचों ने ई-टेंडरिंग प्रक्रिया व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ज्ञापन में कहा गया कि संविधान के 73वें संशोधन की 11वीं सूची में पंचायतों के लिए निहित सभी अधिकार बहाल किए जाएं। राइट-टू-रिकॉल विधायक व सांसद पर भी लागू हों। ई-टेंडरिंग पूर्ण रूप से बंद हो। मनरेगा की मजदूरी 600 रुपए प्रतिदिन हो। सरपंचों का मानदेय 30 हजार रुपये व पंच का पांच हजार रुपये हो। पंचायतों को जितना भी पैसा मिले, उसे खर्च करने का अधिकार सरपंचों के पास होना चाहिए। इस अवसर पर प्रधान शशिबाला तेवतिया ने कहा कि पंचायती राज संस्थान अधिनियम में संशोधन करते हुए सरकार ने दो लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्य ई-टेंडरिंग के जरिए कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस कदम से सरपंचों की शक्तियां छिन गई हैं। पहले नियम 134 के तहत पंचायती राज संस्थाएं किसी भी विकास कार्य को बिना टेंडर जारी किए किसी को भी आवंटित कर सकती थीं, इससे जरूरत के हिसाब से सरपंच गांव में काम करा सकते थे। अब सभी विकास कार्य सरकारी अधिकारियों के जरिए ही उन्हें मिल पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में ई-टेंडरिंग के जरिए किए गए काम सही ढंग से नहीं किए गए। विकास कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। ई-टेंडरिंग अधिकारियों के करीबी ठेकेदारों को काम आवंटित करने का एक नया तरीका मात्र है। उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को रद्द करवाने के लिए वे बड़े से बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।
इस दौरान एसोसिएशन के बड़ौली खंड के प्रधान गजराज बैंसला, होडल खंड प्रधान ललित सरपंच दीघौट, हसनपुर खंड के प्रधान रॉकी डराना, पृथला खंड के प्रधान सुनील सरपंच दुधौला, हथीन खंड के प्रधान ओमप्रकाश, मंजीत सरपंच, सतीश सरपंच, हरबीर सरपंच, सविता सरपंच मंडकौला, मनोज कमरावली, राकेश लुलवाड़ी, बलजीत हिदायतपुर, दिनेश लाडियाका, चांदनी शर्मा बाता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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पलवल। सरपंच एसोसिएशन की जिला इकाई ने सोमवार को ई-टेंडरिंग के विरोध में लघु सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन किया। जिला प्रधान शशिबाला तेवतिया भिडूकी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सरपंच जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे, जहां अतिरिक्त उपायुक्त हितेश कुमार मीणा को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सरपंचों ने ई-टेंडरिंग प्रक्रिया व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ज्ञापन में कहा गया कि संविधान के 73वें संशोधन की 11वीं सूची में पंचायतों के लिए निहित सभी अधिकार बहाल किए जाएं। राइट-टू-रिकॉल विधायक व सांसद पर भी लागू हों। ई-टेंडरिंग पूर्ण रूप से बंद हो। मनरेगा की मजदूरी 600 रुपए प्रतिदिन हो। सरपंचों का मानदेय 30 हजार रुपये व पंच का पांच हजार रुपये हो। पंचायतों को जितना भी पैसा मिले, उसे खर्च करने का अधिकार सरपंचों के पास होना चाहिए। इस अवसर पर प्रधान शशिबाला तेवतिया ने कहा कि पंचायती राज संस्थान अधिनियम में संशोधन करते हुए सरकार ने दो लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्य ई-टेंडरिंग के जरिए कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस कदम से सरपंचों की शक्तियां छिन गई हैं। पहले नियम 134 के तहत पंचायती राज संस्थाएं किसी भी विकास कार्य को बिना टेंडर जारी किए किसी को भी आवंटित कर सकती थीं, इससे जरूरत के हिसाब से सरपंच गांव में काम करा सकते थे। अब सभी विकास कार्य सरकारी अधिकारियों के जरिए ही उन्हें मिल पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में ई-टेंडरिंग के जरिए किए गए काम सही ढंग से नहीं किए गए। विकास कार्यों में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है। ई-टेंडरिंग अधिकारियों के करीबी ठेकेदारों को काम आवंटित करने का एक नया तरीका मात्र है। उन्होंने कहा कि ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को रद्द करवाने के लिए वे बड़े से बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।
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इस दौरान एसोसिएशन के बड़ौली खंड के प्रधान गजराज बैंसला, होडल खंड प्रधान ललित सरपंच दीघौट, हसनपुर खंड के प्रधान रॉकी डराना, पृथला खंड के प्रधान सुनील सरपंच दुधौला, हथीन खंड के प्रधान ओमप्रकाश, मंजीत सरपंच, सतीश सरपंच, हरबीर सरपंच, सविता सरपंच मंडकौला, मनोज कमरावली, राकेश लुलवाड़ी, बलजीत हिदायतपुर, दिनेश लाडियाका, चांदनी शर्मा बाता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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