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Palwal News: 2.5 करोड़ के ठेके के बावजूद नहीं सुधरी सफाई व्यवस्था
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शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सड़कों और खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर, दुर्गंध और गंदगी के बीच रहने को मजबूर लोग
पिछले वर्ष जारी रैंकिंग में पलवल 824 शहरों में 427वें स्थान पर रहा था
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर की सफाई व्यवस्था लगातार बदहाल बनी हुई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सड़कों और खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर लगे हैं। कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
शहर से प्रतिदिन करीब 110 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन नियमित उठान नहीं होने के कारण गंदगी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली रहती है। इसका असर स्वच्छता रैंकिंग पर भी पड़ा है। पिछले वर्ष जारी रैंकिंग में पलवल 824 शहरों में 427वें स्थान पर रहा था।
नगर परिषद ने पहले तीन माह के लिए करीब 2.33 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय एचआर सॉल्यूशन कंपनी को सफाई का ठेका दिया था, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद पांच वर्ष के लिए करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से क्लासिक मैन पावर एजेंसी को शहर से कूड़ा उठाकर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने का कार्य सौंपा गया। एजेंसी को मई से काम शुरू करना था, लेकिन संसाधन खरीदने के लिए अतिरिक्त समय मांग लिया। फिलहाल नगर परिषद ने अंतरिम व्यवस्था के तहत करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से तीन माह का ठेका दिया हुआ है, जिसकी अवधि 8 अगस्त को समाप्त हो रही है। इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिल रहा।
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राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे, रेलवे रोड, सोहना रोड,धीर कॉलोनी,शिव कॉलोनी अलावलपुर चौक सहित शहर के अनेक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर कूड़ा नहीं उठाए जाने से दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। नागरिकों ने नगर परिषद से नियमित सफाई और कूड़ा उठान सुनिश्चित करने की मांग की है।
जागरूकता की कमी भी बढ़ा रही गंदगी
शहर में सफाई व्यवस्था की बदहाली के पीछे केवल एजेंसी की लापरवाही ही नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता की कमी भी एक बड़ा कारण है। कई लोग घरों का कूड़ा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहन में डालने के बजाय अपने घर के पास खाली प्लॉट, सड़क किनारे या किसी एक कोने में फेंक देते हैं। इससे कुछ ही समय में वहां कूड़े के ढेर लग जाते हैं और दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगता है। नगर परिषद की ओर से नियमित रूप से कूड़ा संग्रहण वाहन भेजे जा रहे हैं, लेकिन नागरिकों के सहयोग के बिना शहर को स्वच्छ बनाए रखना संभव नहीं है। स्वच्छ और सुंदर शहर के लिए जरूरी है कि प्रत्येक नागरिक निर्धारित वाहन में ही कूड़ा डालने की आदत अपनाए। संबंधित अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर बात नहीं हो पाई ।
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पिछले वर्ष जारी रैंकिंग में पलवल 824 शहरों में 427वें स्थान पर रहा था
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर की सफाई व्यवस्था लगातार बदहाल बनी हुई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सड़कों और खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर लगे हैं। कई-कई दिनों तक कूड़ा नहीं उठने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
शहर से प्रतिदिन करीब 110 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन नियमित उठान नहीं होने के कारण गंदगी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर फैली रहती है। इसका असर स्वच्छता रैंकिंग पर भी पड़ा है। पिछले वर्ष जारी रैंकिंग में पलवल 824 शहरों में 427वें स्थान पर रहा था।
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नगर परिषद ने पहले तीन माह के लिए करीब 2.33 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय एचआर सॉल्यूशन कंपनी को सफाई का ठेका दिया था, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद पांच वर्ष के लिए करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से क्लासिक मैन पावर एजेंसी को शहर से कूड़ा उठाकर डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाने का कार्य सौंपा गया। एजेंसी को मई से काम शुरू करना था, लेकिन संसाधन खरीदने के लिए अतिरिक्त समय मांग लिया। फिलहाल नगर परिषद ने अंतरिम व्यवस्था के तहत करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से तीन माह का ठेका दिया हुआ है, जिसकी अवधि 8 अगस्त को समाप्त हो रही है। इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिल रहा।
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राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे, रेलवे रोड, सोहना रोड,धीर कॉलोनी,शिव कॉलोनी अलावलपुर चौक सहित शहर के अनेक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर कूड़ा नहीं उठाए जाने से दुर्गंध फैल रही है और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। नागरिकों ने नगर परिषद से नियमित सफाई और कूड़ा उठान सुनिश्चित करने की मांग की है।
जागरूकता की कमी भी बढ़ा रही गंदगी
शहर में सफाई व्यवस्था की बदहाली के पीछे केवल एजेंसी की लापरवाही ही नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता की कमी भी एक बड़ा कारण है। कई लोग घरों का कूड़ा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहन में डालने के बजाय अपने घर के पास खाली प्लॉट, सड़क किनारे या किसी एक कोने में फेंक देते हैं। इससे कुछ ही समय में वहां कूड़े के ढेर लग जाते हैं और दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगता है। नगर परिषद की ओर से नियमित रूप से कूड़ा संग्रहण वाहन भेजे जा रहे हैं, लेकिन नागरिकों के सहयोग के बिना शहर को स्वच्छ बनाए रखना संभव नहीं है। स्वच्छ और सुंदर शहर के लिए जरूरी है कि प्रत्येक नागरिक निर्धारित वाहन में ही कूड़ा डालने की आदत अपनाए। संबंधित अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर बात नहीं हो पाई ।