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Palwal News: जलभराव से ज्वार-बाजरे की फसल खराब होने का खतरा
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मामलिका, शाह चोखा, पापड़ा और फलेंडी के खेतों में पानी जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। बारिश के बाद खेतों में जमा पानी अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। पिनगवां खंड के गांव मामलिका के कुछ हिस्सों के अलावा शाह चोखा, पापड़ा और फलेंडी गांव के जंगल में स्थित कुछ खेतों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। खेतों में पानी जमा होने से ज्वार और बाजरे की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो उनकी मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर सकता है।किसान जावेद, आरिफ, मकसूद, साहिद और राशिद आदि ने बताया कि खेतों में कई दिनों से पानी जमा है। ज्वार-बाजरे की फसल पानी में खड़ी होने के कारण प्रभावित हो रही है। लगातार जलभराव से पौधों के गलने और फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने बताया कि खेतों से पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार बारिश के बाद ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है।किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जलभराव वाले खेतों का जायजा लेकर जल्द पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि फसल को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि समय रहते पानी नहीं निकाला गया तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। बारिश के बाद खेतों में जमा पानी अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। पिनगवां खंड के गांव मामलिका के कुछ हिस्सों के अलावा शाह चोखा, पापड़ा और फलेंडी गांव के जंगल में स्थित कुछ खेतों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। खेतों में पानी जमा होने से ज्वार और बाजरे की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो उनकी मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर सकता है।किसान जावेद, आरिफ, मकसूद, साहिद और राशिद आदि ने बताया कि खेतों में कई दिनों से पानी जमा है। ज्वार-बाजरे की फसल पानी में खड़ी होने के कारण प्रभावित हो रही है। लगातार जलभराव से पौधों के गलने और फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने बताया कि खेतों से पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार बारिश के बाद ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है।किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जलभराव वाले खेतों का जायजा लेकर जल्द पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि फसल को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि समय रहते पानी नहीं निकाला गया तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।