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Palwal News: निजी स्कूलों में मौजूदा सत्र में 9-10 प्रतिशत बढ़ा वृद्धि

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Apr 2025 12:51 AM IST
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Private schools have seen a 9-10 percent hike in the current session
-किताबों के दाम बढ़े तो आईकार्ड व डायरी के लिए भी लिया जा रहा अतिरिक्त शुल्क
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संवाद न्यूज एजेंसी
,हथीन। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही कापी, किताब, स्टेशनरी, यूनिफार्म की दुकानों की रौनक लौट आई है। सत्र शुरू होते ही बच्चों के बैग का बोझ अभिभावकों के कंधे पर आ गया है। जिले के अधिकतर निजी विद्यालयों में मौजूदा सत्र में शुल्क में 9 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। इसके अलावा यूनिफार्म व किताबों के दाम भी बड़े हैं। इसके साथ ही छात्रों को आईकार्ड व डायरी का अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। इससे अभिभावकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है।
अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालयों में छात्रों को पूरे वर्ष का शुल्क देने के बाद भी उनको आई कार्ड व डायरी मुफ्त में नहीं दिए जाते हैं। उनका अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। 50 रुपये का आईकार्ड 150-200 रुपये में और डायरी 200 रुपये में बिक रही है। इसके साथ ही साल दर साल निजी विद्यालयों के खर्चों जैसे दाखिले, मासिक शुल्क, ट्रांसपोर्ट शुल्क, यूनिफार्म व स्कूल की एक्टिविटी के नाम पर बेतहाशा खर्चों के चलते अभिभावक परेशान हैं। है तो वहीं बड़ी संख्या में संचालकों ने विद्यालयों के अंदर ही दुकानें बनाई हुई हैं। जहां से मजबूरी में अभिभावकों को पढ़ाई के लिए जरूरी व अनावश्यक भी सामान खरीदना पड़ता है।
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आईडी कार्ड व डायरी का वसूला जा रहा शुल्क :

अभिभावकों का कहना है कि निजी विद्यालयों में विद्यालयों को दाखिला लेने पर आई कार्ड डायरी जैसे वस्तुओं को बिना किसी शुल्क के देना चाहिए, लेकिन निजी विद्यालय दाखिला लेने के बाद किताबें, ड्रेस, बिल्डिंग फीस तो लेते ही हैं इसके साथ आईडी कार्ड व डायरी के नाम पर भी अभिभावकों से शुल्क वसूलते हैं। शिक्षा विभाग को चाहिए कि इस पर सख्त से सख्त कदम उठाए, ताकि अभिभावकों के ऊपर अधिक बोझ न बन सकें।
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बोले अभिभावक, मजबूरी में कर रहे भुगतान :

अभिभावक गजराज का कहना है कि दाखिले शुरू होने के साथ ही निजी विद्यालयों में बच्चों की पुस्तकें देने के साथ ही उनसे आईकार्ड और डायरी के अतिरिक्त शुल्क लिए जाते हैं। मजबूरी में अभिभावकों को उसका भी भुगतान करना पड़ रहा है।




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अभिभावक मुक़ाबिर खान का कहना है पिछले साल की अपेक्षा इस बार महंगाई की रफ्तार डेढ़ गुना बढ़ी है, जबकि छोटे बच्चों की पुस्तकों व दूसरे खर्चों में तीन गुना तक बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके साथ ही निजी विद्यालयों में साल दर साल फीस के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। मजबूरी में अभिभावकों को यह शुल्क देना पड़ रहा है।

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वर्जन
अभी तक फीस वृद्धि मामले में कोई शिकायत नही मिली है। शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
सगीर अहमद, खंड शिक्षा अधिकारी
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