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‘200 किसानों की मौत पर मौन हैं प्रधानमंत्री’
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पलवल। संसद में प्रधानमंत्री गुलाम नबी आजाद के लिए रो सकते हैं, लेकिन किसान आंदोलन में मरने वाले 200 किसानों के लिए संवेदना के दो शब्द कहने के लिए उनके पास समय नहीं है। वह एमएसपी के नाम पर देश को गुमराह कर रहे हैं। यह बातें बुधवार को केएमपी-केजीपी पर चल रहे किसानों के धरने में राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कही।
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले चल रहे धरने पर 10वें दिन भारी संख्या में किसानों की भीड़ जुटी रही। पूरा दिन धरने को समर्थन देने का तौर चलता रहा। इसके साथ गांवों में किसानों को जागरूक करने का अभियान चलाया गया। 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार के नेतृत्व में अध्यक्षता चौधरी हीरालाल बठैन व संचालन महेंद्र चौहान ने किया। इस अवसर पर वक्ताओं व गायकों ने किसानों में जोश भरने का काम किया। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि तथाकथित राष्ट्रवाद के नाम पर देश को तोड़ने की साजिश की जा रही है। महापुरुषों व धार्मिक स्थलों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। पूंजीपतियों के लिए कानून बनाने वाले किसानों को आंदोलनजीवी कहकर अपमानित कर रहे हैं। इस मौके पर भागीरथ बेनीवाल, रणजीत महाशय, रणजीत थानेदार, कैलाश मिश्रा, पोहप सिंह डागर, जगजीत कौर पन्नू, राजेंद्र सिंह घर्रोट, निशार आदि मौजूद रहे।
गांवों में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों को कृषि कानूनों को विरुद्ध जागरूक करने का काम कर रहे हैं। बुधवार को गांव राखौता में किसानों की बैठक आयोजित की गई। किसान नेता वीरेंद्र मलिक, धर्मचंद, मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व राज कुमार ओहलियान ने संबोधित करते हुए कहा कि दो महीने से अधिक समय से देश भर में किसान सड़कों पर उतरे हुए हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग मानने कि बजाय आंदोलन को बदनाम करना चाहती है। लोगों से अपील की गई कि किसान मजदूर आंदोलन में भाग लेकर सरकार को मांग मानने को मजबूर करें।
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वातावरण शुद्धि के लिए यज्ञ
धरना स्थल पर भूडेर पाल की ओर से पर्यावरण शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। रोजाना सुबह यज्ञ के माध्यम से किसानों को लामबंद करने का भी काम किया जा रहा है। बुधवार को चंद्रमुनी वानप्रस्थी के सानिध्य में बादाम सिंह सरपंच, प्रेम सिंह दलाल, रमेश कुमार आर्य, धर्मेंद्र आर्य, नरेंद्र शास्त्री, सुखराम आर्य, राहुल तंवर, ऋषिपाल चौहान, रोहताश घुघेरा, उदयपाल आर्य आदि शामिल रहे।
बड़गुर्जर पाल ने लगाया टेंट
धरना स्थल पर तंबुओं की संख्या में लगातार बढ़ रही है। बुधवार को बड़गुर्जर पाल की तरफ से टेंट लगाने का काम शुरू कर दिया। मूलचंद बड़गुर्जर ने बताया कि किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए 12 गांवों की पंचायत आयोजित की गई थी। पाल पूरी तरह से किसानों के साथ है।
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संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले चल रहे धरने पर 10वें दिन भारी संख्या में किसानों की भीड़ जुटी रही। पूरा दिन धरने को समर्थन देने का तौर चलता रहा। इसके साथ गांवों में किसानों को जागरूक करने का अभियान चलाया गया। 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार के नेतृत्व में अध्यक्षता चौधरी हीरालाल बठैन व संचालन महेंद्र चौहान ने किया। इस अवसर पर वक्ताओं व गायकों ने किसानों में जोश भरने का काम किया। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि तथाकथित राष्ट्रवाद के नाम पर देश को तोड़ने की साजिश की जा रही है। महापुरुषों व धार्मिक स्थलों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। पूंजीपतियों के लिए कानून बनाने वाले किसानों को आंदोलनजीवी कहकर अपमानित कर रहे हैं। इस मौके पर भागीरथ बेनीवाल, रणजीत महाशय, रणजीत थानेदार, कैलाश मिश्रा, पोहप सिंह डागर, जगजीत कौर पन्नू, राजेंद्र सिंह घर्रोट, निशार आदि मौजूद रहे।
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गांवों में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों को कृषि कानूनों को विरुद्ध जागरूक करने का काम कर रहे हैं। बुधवार को गांव राखौता में किसानों की बैठक आयोजित की गई। किसान नेता वीरेंद्र मलिक, धर्मचंद, मास्टर महेंद्र सिंह चौहान व राज कुमार ओहलियान ने संबोधित करते हुए कहा कि दो महीने से अधिक समय से देश भर में किसान सड़कों पर उतरे हुए हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग मानने कि बजाय आंदोलन को बदनाम करना चाहती है। लोगों से अपील की गई कि किसान मजदूर आंदोलन में भाग लेकर सरकार को मांग मानने को मजबूर करें।
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वातावरण शुद्धि के लिए यज्ञ
धरना स्थल पर भूडेर पाल की ओर से पर्यावरण शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। रोजाना सुबह यज्ञ के माध्यम से किसानों को लामबंद करने का भी काम किया जा रहा है। बुधवार को चंद्रमुनी वानप्रस्थी के सानिध्य में बादाम सिंह सरपंच, प्रेम सिंह दलाल, रमेश कुमार आर्य, धर्मेंद्र आर्य, नरेंद्र शास्त्री, सुखराम आर्य, राहुल तंवर, ऋषिपाल चौहान, रोहताश घुघेरा, उदयपाल आर्य आदि शामिल रहे।
बड़गुर्जर पाल ने लगाया टेंट
धरना स्थल पर तंबुओं की संख्या में लगातार बढ़ रही है। बुधवार को बड़गुर्जर पाल की तरफ से टेंट लगाने का काम शुरू कर दिया। मूलचंद बड़गुर्जर ने बताया कि किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए 12 गांवों की पंचायत आयोजित की गई थी। पाल पूरी तरह से किसानों के साथ है।