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12 वर्षों से बीपीएल प्लॉटों पर कब्जा पाने के लिए भटक रहीं गरीब महिलाएं

Thu, 24 Sep 2020 10:45 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2020 10:45 PM IST
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Poor women wandering for 12 years to occupy BPL plots
पलवल लघु सचिवालय में बृहस्पतिवार को उपायुक्त से मिलने आईं महिलाएं। - फोटो : Palwal
12 वर्षों से बीपीएल प्लॉटों पर कब्जा पाने के लिए भटक रहीं गरीब महिलाएं
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पलवल। बीपीएल प्लॉटों पर कब्जा पाने के लिए गरीब महिलाएं पिछले 12 वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों को 2008 में प्लॉट तो आवंटित कर दिए गए, लेकिन अब तक कई लोगों को कब्जा नहीं मिल सका है। ये लोग कभी पंचायत अधिकारी तो कभी जिला उपायुक्त से प्लॉटों पर कब्जा दिलाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। बृहस्पतिवार को गांव लालगढ़ की गरीब महिलाएं लघु सचिवालय में तीसरी बार शिकायत लेकर आईं, लेकिन उपायुक्त के नहीं मिलने पर मायूस होकर लौट गईं।
राजीव गांधी आवास योजना के तहत 2008 में बीपीएल परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए गए थे। इसी योजना के तहत गांव लालगढ़ निवासी त्रिलोक, किशन, तोताराम, गिर्राज, बिसराम, सतीश, बाबूराम सहित 13 लोगों को प्लॉट आवंटित किए गए थे। तत्कालीन एसडीएम ने इस बारे में प्रस्ताव संख्या 14 के तहत खसरा नंबर 11-23 में पांच मार्च 2008 को आवंटन पत्र जारी किए थे। पत्र में पांच वर्ष की अवधि के दौरान मकान बनाने और 20 वर्ष की अवधि से पहले भूमि का विक्रय, पट्टा, रहन या अन्य किसी प्रकार से निपटान नहीं करने की शर्त निर्धारित की गई थी। प्लॉट पर घर बनाने के लिए लोन लेने का भी प्रावधान किया गया था। उपायुक्त से मिलने आई श्रीमती, राजवती सहित अन्य ने बताया कि प्लॉट पर कब्जा पाने के लिए दर्जनों बार हसनपुर खंड कार्यालय में गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। क्लर्क तक मिलने से इनकार कर देता है। तीन बार से उपायुक्त से मिलने आ रही हैं, लेकिन अभी तक मुलाकात नहीं हो पाई है।
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मेरे पति के नाम से गांव में 100 वर्ग गज का प्लॉट मिला था, लेकिन 12 साल बाद भी कब्जा नहीं मिला है। पति मजदूरी पर जाते हैं, मैं आवंटन पत्र लेकर प्लॉट के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हूं।
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- मेमवती, निवासी गांव लालगढ़
उपायुक्त से मिलने के लिए सुबह नौ बजे से आई हुई हैं, लेकिन अभी तक मुलाकात नहीं हो पाई हैं। इससे पहले भी दो बार यहां आ चुकी है, लेकिन अधिकारी नहीं मिलते।
- इंद्रा, निवासी गांव लालगढ़
तत्कालीन ग्राम पंचायत ने बीपीएल परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए गए थे। आवंटन पत्र में जमीन का खसरा और मुस्तील नंबर गलत दर्शाए गए हैं, जिसकी वजह से परेशानी हो रही है। इस समस्या का हल उच्चाधिकारी ही निकाल सकते हैं।

- दिनेश, ग्राम सरपंच, लालगढ़
मेरे पास हसनपुर का अतिरिक्त पदभार है। अभी एक प्लॉट के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर प्राथमिकता के साथ समाधान कराया जाएगा। यदि खसरा नंबर में कोई गलती है तो उसे ठीक कराया जाएगा।
- पूजा शर्मा, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, हसनपुर
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