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कम नहीं हो रहा प्रदूषण, निर्माण कार्यों पर लगा प्रतिबंध
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Pollution is not decreasing, ban on construction works
पलवल। जिले में रविवार को भी प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक रहा। औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 237 दर्ज किया गया। हालांकि, शनिवार के मुकाबले स्तर थोड़ा सा कम है। लेकिन, चिकित्सकों की मानें तो अभी भी यह स्तर काफी खतरनाक है। अस्थमा और टीबी के मरीजों के साथ-साथ नेत्र रोगियों के लिए भी यह काफी खतरनाक है। ऐसे लोगों को घर से बाहर कम ही निकलना चाहिए। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर को कम करने के लिए प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है। रविवार को उपायुक्त कृष्ण कुमार ने जिले में निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही नगर परिषद व राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को सड़कों पर तुरंत पानी का छिड़काव कराने के निर्देश फिर से जारी किए हैं।
जिले में प्रदूषण नियंत्रण विभाग के रिकार्ड के अनुसार, रविवार को पलवल में औसतन एक्यूआई 237 रहा। लगातार बढ़ते इस प्रदूषण स्तर के कारण सामान्य लोगों को भी सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा प्रदूषण कूड़ा जलाने से बढ़ रहा है। कूड़ा जलाने से उसके साथ जलने वाली पॉलीथिन के कारण धुआं बेहद काला निकलता है। यह काफी जहरीला होता है। चिकित्सकों के अनुसार, इस धुएं से फेफड़ों में इंफेक्शन की संभावना रहती है। अधिकांश समय तक ऐसे प्रदूषण में रहने से फेफड़े खराब होने की संभावना बन जाती है।
प्रदूषण के स्तर को प्रशासन के अलावा आम लोग भी नियंत्रित कर सकते हैं। लोगों को चाहिए कि वे कूड़े में आग न लगाएं। कोशिश करें कि ठंड से बचने के लिए कोयला व लकड़ियां जलाकर अलाव कम जलाएं। इससे प्रदूषण कम होगा और साथ ही ठंड से भी बचाव होगा।
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- डॉ. प्रशांत गुप्ता, वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट
आदेशों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार जिले में निर्माण गतिविधियां बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिले में प्रशासन द्वारा प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। डीजल जनरेटर पर पूर्णतया पाबंदी रहेगी। वहीं, सभी प्रकार के निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी, जब तक मौसम की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो जाता। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में प्रदूषण नियंत्रण विभाग के रिकार्ड के अनुसार, रविवार को पलवल में औसतन एक्यूआई 237 रहा। लगातार बढ़ते इस प्रदूषण स्तर के कारण सामान्य लोगों को भी सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा प्रदूषण कूड़ा जलाने से बढ़ रहा है। कूड़ा जलाने से उसके साथ जलने वाली पॉलीथिन के कारण धुआं बेहद काला निकलता है। यह काफी जहरीला होता है। चिकित्सकों के अनुसार, इस धुएं से फेफड़ों में इंफेक्शन की संभावना रहती है। अधिकांश समय तक ऐसे प्रदूषण में रहने से फेफड़े खराब होने की संभावना बन जाती है।
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प्रदूषण के स्तर को प्रशासन के अलावा आम लोग भी नियंत्रित कर सकते हैं। लोगों को चाहिए कि वे कूड़े में आग न लगाएं। कोशिश करें कि ठंड से बचने के लिए कोयला व लकड़ियां जलाकर अलाव कम जलाएं। इससे प्रदूषण कम होगा और साथ ही ठंड से भी बचाव होगा।
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- डॉ. प्रशांत गुप्ता, वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट
आदेशों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त कृष्ण कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार जिले में निर्माण गतिविधियां बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिले में प्रशासन द्वारा प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। डीजल जनरेटर पर पूर्णतया पाबंदी रहेगी। वहीं, सभी प्रकार के निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी, जब तक मौसम की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो जाता। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।