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पलवल: 60 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू; पश्चिम बंगाल का बताकर कर रहे थे मजदूरी
Fri, 23 May 2025 07:23 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, पलवल
अमर उजाला नेटवर्क, पलवल
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 23 May 2025 07:23 PM IST
सार
पलवल जिले में पुलिस ने दो ईंट भट्ठों से 60 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। ये सभी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताकर मजदूरी कर रहे थे।
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Crime demo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पलवल जिले के हथीन उपमंडल में पुलिस ने गुप्तचर विभाग की सूचना पर दो ईंट-भट्ठों से 60 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। ये सभी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताकर मजदूरी कर रहे थे। अब इन्हें वापस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उटावड़ थाना क्षेत्र में स्थित कृष्णा ईंट-भट्ठा और बालाजी ईंट-भट्ठा पर छापा मारकर इन्हें पकड़ा गया है। गुप्तचर विभाग को लंबे समय से इन ईंट-भट्ठों पर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर संदेह था। लगातार निगरानी के बाद जब पुख्ता सूचना मिली, तो विभाग ने जिला पुलिस को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद हथीन डीएसपी मोहिंदर सिंह के नेतृत्व में जिले के कई थानों की पुलिस टीमों ने मिलकर एक साथ छापा मारा। कार्रवाई के दौरान सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई, जिसमें वे अपनी पहचान स्पष्ट नहीं कर सके। जब नागरिकता से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो कोई भी वैध प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके। डीएसपी मोहिंदर सिंह ने बताया कि पकड़े गए सभी व्यक्तियों की नागरिकता की पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि वे बांग्लादेशी हैं और अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। सभी के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार शुरू कर दी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि आजकल गुप्तचर विभाग और पुलिस द्वारा संदिग्ध लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। खासकर सीमावर्ती और श्रमिक इलाकों में, जहां अक्सर इस तरह की गतिविधियां सामने आती हैं। यह कार्रवाई न केवल अवैध प्रवासियों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि भविष्य में ऐसी और कार्रवाई हो सकती है। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में प्रशासन को समय रहते सूचना दें।
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इसके बाद हथीन डीएसपी मोहिंदर सिंह के नेतृत्व में जिले के कई थानों की पुलिस टीमों ने मिलकर एक साथ छापा मारा। कार्रवाई के दौरान सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई, जिसमें वे अपनी पहचान स्पष्ट नहीं कर सके। जब नागरिकता से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो कोई भी वैध प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके। डीएसपी मोहिंदर सिंह ने बताया कि पकड़े गए सभी व्यक्तियों की नागरिकता की पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि वे बांग्लादेशी हैं और अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। सभी के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार शुरू कर दी गई है।
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उन्होंने यह भी कहा कि आजकल गुप्तचर विभाग और पुलिस द्वारा संदिग्ध लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। खासकर सीमावर्ती और श्रमिक इलाकों में, जहां अक्सर इस तरह की गतिविधियां सामने आती हैं। यह कार्रवाई न केवल अवैध प्रवासियों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि भविष्य में ऐसी और कार्रवाई हो सकती है। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में प्रशासन को समय रहते सूचना दें।
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