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Palwal News: नारकीय जीवन जीने को विवश सौंदहद के प्रजापति मोहल्ले के लोग
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- घरों के सामने काफी समय से भरा है गंदा पानी और कीचड़
- सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद भी नहीं हुई कोई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। एक ओर प्रदेश सरकार की ओर से आमजन की सुविधा और विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर नए-नए रास्तों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन क्षेत्र के सबसे बड़े गांव सौंदहद के लोग आज भी विकास के लिए तरस रहे हैं। गांव के प्रजापति मोहल्ले में काफी समय से गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है, जिसके कारण मोहल्ले के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कीचड़ और गंदे पानी से भरे उक्त रास्ते से लोगों का पैदल निकलना तो दूर की बात, बल्कि यहां से किसी वाहन में सवार होकर निकलना भी दूभर हो जाता है। गांव राजनीति का शिकार होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा इस मामले में ग्राम सरपंच से लेकर सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। अब दर्जनों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर मामले की शिकायत एसडीएम को दी है।
गांव निवासी सुखवीर, पूर्व पंचायत सदस्य रामकिशन, पंच धर्मदेव, गोलू, सुदेश, वीरपाल, अमरपाल, अमरचन्द, रतीराम, डालचन्द, स्नेहलता, जयदेव, बदन, सतवीर, उदयचन्द, राकेश आदि ने एसडीएम को दी शिकायत में बताया कि गांव के प्रजापति मोहल्ले के दर्जनों घरों के रास्ते में सामने पिछले काफी समय से गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है। इसके कारण यहां मक्खी, मच्छरों और जहरीले कीटों का प्रकोप बना रहता है। रास्ते में कीचड़ भरा होने के कारण बुजुर्ग और बच्चों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गंदे पानी और कीचड़ के कारण कई बार लोग घायल हो जाते हैं।
रास्ते में पानी भरने का कारण आगे नाली का बंद होना बताया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जब वह इस मामले में सरपंच से मिले तो बताया कि नालियों के काम को जिला पार्षद कराएगा और जब वह जिला पार्षद के पास पहुंचे तो वहां से यह कहकर चलता कर दिया गया कि उक्त कार्य को सरपंच कराएगा।
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ग्रामीणों का कहना था कि रास्ते में कीचड़ और गंदा पानी भरा होने के कारण अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से गंदे पानी की निकासी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने की मांग की है।
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प्राचीन दुर्वासा मंदिर के सामने जमा गंदा पानी, श्रद्धालु परेशान
हथीन। गांव आली ब्राह्मण स्थित प्राचीन दुर्वासा मंदिर जाने वाले मार्ग पर गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। यह मंदिर हजारों साल पुराना है। मंदिर पर न केवल आली ब्राह्मण बल्कि आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग आते हैं। इसके बावजूद मंदिर मार्ग पर लंबे अरसे से जलभराव बना हुआ है। गांव के लोगों ने बताया कि पानी निकासी की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों के पास गुहार लगाई गई। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि मंदिर के मुख्य द्वार पर जमा गंदे पानी कि निकासी कि तुरंत व्यवस्था कि जाए। खिल्लूका से इंदाना तक जाने वाली जर्जर सड़क को अतिशीघ्र बनाया जाए, जिससे दैनिक यात्रियों को दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
सड़क का निर्माण पांच करोड़ रुपये के बजट से कराया जाएगा। इसके लिए एस्टीमेट बनाकर नाबार्ड को भेजा गया है। नाबार्ड से स्वीकृति मिलते ही सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। - आरिफ खान, जूनियर इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग
पानी निकासी की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैंं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। - ब्रजभूषण, समाजसेवी
महर्षि दुर्वासा का यह मंदिर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत आने वाले हथीन से इंदाना वाया आलीमेव-खाइका रोड पर आली ब्राह्मण गांव में पड़ता है। यह सड़क कई वर्षों से जर्जर हालत में है। - शाहमुद्दीन खान मेवाती, सामाजिक कार्यकर्ता
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- सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद भी नहीं हुई कोई सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। एक ओर प्रदेश सरकार की ओर से आमजन की सुविधा और विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर नए-नए रास्तों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन क्षेत्र के सबसे बड़े गांव सौंदहद के लोग आज भी विकास के लिए तरस रहे हैं। गांव के प्रजापति मोहल्ले में काफी समय से गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है, जिसके कारण मोहल्ले के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कीचड़ और गंदे पानी से भरे उक्त रास्ते से लोगों का पैदल निकलना तो दूर की बात, बल्कि यहां से किसी वाहन में सवार होकर निकलना भी दूभर हो जाता है। गांव राजनीति का शिकार होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा इस मामले में ग्राम सरपंच से लेकर सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। अब दर्जनों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर मामले की शिकायत एसडीएम को दी है।
गांव निवासी सुखवीर, पूर्व पंचायत सदस्य रामकिशन, पंच धर्मदेव, गोलू, सुदेश, वीरपाल, अमरपाल, अमरचन्द, रतीराम, डालचन्द, स्नेहलता, जयदेव, बदन, सतवीर, उदयचन्द, राकेश आदि ने एसडीएम को दी शिकायत में बताया कि गांव के प्रजापति मोहल्ले के दर्जनों घरों के रास्ते में सामने पिछले काफी समय से गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है। इसके कारण यहां मक्खी, मच्छरों और जहरीले कीटों का प्रकोप बना रहता है। रास्ते में कीचड़ भरा होने के कारण बुजुर्ग और बच्चों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गंदे पानी और कीचड़ के कारण कई बार लोग घायल हो जाते हैं।
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रास्ते में पानी भरने का कारण आगे नाली का बंद होना बताया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जब वह इस मामले में सरपंच से मिले तो बताया कि नालियों के काम को जिला पार्षद कराएगा और जब वह जिला पार्षद के पास पहुंचे तो वहां से यह कहकर चलता कर दिया गया कि उक्त कार्य को सरपंच कराएगा।
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ग्रामीणों का कहना था कि रास्ते में कीचड़ और गंदा पानी भरा होने के कारण अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से गंदे पानी की निकासी और सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने की मांग की है।
प्राचीन दुर्वासा मंदिर के सामने जमा गंदा पानी, श्रद्धालु परेशान
हथीन। गांव आली ब्राह्मण स्थित प्राचीन दुर्वासा मंदिर जाने वाले मार्ग पर गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके कारण श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। यह मंदिर हजारों साल पुराना है। मंदिर पर न केवल आली ब्राह्मण बल्कि आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग आते हैं। इसके बावजूद मंदिर मार्ग पर लंबे अरसे से जलभराव बना हुआ है। गांव के लोगों ने बताया कि पानी निकासी की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों के पास गुहार लगाई गई। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि मंदिर के मुख्य द्वार पर जमा गंदे पानी कि निकासी कि तुरंत व्यवस्था कि जाए। खिल्लूका से इंदाना तक जाने वाली जर्जर सड़क को अतिशीघ्र बनाया जाए, जिससे दैनिक यात्रियों को दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
सड़क का निर्माण पांच करोड़ रुपये के बजट से कराया जाएगा। इसके लिए एस्टीमेट बनाकर नाबार्ड को भेजा गया है। नाबार्ड से स्वीकृति मिलते ही सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। - आरिफ खान, जूनियर इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग
पानी निकासी की मांग को लेकर कई बार अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैंं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। - ब्रजभूषण, समाजसेवी
महर्षि दुर्वासा का यह मंदिर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत आने वाले हथीन से इंदाना वाया आलीमेव-खाइका रोड पर आली ब्राह्मण गांव में पड़ता है। यह सड़क कई वर्षों से जर्जर हालत में है। - शाहमुद्दीन खान मेवाती, सामाजिक कार्यकर्ता