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Palwal News: खेत व छतों पर कार्यक्रमों का आयोजन करना सामाजिक प्रतिष्ठा पर डालता है प्रभाव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:56 PM IST
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Organizing programs on farms and rooftops affects social prestige.
परिचर्चा कार्यक्रम में बोले ग्रामीण, गांव में शादी-विवाह व सामाजिक कार्यक्रम के लिए बरात घर का अभाव
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पशु चिकित्सालय, उप-स्वास्थ्य केंद्र और सड़कों की बदहाली से परेशान ग्रामीण

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। बाता के लोगों ने अमर उजाला की ओर से आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में गांव की प्रमुख समस्याओं पर आवाज उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में बरात घर नहीं होने के कारण शादी-विवाह या अन्य सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन खेतों या लोगों को घर की छतों पर करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार यह न केवल असुविधाजनक है बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर डालता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि गांव में जल्द से जल्द एक बारात घर का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा पशु चिकित्सालय, उप-स्वास्थ्य केंद्र और सड़कों की बदहाल स्थिति जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की।

इसके अलावा, गांव में पशुओं के इलाज के लिए कोई पशु चिकित्सालय नहीं है। पशुओं को इलाज के लिए करीब छह किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे गाड़ी और अस्पताल का खर्च ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ता है। कई बार तो इन खर्चों की वजह से ग्रामीण अपने पशुओं का इलाज कराने से भी कतराते हैं। गांव के भीतर एक उप-स्वास्थ्य केंद्र का नहीं होने भी एक गंभीर समस्या है। किसी भी बीमारी की स्थिति में मरीज को 15 किलोमीटर दूर शहर के नागरिक अस्पताल ले जाना पड़ता है, जो समय और धन दोनों की बर्बादी है। आपातकालीन स्थिति में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
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ग्रामवासियों ने बाता से रायदासका को जोड़ने वाली सड़क की दयनीय स्थिति की भी शिकायत की। उन्होंने बताया कि सड़क की टूटी हुई सतह की वजह से यात्रा करना बेहद मुश्किल हो गया है। यह सड़क न केवल ग्रामीणों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही है। ग्रामवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इन बुनियादी समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि इन समस्याओं को अनदेखा किया गया, तो गांव का विकास प्रभावित होगा और ग्रामीणों का जीवन और कठिन हो जाएगा।
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शादी-ब्याह के लिए बरात घर न होने से खेतों और छतों पर कार्यक्रम करना पड़ता है। - टेकी, पूर्व सरपंच
पशु बीमार हो जाएं तो छह किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है, जिससे खर्चा बढ़ जाता है। - सुभाष
बीमारों को इलाज के लिए 15 किलोमीटर दूर शहर ले जाना हमारी सबसे बड़ी समस्या है। - दीपचंद
बाता से रायदासका की सड़क इतनी खराब है कि हर रोज परेशानी उठानी पड़ती है। -मेहरचंद
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