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किसान एकता के नारे संग किया सरकार का विरोध

Fri, 19 Feb 2021 11:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2021 11:08 PM IST
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Opposition of the government with the slogan of farmer unity
पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में रेल रोको आंदोलन के बाद एक बार फिर धरने में समर्थन का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को पूरे दिन एक ओर जहां किसान नेताओं ने अपने भाषण के माध्यम से किसानों में जोश भरा, वहीं किसान एकता के नारे लगाकर सभी ने केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया। पूरे दिन गीतों के माध्यम से जमकर कटाक्ष किए गए।
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शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता 52 पालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार व संचालन रूपराम तेवतिया ने की। धरने को विभिन्न गांवों से आई सरदारी ने समर्थन दिया। मास्टर महेंद्र चौहान ने कहा कि रेलवे ट्रैक जाम करने से देश के चार मुख्य धरनों में पलवल धरने का नाम भी लिया जा रहा है। यह किसानों के संघर्ष की वजह से ही संभव हो पाया है। भाजपा सरकार ने किसानों के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसलिए देश की कमान सौंपी थी कि गरीब का बेटे हैं, गरीब व कमेरे वर्ग के हित में काम करेंगे, लेकिन उन्होंने सिर्फ पूंजीपतियों के हित में काम किया। सभी सरकारी विभागों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। नई भर्ती नहीं की जा रही है, वहीं पुराने कर्मचारियों को भी नौकरी से हटाया जा रहा है। देश में बेरोजगारी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
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अरुण जेलदार ने कहा कि किसानों व कमेरे वर्ग के हित के लिए देश में 27 बैंक खोले गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन्हें घटाकर 12 कर दिया है। अब चार बैंकों को और समाप्त करने का नोटिस दिया है। इनके अलावा रेल व जहाज को भी निजी कंपनियों को बेचा रहा है। देश को घाटे से उभारने के नाम पर मुनाफे वाले विभागों को पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है। इस मौके पर मवासी राम तंवर, राजकुमार ओहलियान, दलवीर डागर, बादाम सरपंच धतीर, नंदा सरपंच, रणजीत, रणवीर सिंह चौहान, देव रत्न सरपंच अलावलपुर, राहुल तंवर, हरगोपाल दीघोट, ऋषिपाल चौहान, राजेंद्र बैंसला आदि मौजूद रहे। वहीं धरनास्थल पर चौपाई व गीतों का दौर चलता रहा। किसानों ने अपने गीतों के जरिये सरकार पर कटाक्ष करते हुए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। सभा में अच्छेलाल जोधपुर, हरप्रसाद औरंगाबाद, रतीराम पहलवान किठवाड़ी व धन्नी अलावलपुर सहित अन्य ने गीत व चौपई प्रस्तुत की।
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चौपई प्रतियोगिता के लिए तैयारियां शुरू
27 व 28 फरवरी को धरनास्थल पर ब्रज संस्कृति के अनुसार चौपाई प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। चौपाई पार्टी को हिस्सा लेने के आह्वान के साथ ही कवियों व गायकों को अपनी पार्टी सहित आमंत्रित किया गया है।
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