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भजन-सकीर्तन कर जताया केंद्र सरकार का विरोध
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पलवल में किसानों के धरना को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत
- फोटो : Palwal
पलवल। केएमपी-केजीपी पर चल रहे धरने में अब गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में होने वाली परेड में शामिल होने की कवायद तेज हो गई है। एक ओर जहां भजन-संकीर्तन कर केंद्र सरकार का विरोध जताया जा रहा है, वहीं सभी लोग हर हाल में 26 जनवरी को परेड में ट्रैक्टरों के साथ शामिल होें। शुक्रवार को सभी पदाधिकारियों को इस संबंध में जिम्मेदारी सौंपी गई।
अटोहां मोड़ पर चल रहे धरने में कड़ाके की ठंड होने के बावजूद किसानों को जोश कम नहीं हो रहा है। धरना स्थल पर बढ़ रही संख्या को देखते हुए अटोहां मोड़ पर पुल के ऊपर भी टेंट लगा दिए गए हैं। जिले के सहरावत पाल की ओर से टेंट लगाया गया है। किसान नेताओं रतन सिंह सौरोत, महेंद्र चौहान, प्रेम दलाल ने कहा कि सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, किसान कानून को रद कराए बिना पीछे नहीं हटेंगे। 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली को देखकर
सरकार की समझा आ जाएगा कि किसान अब झुकने वाले नहीं है। सरकार डेढ़ साल के लिए कानून को स्थगित करने की बात कहकर किसानों को यहां से हटाना चाहती है, लेकिन अब किसान हटने वाले नहीं है। वहीं भोजन व चाय की व्यवस्था लगातार जारी है। शुक्रवार को पटियाला से आए किसानों द्वारा चाय व लंगर के लिए अलग से टेंट लगाकर व्यवस्था की गई। अब धरना स्थल पर दो स्थानों पर लंगर चल रहा है। वहीं रात के समय पटियाला के किसानों की तरफ शबद कीर्तन व भजन संकीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। दूसरी ओर स्वास्थ्य जांच शिविर में शुगर, बीपी आदि की जांच के साथ ही अन्य स्वास्थ्य संबंधित जांच कर दवाइयां दी जा रही हैं। वहीं लकड़ी, उपलों आदि को जलाकर ठंड से बचाव का प्रयास किया जा रहा है।
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अटोहां मोड़ पर चल रहे धरने में कड़ाके की ठंड होने के बावजूद किसानों को जोश कम नहीं हो रहा है। धरना स्थल पर बढ़ रही संख्या को देखते हुए अटोहां मोड़ पर पुल के ऊपर भी टेंट लगा दिए गए हैं। जिले के सहरावत पाल की ओर से टेंट लगाया गया है। किसान नेताओं रतन सिंह सौरोत, महेंद्र चौहान, प्रेम दलाल ने कहा कि सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, किसान कानून को रद कराए बिना पीछे नहीं हटेंगे। 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली को देखकर
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सरकार की समझा आ जाएगा कि किसान अब झुकने वाले नहीं है। सरकार डेढ़ साल के लिए कानून को स्थगित करने की बात कहकर किसानों को यहां से हटाना चाहती है, लेकिन अब किसान हटने वाले नहीं है। वहीं भोजन व चाय की व्यवस्था लगातार जारी है। शुक्रवार को पटियाला से आए किसानों द्वारा चाय व लंगर के लिए अलग से टेंट लगाकर व्यवस्था की गई। अब धरना स्थल पर दो स्थानों पर लंगर चल रहा है। वहीं रात के समय पटियाला के किसानों की तरफ शबद कीर्तन व भजन संकीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। दूसरी ओर स्वास्थ्य जांच शिविर में शुगर, बीपी आदि की जांच के साथ ही अन्य स्वास्थ्य संबंधित जांच कर दवाइयां दी जा रही हैं। वहीं लकड़ी, उपलों आदि को जलाकर ठंड से बचाव का प्रयास किया जा रहा है।
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