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नर्सिंग कॉलेज के बावजूद नहीं कर पा रहे कोर्स

Sun, 28 Feb 2021 07:37 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पलवल
अमर उजाला नेटवर्क, पलवल Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sun, 28 Feb 2021 07:37 PM IST
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Not able to do courses despite nursing college
नर्सिंग कालेज - फोटो : अमर उजाला

नर्सिंग में अपना कैरियर बनाने की इच्छुक युवतियों को जिले में नर्सिंग कालेज की सौगात तो मिल गई, लेकिन वे आज भी यहां से कोर्स नहीं कर पा रहे हैं। वर्ष 2013 में जीएनएम और एएनएम कोर्स के लिए भवन भी बना दिए गए, लेकिन अब तक स्टाफ नहीं तैनात किए गए हैं। यह मामला कई बार विधायकों, केंद्रीय राज्यमंत्री के अलावा स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठ चुका है, लेकिन आज तक इस संबंध में कोई भी कदम नहीं उठाया गया।

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ऐसे में यहां की छात्राओं को फरीदाबाद, गुरुग्राम सहित दूसरे राज्यों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है। वर्ष 2008 में पलवल जिला बनने के बाद ही युवाओं ने नर्सिंग कालेज शुरू करने की मांग उठानी शुरू कर दी थी। वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने जिले में नर्सिंग कालेज शुरू करने की घोषणा कर दी। जुलाई 2012 में जिला नागरिक अस्पताल में जीएनएम व सौंदहद स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम कालेज शुरू करने की मंजूरी दे दी गई।
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सरकार द्वारा 10 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर कर दी गई और काम शुरू करा दिया गया। वर्ष 2013 जुलाई तक दोनों नर्सिंग कालेजों का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। वहीं हॉस्टल भी बनाकर तैयार कर दिया गया। वर्ष 2014 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बन गई। तभी से जिले में जीएनएम और एएनएम कालेज शुरू कराने की मांग चली आ रही है, लेकिन आज तक यह शुरू नहीं हो सका है।
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बना दिया गया है कोरोना टीकाकरण केंद्र
जिला नागरिक अस्पताल में स्थित जीएनएम कालेज आजकल कोरोना टीकाकरण केंद्र बना हुआ है। वहीं पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान इसे आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया था। 

कांग्रेस सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा द्वारा युवाओं के लिए जितनी भी योजनाएं शुरू की गई थीं, वे सब भाजपा सरकार में ठप पड़ी हैं। कांग्रेस के कार्यकाल में 10 करोड़ रुपये खर्च कर कालेजों को तैयार किया गया, लेकिन भाजपा सरकार आज तक स्टाफ व अन्य सुविधाएं नहीं मुहैया करा सकी है। जिस कारण छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। - करण सिंह दलाल, पूर्व मंत्री 


नर्सिंग कालेज पिछले साल ही शुरू होना था, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के चलते शुरू नहीं हो पाया। इसके लिए स्टाफ व अन्य सुविधाओं के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भिजवाया हुआ है। उम्मीद है कि इस वर्ष कालेज शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन पलवल

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