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बीपीएल सूचि में से नाम कटने पर मंडकौला की महिलाओं ने किया प्रदर्शन
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बीपीएल सूची से नाम कटने पर फूटा रोष
पलवल। बीपीएल सूची में से नाट काटे जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को मंडकौला से आई महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा सूची में नाम जुड़वाने की मांग की। महिलाओं का आरोप था कि गरीब परिवारों के नाम बीपीएल की सूची में सर्वे करने के दौरान काट दिए गए हैं, जबकि अमीर परिवारों के नाम सूची में शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच कराई जाए।
माया, सुमन, वीना, सत्यवती, अनीता व सविता मेंबर का कहना था कि हाल ही में गुपचुप तरीके से बीपीएल का सर्वे कराया गया है। उस सर्वे में अधिकारियों व सरपंचों ने मिलकर अपने मिलने वाले व रिश्तेदारों के जो कि हर तरह से सक्षम हैं, उनके नाम दर्ज करा दिए हैं, जबकि बेहद गरीब परिवारों के नाम सूची में से कटवा दिए हैं। बीपीएल सूची में से गरीबों के नाम एक राजनीति के तहत काटे गए हैं। सूची में से नाम कटने से उनको काफी नुकसान होगा। वे काफी गरीब परिवारों की महिलाएं हैं।
उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि इस मामले की जांच कराई जाए तथा उन गरीब परिवारों के नाम बीपीएल सूची में फिर से जोड़े जाएं, जिनके नाम पहले थे तथा अमीर परिवारों के नामों को काटा जाए। उन्होंने गरीब परिवारों के नाम काटने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। इस बारे में अतिरिक्त उपायुक्त सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले की जांच कराएंगे। किसी भी सही पात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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पलवल। बीपीएल सूची में से नाट काटे जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को मंडकौला से आई महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया तथा सूची में नाम जुड़वाने की मांग की। महिलाओं का आरोप था कि गरीब परिवारों के नाम बीपीएल की सूची में सर्वे करने के दौरान काट दिए गए हैं, जबकि अमीर परिवारों के नाम सूची में शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच कराई जाए।
माया, सुमन, वीना, सत्यवती, अनीता व सविता मेंबर का कहना था कि हाल ही में गुपचुप तरीके से बीपीएल का सर्वे कराया गया है। उस सर्वे में अधिकारियों व सरपंचों ने मिलकर अपने मिलने वाले व रिश्तेदारों के जो कि हर तरह से सक्षम हैं, उनके नाम दर्ज करा दिए हैं, जबकि बेहद गरीब परिवारों के नाम सूची में से कटवा दिए हैं। बीपीएल सूची में से गरीबों के नाम एक राजनीति के तहत काटे गए हैं। सूची में से नाम कटने से उनको काफी नुकसान होगा। वे काफी गरीब परिवारों की महिलाएं हैं।
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उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि इस मामले की जांच कराई जाए तथा उन गरीब परिवारों के नाम बीपीएल सूची में फिर से जोड़े जाएं, जिनके नाम पहले थे तथा अमीर परिवारों के नामों को काटा जाए। उन्होंने गरीब परिवारों के नाम काटने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। इस बारे में अतिरिक्त उपायुक्त सुरेंद्र सिंह का कहना है कि वे इस मामले की जांच कराएंगे। किसी भी सही पात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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