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विधायक निवास तक जुलूस निकाल किसानों ने जलाई कृषि कानूनों की प्रतियां
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पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने शनिवार को संपूर्ण क्रांति दिवस मनाया। इस दौरान अटोहां चौक स्थित धरना स्थल से विधायक दीपक मंगला के निवास तक जुलूस निकाला गया। करीब 500 मीटर पूर्व पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर रोके जाने पर महावीर जैन चौक पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई गई। इस दौरान किसानों ने सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में करीब एक घंटे तक धरना प्रदर्शन किया गया। धरने का नेतृत्व वरिष्ठ किसान नेता रतन सिंह सौरोत, स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती, धर्मचंद घुघेरा ने किया, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया।
सुबह से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियां में धरना स्थल पर पहुंचे। करीब 12 बजे किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, तिपहियों व बाइकों में सवार होकर विधायक दीपक मंगला के निवास के लिए रवाना हुए। शहर के बीचों-बीच निकाले गए जुलूस में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब एक बजे किसान महावीर जैन चौक पर पहुंचे। बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल तैनात रहा। किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने मौके पर तैनात अधिकारियों से विधायक के निवास तक जाने के लिए कहा, लेकिन अधिकारियों ने मना कर दिया। करीब आधा घंटे तक किसान नेताओं व पुलिस अधिकारियों में बहस चलती रही, लेकिन सहमति नहीं बनी। पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत भी मौके पर पहुंचे। अनुमति नहीं मिलने पर नाराज किसानों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में राजकुमार ओलिहान, सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान राजेश शर्मा, आप नेता कौशल ततारपुर, मूलचंद बड़गुर्जर, राजेश बहीन, उदय सिंह सरपंच, डालचंद रायदासका, राहुल तंवर, ताराचंद, रमेश चंद, अच्छेलाल जोधुपर, एडवोकेट महाराम सिंह, भागमल, कमल सिंह, हरनाम ने अपने विचार रखे।
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चुनावों में विधायकों को अपने दरवाजे तक नहीं आने देंगे किसान
धरने को संबोधित करते हुए स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि गाइड लाइन के हिसाब से निवास से 200 मीटर दूर प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन किसानों को 500 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। आगामी चुनावों में विधायकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। चुनावों में किसान भी अपने दरवाजे पर आने नहीं देगा। रतन सिंह सौरोत ने कहा कि बीते साल पांच जून को सरकार कृषि विधेयक लेकर आई थी, जिन्हें बिना किसानों से बातचीत कर पारित कर दिया गया। यह किसानों के साथ विश्वासघात है। पिछले छह माह से किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस द्वारा आगे जाने की अनुमति न देने से किसानों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
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रास्ता बंद होने पर राहगीरों को हुई परेशानी
शनिवार को किसानों के पूर्व घोषित प्रदर्शन को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। पुलिस ने सुबह ही विधायक के निवास की ओर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह से सील कर दिया। इस दौरान हुडा सैक्टर व हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले व राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। दिल्ली की तरफ हुड्डा चौक तथा बाजार के तरफ से महावीर जैन चौक पर बैरिकेडिंग कर किसानों को आगे नहीं जाने दिया। नाकों पर दंगा रोधी साजो सामान के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर पानी की बौछार करने व आंसू गैस फेंकने वाली गाड़ी भी तैनात रही।
फोटो कैप्शन
05श्चड्डद्यश्च6- पलवल में नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाते किसान।
05श्चड्डद्यश्च7- पलवल में विधायक निवास तक जाने को लेकर एसपी से बातचीत करते किसान नेता।
05श्चड्डद्यश्च8- पलवल में ट्रैक्टर-ट्रॉली में जुलूस निकालते जाते किसान।
05श्चड्डद्यश्च9- विधायक निवास के पास पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग
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सुबह से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियां में धरना स्थल पर पहुंचे। करीब 12 बजे किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, तिपहियों व बाइकों में सवार होकर विधायक दीपक मंगला के निवास के लिए रवाना हुए। शहर के बीचों-बीच निकाले गए जुलूस में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब एक बजे किसान महावीर जैन चौक पर पहुंचे। बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल तैनात रहा। किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने मौके पर तैनात अधिकारियों से विधायक के निवास तक जाने के लिए कहा, लेकिन अधिकारियों ने मना कर दिया। करीब आधा घंटे तक किसान नेताओं व पुलिस अधिकारियों में बहस चलती रही, लेकिन सहमति नहीं बनी। पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत भी मौके पर पहुंचे। अनुमति नहीं मिलने पर नाराज किसानों ने मौके पर ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन में राजकुमार ओलिहान, सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान राजेश शर्मा, आप नेता कौशल ततारपुर, मूलचंद बड़गुर्जर, राजेश बहीन, उदय सिंह सरपंच, डालचंद रायदासका, राहुल तंवर, ताराचंद, रमेश चंद, अच्छेलाल जोधुपर, एडवोकेट महाराम सिंह, भागमल, कमल सिंह, हरनाम ने अपने विचार रखे।
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चुनावों में विधायकों को अपने दरवाजे तक नहीं आने देंगे किसान
धरने को संबोधित करते हुए स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि गाइड लाइन के हिसाब से निवास से 200 मीटर दूर प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन किसानों को 500 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। आगामी चुनावों में विधायकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। चुनावों में किसान भी अपने दरवाजे पर आने नहीं देगा। रतन सिंह सौरोत ने कहा कि बीते साल पांच जून को सरकार कृषि विधेयक लेकर आई थी, जिन्हें बिना किसानों से बातचीत कर पारित कर दिया गया। यह किसानों के साथ विश्वासघात है। पिछले छह माह से किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस द्वारा आगे जाने की अनुमति न देने से किसानों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
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रास्ता बंद होने पर राहगीरों को हुई परेशानी
शनिवार को किसानों के पूर्व घोषित प्रदर्शन को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। पुलिस ने सुबह ही विधायक के निवास की ओर जाने वाले रास्ते को पूरी तरह से सील कर दिया। इस दौरान हुडा सैक्टर व हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले व राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। दिल्ली की तरफ हुड्डा चौक तथा बाजार के तरफ से महावीर जैन चौक पर बैरिकेडिंग कर किसानों को आगे नहीं जाने दिया। नाकों पर दंगा रोधी साजो सामान के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर पानी की बौछार करने व आंसू गैस फेंकने वाली गाड़ी भी तैनात रही।
फोटो कैप्शन
05श्चड्डद्यश्च6- पलवल में नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाते किसान।
05श्चड्डद्यश्च7- पलवल में विधायक निवास तक जाने को लेकर एसपी से बातचीत करते किसान नेता।
05श्चड्डद्यश्च8- पलवल में ट्रैक्टर-ट्रॉली में जुलूस निकालते जाते किसान।
05श्चड्डद्यश्च9- विधायक निवास के पास पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग