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Palwal News: तनाव मिटाने चले थे… कैंसर को बुलावा दे बैठे!
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हर हफ्ते चार नए मरीज, वो भी ओरल कैंसर के, वजह- तनाव, बेचैनी और अवसाद से भागने की कोशिश में पकड़ी गई तंबाकू की लत
निशांत पटेल
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में चल रहे टोबैको कंट्रोल एंड सेसेशन सेंटर (टीसीसी) से सामने आए आंकड़ों व जानकारी ने हकीकत का वो चेहरा दिखाया है, जो समाज अब भी नजरअंदाज कर रहा है। बीड़ी, हुक्का, सिगरेट सब ‘आराम’ के नाम पर शुरू होता है, लेकिन धीरे-धीरे शरीर में जहर बनकर बस जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस लत का शिकार ज्यादातर वो लोग हो रहे हैं, जो सिर्फ तनाव कम करना चाहते थे। इससे तंबाकू का सेवन धीरे-धीरे उन्हें गंभीर बीमारियों खासकर ओरल कैंसर की ओर धकेल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 60 प्रतिशत से अधिक मामलों में तंबाकू की लत मानसिक तनाव, अवसाद और सामाजिक दबाव से जुड़ी होती है।
हुक्का और बीड़ी का चलन ज्यादा, हुक्का अधिक खतरनाक
टीसीसी सेंटर की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. मधु डागर ने बताया कि प्रतिदिन औसतन दो से तीन लोग तंबाकू छोड़ने के लिए लेकर सेंटर पहुंच रहे हैं। सेंटर में कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (सीबीटी) और निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) दी जा रही है। लेकिन कई मरीज फॉलो-अप के लिए दोबारा नहीं लौटते, जिससे लंबी अवधि की सफलता में बाधा आती है। डॉ. डागर बताती हैं कि अधिकांश मरीजों की हिस्ट्री में हुक्का और बीड़ी का उपयोग अधिक पाया जाता है, लेकिन हुक्का ज्यादा खतरनाक है क्योंकि लोग इसे कम हानिकारक समझते हैं, जबकि यह धीरे-धीरे कैंसर का कारण बनता है। नींद न आना, एंग्जायटी, सिरदर्द और मानसिक असंतुलन आम लक्षण हैं, जिनमें लोग तंबाकू का सहारा लेते हैं। जिले में समय-समय पर स्कूलों और संस्थाओं में तंबाकू निषेध को लेकर चित्रकला प्रतियोगिता, मोटिवेशन एनहांसमेंट थैरेपी और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद लोगों में जानकारी की भारी कमी है।
हर सप्ताह 4 नए ओरल कैंसर के मरीज
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी अरोड़ा ने बताया कि अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे मरीज आते हैं, जिनमें मुंह में जलन, खाने में दिक्कत और गले में दर्द की शिकायत होती है। इनमें से हर सप्ताह लगभग चार मरीज ओरल कैंसर से पीड़ित निकलते हैं, जिनका सीधा संबंध तंबाकू सेवन से होता है। उन्होंने यह भी कहा कि पास में खड़ा व्यक्ति भी पैसिव स्मोकिंग का शिकार होता है, जो उतना ही खतरनाक है। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि अब तक जिन दो मरीजों की कीमोथेरेपी और रेडिएशन से इलाज चल रहा है, वे पूर्व में स्मोकर रहे हैं।
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योग से भी संभव है तंबाकू पर नियंत्रण : जिला आयुर्वेद अधिकारी
पलवल। तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिला आयुर्वेद अधिकारी ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, नींद में सुधार आता है और मन की एकाग्रता बढ़ती है, जिससे नशे की आदतों से बाहर निकलना आसान होता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, कपालभाति और ध्यान जैसी क्रियाएं मानसिक स्थिरता देती हैं और आत्म-नियंत्रण बढ़ाती हैं। तंबाकू छोड़ने की प्रक्रिया में दवा और काउंसलिंग के साथ योग को जोड़ने से बेहतर और टिकाऊ परिणाम मिल सकते हैं। संवाद
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नशा मुक्त हरियाणा के युवा ही आत्मनिर्भर भारत की नींव को करेंगे मजबूत : खेल मंत्री
पलवल। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आदित्य गौतम मेमोरियल ट्रस्ट एवं एक निजी कॉलेज की ओर से शनिवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से कॉलेज परिसर में आयोजित हुआ, इसमें हरियाणा सरकार के खेल मंत्री गौरव गौतम ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर गौरव गौतम ने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा के युवा ही आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत ही 2047 में विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनेगा। संवाद
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निशांत पटेल
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में चल रहे टोबैको कंट्रोल एंड सेसेशन सेंटर (टीसीसी) से सामने आए आंकड़ों व जानकारी ने हकीकत का वो चेहरा दिखाया है, जो समाज अब भी नजरअंदाज कर रहा है। बीड़ी, हुक्का, सिगरेट सब ‘आराम’ के नाम पर शुरू होता है, लेकिन धीरे-धीरे शरीर में जहर बनकर बस जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस लत का शिकार ज्यादातर वो लोग हो रहे हैं, जो सिर्फ तनाव कम करना चाहते थे। इससे तंबाकू का सेवन धीरे-धीरे उन्हें गंभीर बीमारियों खासकर ओरल कैंसर की ओर धकेल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 60 प्रतिशत से अधिक मामलों में तंबाकू की लत मानसिक तनाव, अवसाद और सामाजिक दबाव से जुड़ी होती है।
हुक्का और बीड़ी का चलन ज्यादा, हुक्का अधिक खतरनाक
टीसीसी सेंटर की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. मधु डागर ने बताया कि प्रतिदिन औसतन दो से तीन लोग तंबाकू छोड़ने के लिए लेकर सेंटर पहुंच रहे हैं। सेंटर में कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (सीबीटी) और निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एनआरटी) दी जा रही है। लेकिन कई मरीज फॉलो-अप के लिए दोबारा नहीं लौटते, जिससे लंबी अवधि की सफलता में बाधा आती है। डॉ. डागर बताती हैं कि अधिकांश मरीजों की हिस्ट्री में हुक्का और बीड़ी का उपयोग अधिक पाया जाता है, लेकिन हुक्का ज्यादा खतरनाक है क्योंकि लोग इसे कम हानिकारक समझते हैं, जबकि यह धीरे-धीरे कैंसर का कारण बनता है। नींद न आना, एंग्जायटी, सिरदर्द और मानसिक असंतुलन आम लक्षण हैं, जिनमें लोग तंबाकू का सहारा लेते हैं। जिले में समय-समय पर स्कूलों और संस्थाओं में तंबाकू निषेध को लेकर चित्रकला प्रतियोगिता, मोटिवेशन एनहांसमेंट थैरेपी और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद लोगों में जानकारी की भारी कमी है।
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हर सप्ताह 4 नए ओरल कैंसर के मरीज
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी अरोड़ा ने बताया कि अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे मरीज आते हैं, जिनमें मुंह में जलन, खाने में दिक्कत और गले में दर्द की शिकायत होती है। इनमें से हर सप्ताह लगभग चार मरीज ओरल कैंसर से पीड़ित निकलते हैं, जिनका सीधा संबंध तंबाकू सेवन से होता है। उन्होंने यह भी कहा कि पास में खड़ा व्यक्ति भी पैसिव स्मोकिंग का शिकार होता है, जो उतना ही खतरनाक है। डॉ. अरोड़ा ने बताया कि अब तक जिन दो मरीजों की कीमोथेरेपी और रेडिएशन से इलाज चल रहा है, वे पूर्व में स्मोकर रहे हैं।
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योग से भी संभव है तंबाकू पर नियंत्रण : जिला आयुर्वेद अधिकारी
पलवल। तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिला आयुर्वेद अधिकारी ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, नींद में सुधार आता है और मन की एकाग्रता बढ़ती है, जिससे नशे की आदतों से बाहर निकलना आसान होता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, कपालभाति और ध्यान जैसी क्रियाएं मानसिक स्थिरता देती हैं और आत्म-नियंत्रण बढ़ाती हैं। तंबाकू छोड़ने की प्रक्रिया में दवा और काउंसलिंग के साथ योग को जोड़ने से बेहतर और टिकाऊ परिणाम मिल सकते हैं। संवाद
नशा मुक्त हरियाणा के युवा ही आत्मनिर्भर भारत की नींव को करेंगे मजबूत : खेल मंत्री
पलवल। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आदित्य गौतम मेमोरियल ट्रस्ट एवं एक निजी कॉलेज की ओर से शनिवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से कॉलेज परिसर में आयोजित हुआ, इसमें हरियाणा सरकार के खेल मंत्री गौरव गौतम ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर गौरव गौतम ने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा के युवा ही आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत ही 2047 में विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनेगा। संवाद