Haryana: मुख्यमंत्री की घोषणा सुन बसों की तरफ लगाई दौड़, लेकिन नहीं मिले भोजन के पैकेट; प्यासी रह गईं महिलाएं
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा जनसभा में भाषण देने के बाद जैसे ही चले गए, वहां ड्यूटी पर तैनात अधिकांश पुलिस कर्मी भी अपने-अपने गणतव्यों की तरफ निकल लिए। जिससे वहां अफरातफरी मच गई।
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मुख्यमंत्री ने जैसे ही जनसभा स्थल पर मंच से घोषणा की कि रैली में आए लोगों के लिए बसों की सीट पर भोजन पैकेट रखवाए गए हैं, ताकि वह भूखे घर न जाएं, इसके बाद रैली समाप्त होते ही लोग बसों की तरफ दौड़ पड़े। लोग जैसे ही बसों के अंदर पहुंचे तो अधिकांश बसों की सीटों पर भोजन के पैकेट न मिलने पर लोगों में नाराजगी दिखाई दी। लोगों का कहना था कि जब भोजन के पैकेट थे ही नहीं तो फिर मुख्यमंत्री को मंच से घोषणा करने की क्या जरूरत थी।
पानी न मिलने से नाराज महिलाएं कार्यक्रम के बीच से ही उठकर चल दीं
झलकारी बाई जयंती समारोह में बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य महिलाएं बीच में ही शोर मचाते हुए उठकर चल दीं। उनका कहना था कि यहां बैठे तीन घंटे हो गए हैं, लेकिन पीने के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं है। इस बात से नाराजगी जताते हुए वह बीच कार्यक्रम से ही उठकर चल दीं। महिलाओं के इस तरह से बीच कार्यक्रम से उठकर जाते देख भाजपा कार्यकर्ताओं व महिला पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए उन्हें वापस बैठाया। उनके लिए पीने के लिए पानी की बोतलें भी भिजवाईं।
पूर्व विधायकों व पूर्व मंत्रियों को मंच पर नहीं चढ़ने दिया
जनसभा स्थल पर मुख्यमंत्री के लिए बनाए गए मंच पर किसी भी पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक को नहीं चढ़ने दिया गया। पूर्व मंत्री, पूर्व विधायकों तथा वरिष्ठ नेताओं के लिए बगल में अलग से मंंच बनाया गया था। एक-दो पूर्व विधायकों ने इस बात की नाराजगी भी प्रकट की। उनका कहना था कि पूर्व मंत्रियों को मुख्यमंत्री के मंच पर नहीं बैठने दिया, जबकि कुछ छुटभैया कार्यकर्ता मंच पर मौजूद रहे। एक पूर्व विधायक ने तो इसे पूर्व मंत्रियों व पूर्व विधायकों का अपमान करने के लिए राजनीति बताया।
ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे लोग
झलकारी बाई जयंती समारोह में लोग ढोल-नगाड़ों के साथ जनसभा में पहुंचे। चारों तरफ मुख्यमंत्री मनोहर लाल व प्रधानमंत्री जिंदाबाद के नारे लोग लगाते रहे। खास बात यह रही कि इस बार रैली स्थल पर मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य नेता व विधायक के जिंदाबाद के नारे नहीं लगाए गए।
मुख्यमंत्री के जाते ही पुलिसकर्मी बैठे आराम से, मची अफरातफरी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा जनसभा में भाषण देने के बाद जैसे ही चले गए, वहां ड्यूटी पर तैनात अधिकांश पुलिस कर्मी भी अपने-अपने गणतव्यों की तरफ निकल लिए। जिससे वहां अफरातफरी मच गई। लोग इधर से उधर भाग गए और सड़कों पर एक बार जाम की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मोर्चा संभाला और वाहनों को निकलवाया।
पलवल के विधायक दीपक मंगला को दिया महत्व
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य स्तरीय झलकारी बाई जयंती कार्यक्रम में पलवल जिले के तीनों विधायकों में से केवल पलवल के विधायक दीपक मंगला को महत्व दिया। रैली में मंच पर केवल विधायक दीपक मंगला को बोलने का मौका दिया, जबकि होडल के विधायक जगदीश नायर व हथीन के विधायक प्रवीण डागर को बोलने का मौका नहीं मिला। यहां तक की होडल व हथीन के विधायकों को मुख्यमंत्री का स्वागत करने तक के लिए आमंत्रित नहीं किया गया।