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Palwal News: दिन में कूड़े के ढेर, रात में आग के हवाले शहर
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से फिरोजपुर झिरका में बिगड़े हालात, दुर्गंध से बचने के लिए रात में कूड़ा जला रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। दिनभर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। रात के अंधेरे में इन्हीं ढेरों को आग के हवाले किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई दिनों से कूड़े का नियमित उठान नहीं होने से हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि दुर्गंध से परेशान कुछ शहरवासी कूड़े को जलाकर उससे छुटकारा पाने का प्रयास कर रहे हैं। रात में सुलगते कूड़े के ढेर से उठता धुआं आसपास के इलाकों में फैल रहा है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था के बाद अब वायु प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता दिख रहा है।
शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे, खाली स्थानों और आबादी के आसपास कूड़ा जमा है। कई दिनों से उठान नहीं होने के कारण कूड़े के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिन में तेज दुर्गंध के कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि समस्या से तत्काल राहत पाने के लिए कुछ लोग रात के समय इन ढेरों में आग लगा रहे हैं। इससे कूड़ा तो कुछ हद तक कम दिखाई देता है, लेकिन उसके साथ निकलने वाला धुआं हवा में घुलकर लोगों के लिए नई परेशानी खड़ी कर रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा खतरा
शहर में जमा कूड़ा मिश्रित होने के कारण इसमें प्लास्टिक, पॉलिथीन, रबर, कपड़े और अन्य सामग्री भी शामिल रहती है। ऐसे कचरे को खुले में जलाने से धुआं और कई तरह के प्रदूषक वातावरण में फैल सकते हैं। इससे आसपास रहने वाले लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसी स्थिति ज्यादा परेशानी पैदा कर सकती है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में पैदा हुआ कूड़ा प्रबंधन का संकट अब दूसरे रूप में सामने आ रहा है। एक तरफ कूड़े के ढेर और दुर्गंध से लोग परेशान हैं तो दूसरी तरफ इन्हें जलाए जाने से स्थानीय स्तर पर धुएं और वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों का कहना है कि कूड़ा उठाने की व्यवस्था जल्द बहाल किए बिना समस्या लगातार गंभीर होती जाएगी। शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक भी करीब 108 से 140 के बीच दर्ज किया जा रहा है। औसत स्तर करीब 122 से 140 तक रहने की स्थिति में खुले में कूड़ा जलाए जाने से स्थानीय स्तर पर धुएं की समस्या और बढ़ सकती है।
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नगरपालिका को नोटिस देने की तैयारी
कूड़े के ढेर में आग लगाए जाने की घटनाओं को लेकर प्रदूषण विभाग भी सक्रिय हुआ है। प्रदूषण विभाग के एसडीओ नीरज यादव ने बताया कि खुले में कूड़ा जलाने पर रोक है। कूड़े के ढेर में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए नगरपालिका को नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर निगरानी रखी जाएगी और प्रदूषण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
हड़ताल खत्म होने पर ही सुधरेंगे हालात
शहरवासियों का कहना है कि कूड़ा जलाने की नौबत इसलिए आ रही है क्योंकि कई दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित है। लोगों ने प्रशासन और सरकार से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का जल्द समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमित कूड़ा उठान शुरू होने के बाद ही सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़े के ढेर हटेंगे और लोगों को दुर्गंध से राहत मिलेगी। साथ ही प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जमा कूड़े को जलाकर निस्तारित न किया जाए। नगरपालिका फिरोजपुर झिरका के अध्यक्ष मनीष जैन ने कहा कि कूड़ा जलाने पर रोक है। ऐसे स्थानों को अधिकारियों को भेजकर चिह्नित कराया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कूड़ा नहीं जलाया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण व्यवस्था चरमराई हुई है और सरकार इसका समाधान निकालने के लगातार प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कोई हल निकलेगा और लोगों को राहत मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। दिनभर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। रात के अंधेरे में इन्हीं ढेरों को आग के हवाले किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई दिनों से कूड़े का नियमित उठान नहीं होने से हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि दुर्गंध से परेशान कुछ शहरवासी कूड़े को जलाकर उससे छुटकारा पाने का प्रयास कर रहे हैं। रात में सुलगते कूड़े के ढेर से उठता धुआं आसपास के इलाकों में फैल रहा है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था के बाद अब वायु प्रदूषण का खतरा भी बढ़ता दिख रहा है।
शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे, खाली स्थानों और आबादी के आसपास कूड़ा जमा है। कई दिनों से उठान नहीं होने के कारण कूड़े के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिन में तेज दुर्गंध के कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि समस्या से तत्काल राहत पाने के लिए कुछ लोग रात के समय इन ढेरों में आग लगा रहे हैं। इससे कूड़ा तो कुछ हद तक कम दिखाई देता है, लेकिन उसके साथ निकलने वाला धुआं हवा में घुलकर लोगों के लिए नई परेशानी खड़ी कर रहा है।
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बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा खतरा
शहर में जमा कूड़ा मिश्रित होने के कारण इसमें प्लास्टिक, पॉलिथीन, रबर, कपड़े और अन्य सामग्री भी शामिल रहती है। ऐसे कचरे को खुले में जलाने से धुआं और कई तरह के प्रदूषक वातावरण में फैल सकते हैं। इससे आसपास रहने वाले लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसी स्थिति ज्यादा परेशानी पैदा कर सकती है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में पैदा हुआ कूड़ा प्रबंधन का संकट अब दूसरे रूप में सामने आ रहा है। एक तरफ कूड़े के ढेर और दुर्गंध से लोग परेशान हैं तो दूसरी तरफ इन्हें जलाए जाने से स्थानीय स्तर पर धुएं और वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों का कहना है कि कूड़ा उठाने की व्यवस्था जल्द बहाल किए बिना समस्या लगातार गंभीर होती जाएगी। शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक भी करीब 108 से 140 के बीच दर्ज किया जा रहा है। औसत स्तर करीब 122 से 140 तक रहने की स्थिति में खुले में कूड़ा जलाए जाने से स्थानीय स्तर पर धुएं की समस्या और बढ़ सकती है।
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नगरपालिका को नोटिस देने की तैयारी
कूड़े के ढेर में आग लगाए जाने की घटनाओं को लेकर प्रदूषण विभाग भी सक्रिय हुआ है। प्रदूषण विभाग के एसडीओ नीरज यादव ने बताया कि खुले में कूड़ा जलाने पर रोक है। कूड़े के ढेर में आग लगाने की घटनाओं को रोकने के लिए नगरपालिका को नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर निगरानी रखी जाएगी और प्रदूषण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
हड़ताल खत्म होने पर ही सुधरेंगे हालात
शहरवासियों का कहना है कि कूड़ा जलाने की नौबत इसलिए आ रही है क्योंकि कई दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित है। लोगों ने प्रशासन और सरकार से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का जल्द समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमित कूड़ा उठान शुरू होने के बाद ही सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़े के ढेर हटेंगे और लोगों को दुर्गंध से राहत मिलेगी। साथ ही प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जमा कूड़े को जलाकर निस्तारित न किया जाए। नगरपालिका फिरोजपुर झिरका के अध्यक्ष मनीष जैन ने कहा कि कूड़ा जलाने पर रोक है। ऐसे स्थानों को अधिकारियों को भेजकर चिह्नित कराया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कूड़ा नहीं जलाया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण व्यवस्था चरमराई हुई है और सरकार इसका समाधान निकालने के लगातार प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कोई हल निकलेगा और लोगों को राहत मिलेगी।