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Palwal News: कूड़े में सुलग रहीं ग्रेप की पाबंदियां
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श्री सत्य साईं संजीवनी इंटरनेशनल सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर एंड रिसर्च के पास सर्विस लेन पर जल
कचरे की आग से बिगड़ रही आबोहवा
खाली प्लॉट, सड़क किनारे और डंपिंग यार्ड में जमा कूड़े में आग लगाने से उठ रहा धुएं का गुबार
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। एक ओर दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्नेप) का पहला चरण लागू है, वहीं दूसरी ओर पलवल शहर में कचरा जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कचरे के ढेर में आग लगाने से जहरीला धुआं वातावरण में फैल रहा है। जिला प्रशासन की ओर से कचरा जलाने पर रोक और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों और शहर की स्थिति के बीच अंतर नजर आ रहा है।
शहर में खाली प्लॉटों, सड़कों के किनारे और कचरा एकत्रित होने वाले स्थानों पर आग लगाए जाने से धुएं का गुबार उठ रहा है। कचरे में प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य अपशिष्ट पदार्थ शामिल होने के कारण इनके जलने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल असर पड़ने का खतरा है।
गौतम मार्केट से पुराने कोर्ट परिसर तक प्रदूषण
पड़ताल में सामने आया कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कचरे के ढेर में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। गौतम मार्केट और पंचवटी कॉलोनी के साथ-साथ पुराने कोर्ट परिसर में भी कचरा जलाया जा रहा है। पुराने कोर्ट परिसर में कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आमजन पहुंचते हैं। इसके बावजूद परिसर में कचरा जलने से उठने वाला धुआं आसपास के वातावरण में फैल रहा है। बघौला के पास स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी इंटरनेशनल सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर एंड रिसर्च के पास सर्विस लेन पर भी लंबे समय से कचरा डाला जा रहा है। करीब दो सप्ताह से यहां कचरे में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे उठने वाला धुआं सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
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नगर परिषद ने पांच सदस्यीय टीम का किया गठन
नगर परिषद के एसआई संदीप ने बताया कि ग्रेप के नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए नगर परिषद ने पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है। शुक्रवार को गठित यह टीम एसी भगत सिंह की अध्यक्षता में काम करेगी। टीम के सदस्य शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी करेंगे और कचरा जलाने तथा खुले में कचरा फेंकने वालों पर नजर रखेंगे। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर परिषद की इस पहल का उद्देश्य शहर में खुले में कचरा डालने और जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
कोट
वायु प्रदूषण की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। - डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, उपायुक्त
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खाली प्लॉट, सड़क किनारे और डंपिंग यार्ड में जमा कूड़े में आग लगाने से उठ रहा धुएं का गुबार
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। एक ओर दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्नेप) का पहला चरण लागू है, वहीं दूसरी ओर पलवल शहर में कचरा जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कचरे के ढेर में आग लगाने से जहरीला धुआं वातावरण में फैल रहा है। जिला प्रशासन की ओर से कचरा जलाने पर रोक और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों और शहर की स्थिति के बीच अंतर नजर आ रहा है।
शहर में खाली प्लॉटों, सड़कों के किनारे और कचरा एकत्रित होने वाले स्थानों पर आग लगाए जाने से धुएं का गुबार उठ रहा है। कचरे में प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य अपशिष्ट पदार्थ शामिल होने के कारण इनके जलने से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। इससे आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल असर पड़ने का खतरा है।
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गौतम मार्केट से पुराने कोर्ट परिसर तक प्रदूषण
पड़ताल में सामने आया कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कचरे के ढेर में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। गौतम मार्केट और पंचवटी कॉलोनी के साथ-साथ पुराने कोर्ट परिसर में भी कचरा जलाया जा रहा है। पुराने कोर्ट परिसर में कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आमजन पहुंचते हैं। इसके बावजूद परिसर में कचरा जलने से उठने वाला धुआं आसपास के वातावरण में फैल रहा है। बघौला के पास स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी इंटरनेशनल सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर एंड रिसर्च के पास सर्विस लेन पर भी लंबे समय से कचरा डाला जा रहा है। करीब दो सप्ताह से यहां कचरे में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे उठने वाला धुआं सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
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नगर परिषद ने पांच सदस्यीय टीम का किया गठन
नगर परिषद के एसआई संदीप ने बताया कि ग्रेप के नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए नगर परिषद ने पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है। शुक्रवार को गठित यह टीम एसी भगत सिंह की अध्यक्षता में काम करेगी। टीम के सदस्य शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी करेंगे और कचरा जलाने तथा खुले में कचरा फेंकने वालों पर नजर रखेंगे। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि नगर परिषद की इस पहल का उद्देश्य शहर में खुले में कचरा डालने और जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना तथा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
कोट
वायु प्रदूषण की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। - डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर, उपायुक्त