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शौचालयों के लिए अब नहीं मिलेगी सहायता राशि

Sat, 23 Jul 2016 04:19 PM IST
palwal
palwal Updated Sat, 23 Jul 2016 04:19 PM IST
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govt not giving amount for toilet
ग्रामीण आंचल में सरकारी पैसे से शौचालय बनवाने की बाट जोह रहे लोगों को करारा झटका लगा है। सरकार ने शौचालय बनवाने के लिए दी जाने वाली 12 हजार रुपये की ग्रांट को बंद कर दिया है। गांवों में बसने वाले लोगों को अब अपने स्तर पर ही शौचालयों का निर्माण कराना होगा।
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बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के मामलों को देखते हुए सरकार ने योजना में यह बदलाव किया है। इसके बाद खुले में शौच मुक्त करने के अभियान को सरकार किस तरह सिरे चढ़ा पाएगी, यह अभियान के सलाहकार ही बेहतर बता सकते है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पलवल जिले में स्वच्छता अभियान के तहत करीब 11 करोड़ रुपये शौचालय निर्माण पर खर्च किए गए।
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इससे पूरे जिले में 16 हजार शौचालयों का निर्माण कराया गया है, लेकिन गत माह शौचालय निर्माण में घोटाले का मामला जोर-शोर से उठने से सरकार यह सोचने पर मजबूर हो गई कि
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लोगों को दिए जाने वाला अनुदान लोगों तक न पहुंचकर इस अभियान से जुडे़ लोगों की जेब में जा रहा है। 


इससे इस अभियान के तहत दिए जाने वाले अनुदान को अब बंद कर दिया गया है। अब इस अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए पैसा न देकर केवल लोगों को जागरूक किया जाएगा कि वह अपना फर्ज समझकर स्वयं शौचालय बनवाएं। अब केवल जिला स्तर पर सबसे स्वच्छ व चालू शौचालय को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इससे उन हजारों लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है जो शौचालय निर्माण के लिए सरकारी सहायता राशि का इंतजार कर रहे थे।
 
बड़ा घोटाला आया था सामने  
-उल्लेखनीय है कि स्वच्छता अभियान में घोटाले का मामला उजागर होते ही कई लोगों पर इसकी गाज गिर गई। हथीन उपमंडल के दर्जनों गांवों में फर्जी तरीके से लाखों रुपये शौचालय के लिए लोगों को दिए गए। गांव खिल्लुका में 108 शौचालयों में मात्र पांच शौचालय ही सही पाए गए। कई गांवों में तो सैकड़ों शौचालयों की लाखों रुपये की ग्रांट भी लोगों को प्राप्त हो चुकी है। जब इस मामले की एडीसी द्वारा गहराई से जांच कराई तो 103 शौचालय अकेले एक ही गांव खिल्लुका में फर्जी पाए गए। खिल्लुका के अलावा और भी दर्जनों गांवों में भी ऐसे मामले सामने आ सकते हैं, जिससे सरकार को मजबूर होकर इस अभियान को बदलना पड़ा है। 

 
-इस अभियान के तहत दिए जाने वाले अनुदान को बंद कर दिया गया है। करीब दो हजार लोगों के फार्म अभी कार्यालय में ग्रांट के लिए आए हुए हैं,  लेकिन वह अभी उनके द्वारा वैरीफाई नहीं किए गए हैं। अब लोगों को अपना फर्ज समझकर स्वयं शौचालय बनवाने होंगे। 
-नवीन शर्मा,  जिला समन्वयक, स्वच्छता अभियान।
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